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Etah News: गांव में घुसा मगरमच्छ, जानवर बन गए लोग
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नगला गलू गांव में नुकीले हथियार से मगरमच्छ पर प्रहार करते ग्रामीण। स्रोत वीडियोग्रैब
एटा। गांव नगला गलू में शनिवार रात एक मगरमच्छ घुस आया। ग्रामीणों में दहशत फैल गई। इसी बीच कुछ लोगों ने मगरमच्छ को रस्सी से बांध दिया और बेरहमी से नुकीले हथियारों से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस क्रूरता का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तब वन विभाग को खबर हुई। विभाग ने कोतवाली देहात में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
घटना रात करीब 10 बजे की है। बताया जा रहा है कि बेजुबान को मारने के बाद ग्रामीण उसके शव को गांव के बाहर सड़क किनारे जामुन के पेड़ के नीचे छोड़कर भाग गए थे। वायरल वीडियो जब वन विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा तो हरकत में आई टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ के शव को कब्जे में ले लिया।
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
वन विभाग के रेंजर केके जैन ने बताया कि तीन पशु चिकित्सकों के पैनल से मगरमच्छ का पोस्टमार्टम कराकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने बताया कि किसी भी वन्यजीव को इस तरह मारना गंभीर अपराध है। वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मगरमच्छ को मारने वाले आरोपियों की पहचान की जा रही है।
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-- -इनसेट-- --
बाघ के बराबर है मगरमच्छ को सुरक्षा
भारत में मगरमच्छ को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की अनुसूची-1 के तहत रखा गया है। कानूनी तौर पर इसे बाघ, शेर और हाथी के बराबर ही सर्वोच्च श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। मगरमच्छ का शिकार करना, मारना या उसे नुकसान पहुंचाना एक गंभीर गैर जमानती अपराध है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर तीन से सात साल तक की जेल और कम से कम 25 हजार रुपये जुर्माने का कड़ा प्रावधान है।
वर्जन
नगला गलू में शनिवार रात ग्रामीणों ने एक मगरमच्छ को मार डाला है। वन्यजीव की हत्या एक गंभीर अपराध है। वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है, जिसके बाद उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- विपिन वर्मा, डीएफओ
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घटना रात करीब 10 बजे की है। बताया जा रहा है कि बेजुबान को मारने के बाद ग्रामीण उसके शव को गांव के बाहर सड़क किनारे जामुन के पेड़ के नीचे छोड़कर भाग गए थे। वायरल वीडियो जब वन विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा तो हरकत में आई टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ के शव को कब्जे में ले लिया।
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तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
वन विभाग के रेंजर केके जैन ने बताया कि तीन पशु चिकित्सकों के पैनल से मगरमच्छ का पोस्टमार्टम कराकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने बताया कि किसी भी वन्यजीव को इस तरह मारना गंभीर अपराध है। वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मगरमच्छ को मारने वाले आरोपियों की पहचान की जा रही है।
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बाघ के बराबर है मगरमच्छ को सुरक्षा
भारत में मगरमच्छ को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की अनुसूची-1 के तहत रखा गया है। कानूनी तौर पर इसे बाघ, शेर और हाथी के बराबर ही सर्वोच्च श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। मगरमच्छ का शिकार करना, मारना या उसे नुकसान पहुंचाना एक गंभीर गैर जमानती अपराध है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर तीन से सात साल तक की जेल और कम से कम 25 हजार रुपये जुर्माने का कड़ा प्रावधान है।
वर्जन
नगला गलू में शनिवार रात ग्रामीणों ने एक मगरमच्छ को मार डाला है। वन्यजीव की हत्या एक गंभीर अपराध है। वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है, जिसके बाद उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- विपिन वर्मा, डीएफओ