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दुष्कर्म के आरोपी को सात वर्ष की सजा
ब्यूरो, अमर उजाला, एटा
Updated Sat, 20 May 2017 11:35 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : file photo
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ढोलना थाना क्षेत्र के एक गांव में सात वर्ष पूर्व एक विवाहिता से तमंचे के बल पर आरोपी ने दुष्कर्म का शिकार बना डाला। ढोलना पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के बाद आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया।
इस मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय हरविंदर सिंह ने आरोपी को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है वहीं दस हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया है।
ढोलना के गांव गोशपुर भूपालगढ़ी में 25 मार्च 2010 को विवाहिता को मध्यरात्रि के समय गांव के आरोपी हरिओम ने दुष्कर्म का शिकार बना डाला। विवाहिता रात्रि के समय अपने बच्चों के साथ सो रही थी। विवाहिता का पति घर पर नहीं था। वह गाजियाबाद में नौकरी करता है। दुष्कर्म की की घटना के बाद ढोलना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने पैरवी करते हुए दुष्कर्म के आरोपी को सजा देने की न्यायालय से अपील की। अपर सत्र न्यायाधीश ने सात साल की सजा सुनाते हुए दस हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया। अर्थदंड की धनराशि में से आठ हजार रुपये दुष्कर्म पीड़िता को दिए जाने के निर्देश दिए।
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इस मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय हरविंदर सिंह ने आरोपी को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है वहीं दस हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया है।
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ढोलना के गांव गोशपुर भूपालगढ़ी में 25 मार्च 2010 को विवाहिता को मध्यरात्रि के समय गांव के आरोपी हरिओम ने दुष्कर्म का शिकार बना डाला। विवाहिता रात्रि के समय अपने बच्चों के साथ सो रही थी। विवाहिता का पति घर पर नहीं था। वह गाजियाबाद में नौकरी करता है। दुष्कर्म की की घटना के बाद ढोलना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार यादव ने पैरवी करते हुए दुष्कर्म के आरोपी को सजा देने की न्यायालय से अपील की। अपर सत्र न्यायाधीश ने सात साल की सजा सुनाते हुए दस हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया। अर्थदंड की धनराशि में से आठ हजार रुपये दुष्कर्म पीड़िता को दिए जाने के निर्देश दिए।