{"_id":"679a6b308287f667f70ffeb0","slug":"death-came-after-touching-mahakumbh-people-were-shocked-etah-news-c-163-1-sagr1016-128901-2025-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: महाकुंभ में छूकर निकल गई मौत, सिहर गए थे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: महाकुंभ में छूकर निकल गई मौत, सिहर गए थे लोग
Wed, 29 Jan 2025 11:23 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 29 Jan 2025 11:23 PM IST
विज्ञापन
एटा। आस्था के हृदय में संजोए संगम स्नान के लिए एटा से भी मंगलवार की रात कई लोग महाकुंभ में पहुंचे थे। आधी रात के बाद भगदड़ मची, जिसमें फंस गए। मानो मौत छूकर ही निकल गई। निधौली कलां के शेरपाल गिरकर बुरी तरह जख्मी हो गए। शहर के नागेंद्र भगदड़ में से सुरक्षित निकल आए।
निधौली कलां कस्बे के रहने वाले रवि राजपूत ने फोन पर बताया कि कस्बे से 10 लोग टूंडला से ट्रेन द्वारा मंगलवार शाम प्रयागराज पहुंचे। वहां संगम पर बहुत ही ज्यादा भीड़ थी। स्नान के बाद हम लोग निकलने लगे। निकास के लिए अलग से एक रास्ता बनाया गया था जो भीड़ के आगे काफी छोटा लग रहा था। अचानक पीछे से एक धक्का आया और महिला-बुजुर्ग आदि कमजोर लोग गिरने लगे।
हम सब लोग भी बुरी तरह फंसे हुए थे। जबकि हमारे साथ गए महात्मा शेरपाल सिंह नीचे गिर पड़े। उनके ऊपर से भीड़ गुजर गई। काफी मुश्किल से उन्हें हम लोगों ने बचाया। फोर्स ने आकर बचाव कार्य शुरू किया। हम सभी को हल्की-फुल्की चोटें आईं। जबकि शेरपाल काफी घायल हो गए। बाद में उपचार का बहुत अच्छा इंतजाम था। सभी का इलाज हुआ।
विज्ञापन
शहर के शास्त्री नगर में रहने वाले नागेंद्र एटा और मथुरा के 2-2 साथियों के साथ मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए कुंभ गए थे। उन्होंने बताया कि हम लोग रात करीब 10 बजे पहुंचे। 18 नंबर पीपा पुल पर से निकल रहे थे। उसी समय कोई बाइक ले आया और अचानक भगदड़ मच गई। इसमें हम लोगों सहित 15-20 लोग बुरी तरह फंस गए। हालांकि तुरंत फोर्स आ गया और सभी को वहां से निकलवा दिया लेकिन इसके बाद जाकर देखा तो संगम पर अपार भीड़ थी।
हर व्यक्ति संगम पर ही स्नान करना चाहता था, इधर-उधर नहीं नहाना चाहता था। इस वजह से भीड़ लगातार बढ़ रही थी, उन्हें रोकने की कोई व्यवस्था नहीं थी। फिर वहां भगदड़ मची, तब तक हम लोग स्नान कर निकल लिए थे, हम लोगों के साथ काफी गनीमत रही। अन्य साथियों से भी फोन पर संपर्क हो गया है, वह सुरक्षित हैं और एटा आ रहे हैं।
भगदड़ में बिछड़ गए साथी
भगदड़ ऐसी मची कि खुद को बचाना मुश्किल पड़ गया, ऐसे में साथी बिछड़ते गए। रवि ने बताया कि हम 10 लोग साथ में थे। भगदड़ मची तो सभी फंस गए। जब निकाले गए तो साथी होरीलाल और राधेश्याम बिछड़ गए। उस समय मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह बंद कर दिया गया था। बाद में जब कॉल सुविधा शुरू हुई तो दोनों से फोन पर संपर्क हुआ। सुरक्षित होने की सूचना पर चैन पड़ा। वहीं, नागेंद्र ने बताया कि भगदड़ में मथुरा के हमारे दोनों साथी बिछड़ गए। एटा का साथी बॉबी भी अलग हो गया और वह रात में ही एटा के लिए निकल गया। मैं और भोला साथ में आ रहे हैं।
विज्ञापन
निधौली कलां कस्बे के रहने वाले रवि राजपूत ने फोन पर बताया कि कस्बे से 10 लोग टूंडला से ट्रेन द्वारा मंगलवार शाम प्रयागराज पहुंचे। वहां संगम पर बहुत ही ज्यादा भीड़ थी। स्नान के बाद हम लोग निकलने लगे। निकास के लिए अलग से एक रास्ता बनाया गया था जो भीड़ के आगे काफी छोटा लग रहा था। अचानक पीछे से एक धक्का आया और महिला-बुजुर्ग आदि कमजोर लोग गिरने लगे।
विज्ञापन
हम सब लोग भी बुरी तरह फंसे हुए थे। जबकि हमारे साथ गए महात्मा शेरपाल सिंह नीचे गिर पड़े। उनके ऊपर से भीड़ गुजर गई। काफी मुश्किल से उन्हें हम लोगों ने बचाया। फोर्स ने आकर बचाव कार्य शुरू किया। हम सभी को हल्की-फुल्की चोटें आईं। जबकि शेरपाल काफी घायल हो गए। बाद में उपचार का बहुत अच्छा इंतजाम था। सभी का इलाज हुआ।
विज्ञापन
शहर के शास्त्री नगर में रहने वाले नागेंद्र एटा और मथुरा के 2-2 साथियों के साथ मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए कुंभ गए थे। उन्होंने बताया कि हम लोग रात करीब 10 बजे पहुंचे। 18 नंबर पीपा पुल पर से निकल रहे थे। उसी समय कोई बाइक ले आया और अचानक भगदड़ मच गई। इसमें हम लोगों सहित 15-20 लोग बुरी तरह फंस गए। हालांकि तुरंत फोर्स आ गया और सभी को वहां से निकलवा दिया लेकिन इसके बाद जाकर देखा तो संगम पर अपार भीड़ थी।
हर व्यक्ति संगम पर ही स्नान करना चाहता था, इधर-उधर नहीं नहाना चाहता था। इस वजह से भीड़ लगातार बढ़ रही थी, उन्हें रोकने की कोई व्यवस्था नहीं थी। फिर वहां भगदड़ मची, तब तक हम लोग स्नान कर निकल लिए थे, हम लोगों के साथ काफी गनीमत रही। अन्य साथियों से भी फोन पर संपर्क हो गया है, वह सुरक्षित हैं और एटा आ रहे हैं।
भगदड़ में बिछड़ गए साथी
भगदड़ ऐसी मची कि खुद को बचाना मुश्किल पड़ गया, ऐसे में साथी बिछड़ते गए। रवि ने बताया कि हम 10 लोग साथ में थे। भगदड़ मची तो सभी फंस गए। जब निकाले गए तो साथी होरीलाल और राधेश्याम बिछड़ गए। उस समय मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह बंद कर दिया गया था। बाद में जब कॉल सुविधा शुरू हुई तो दोनों से फोन पर संपर्क हुआ। सुरक्षित होने की सूचना पर चैन पड़ा। वहीं, नागेंद्र ने बताया कि भगदड़ में मथुरा के हमारे दोनों साथी बिछड़ गए। एटा का साथी बॉबी भी अलग हो गया और वह रात में ही एटा के लिए निकल गया। मैं और भोला साथ में आ रहे हैं।