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Etah News: सिस्टम की नाकामी... 45 दिन बाद ही ठप कर दी रोडवेज बस सेवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
निधौली कलां। ग्रामीणों और किसानों को सहूलियत देने के मकसद से मुख्यमंत्री परिवहन बस सेवा शुरू की गई थी मगर प्राइवेट ऑपरेटर्स और रोडवेज अफसरों की जुगलबंदी ने सिस्टम को फेल कर दिया।
महज 45 दिन में ही बस सेवा दम तोड़ गई। निगम को इन बसों के संचालन से घाटा हो रहा है, जबकि इन्हीं रूटों पर चलने वालीं प्राइवेट बसें व डग्गेमारों के लिए सवारियों की कोई कमी नहीं है। अब किसान परेशान हैं।
जिले के दूरदराज से शहर में आने वाले ग्रामीणों के लिए निधौलीकलां से भी यह बस सेवा शुरू की गई थी। इससे ग्रामीणों को खासा फायदा हुआ था मगर 45 दिन बाद इसे बिना किसी सूचना के बंद कर दिया गया। भारतीय किसान यूनियन (सुनील गुट) के प्रदेश सचिव पुष्पेंद्र सिंह कुशवाहा ने आरोप लगाया कि निधौली कलां क्षेत्र में पिछले नौ वर्षों से प्राइवेट बस संचालकों का वर्चस्व है। उन्होंने कहा कि रोडवेज विभाग में प्राइवेट बस संचालकों की घुसपैठ के कारण ही यह बसें सफल नहीं हो सकती हैं।
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उनका कहना है कि ज्यादातर मलाईदार रूटों पर प्राइवेट ऑपरेटर्स ही अपने वाहन संचालित करना चाहते हैं। यही कारण है कि वह रोडवेज बसों को सफल नहीं होने देते हैं। उन्होंने बस सेवा दोबारा शुरू कराने की मांग की है। साथ ही प्राइवेट बसों के संचालन और किराया वसूली की जांच की मांग की है।
उनका कहना है कि आरटीओ के प्रवर्तन दल भी नियमों को ताक पर रखकर सवारियां ढो रहीं बसों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं।
किसान रामखिलाड़ी ने बताया कि इस बस को ज्यादा दिन चलाया ही नहीं गया। सरकारी महकमे सरकार को बदनाम करने के लिए ऐसी सुविधाओं का संचालन भी सुचारू नहीं करते हैं, ताकि जवाबदेही ही नहीं रहे।
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निधौली कलां। ग्रामीणों और किसानों को सहूलियत देने के मकसद से मुख्यमंत्री परिवहन बस सेवा शुरू की गई थी मगर प्राइवेट ऑपरेटर्स और रोडवेज अफसरों की जुगलबंदी ने सिस्टम को फेल कर दिया।
महज 45 दिन में ही बस सेवा दम तोड़ गई। निगम को इन बसों के संचालन से घाटा हो रहा है, जबकि इन्हीं रूटों पर चलने वालीं प्राइवेट बसें व डग्गेमारों के लिए सवारियों की कोई कमी नहीं है। अब किसान परेशान हैं।
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जिले के दूरदराज से शहर में आने वाले ग्रामीणों के लिए निधौलीकलां से भी यह बस सेवा शुरू की गई थी। इससे ग्रामीणों को खासा फायदा हुआ था मगर 45 दिन बाद इसे बिना किसी सूचना के बंद कर दिया गया। भारतीय किसान यूनियन (सुनील गुट) के प्रदेश सचिव पुष्पेंद्र सिंह कुशवाहा ने आरोप लगाया कि निधौली कलां क्षेत्र में पिछले नौ वर्षों से प्राइवेट बस संचालकों का वर्चस्व है। उन्होंने कहा कि रोडवेज विभाग में प्राइवेट बस संचालकों की घुसपैठ के कारण ही यह बसें सफल नहीं हो सकती हैं।
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उनका कहना है कि ज्यादातर मलाईदार रूटों पर प्राइवेट ऑपरेटर्स ही अपने वाहन संचालित करना चाहते हैं। यही कारण है कि वह रोडवेज बसों को सफल नहीं होने देते हैं। उन्होंने बस सेवा दोबारा शुरू कराने की मांग की है। साथ ही प्राइवेट बसों के संचालन और किराया वसूली की जांच की मांग की है।
उनका कहना है कि आरटीओ के प्रवर्तन दल भी नियमों को ताक पर रखकर सवारियां ढो रहीं बसों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं।
किसान रामखिलाड़ी ने बताया कि इस बस को ज्यादा दिन चलाया ही नहीं गया। सरकारी महकमे सरकार को बदनाम करने के लिए ऐसी सुविधाओं का संचालन भी सुचारू नहीं करते हैं, ताकि जवाबदेही ही नहीं रहे।