{"_id":"b3392e07b95df8222cc8cbb31c03dd02","slug":"millions-of-robbery-two-families-hostage-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों का डाका, दो परिवारों को बंधक बनाया ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लाखों का डाका, दो परिवारों को बंधक बनाया
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sat, 12 Dec 2015 10:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिरस्मी गांव में शुक्रवार रात 15 से बीस हथियारबंद बदमाशों ने जमकर तांडव मचाया। बदमाश दो घंटे तक दो घरों में लूटपाट करते रहे। परिवार के लोगों को विरोध करने पर पीटा। गोली मार कर कर ताऊ और भतीजी को घायल कर दिया। गांव में फायरिंग करते हए बदमाश फरार हो गए। वारदात के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। थाने से 10 किमी दूर घटना स्थल पर पहुंचने में पुलिस को चार घंटे लग गए। इससे ग्रामीणों में आक्रोश दिखाई दिया।
जिरस्मी गांव में किसान राकेश बाबू का परिवार रहता है। पुत्रवधू नेहा ने बताया कि रात बारह बजे 15 से 20 हथियारबंद बदमाश छत के रास्ते घर में घुस आए। इस समय घर में सभी लोग सो रहे थे। उसके पति नितिन, देवर सुनील, देवरानी सुमन, ननद प्रियंका को बदमाशों ने हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। इन सभी को दो कमरों में कैद कर दिया। बदमाशों ने चाबियां मांगी तो देर होने पर देवर सुनील और देवरानी सुमन को जमकर पीटा। इसके बाद आधे बदमाश छत पर खडे हो गए, जबकि शेष बदमाश घर में एक घंटे तक लूटपाट करते रहे। जाते वक्त बदमाश पूरे परिवार एक कमरे में बंधक बनाकर छत और मेन गेट के रास्ते फरार हो गए। पीड़ित नेहा की माने तो बदमाश आठ जोड़ी पाजेब, करधनी, दो जोड़ी सोने की झुमकी, चार अंगूठी, चार चूड़ियां, 27 हजार कैश और दो मोबाइल लूट ले गए। एक मोबाइल गांव की नाली में पड़ा मिल गया है।
राकेश बाबू के घर वारदात करने के बाद बदमाश इस मकान से100 कदम दूर चंद्रपाल के घर की छत पर चढ़े गए। उसके बेटे दुर्योधन और उसकी पत्नी सजनी को बंधक बनाकर पीटते हुए करीब एक लाख रुपये के जेवर और 12 हजार रुपये कैश लूटने के बाद दोनों को पीटते हुए घर में नीचे लेकर आए। जब दुर्योधन की मां नारायन देवी, बहन गीता और संगीता ने बदमाशों का विरोध तो बदमाशों ने गीता और उसकी मां को जमकर पीटते हुए संगीता को गोली मार दी। फायरिंग और चीख पुकार की आवाज सुनकर गली के कोने पर रहने वाले चंद्रपाल के बड़े भाई दुशासन ने छत से झांका कर देखा तो मौके से भाग रहे बदमाशों ने उनको भी गोली मार कर लहूलुहान कर दिया। यहां से बदमाश फायरिंग करते हुए खेतों में फरार हो गए।
विज्ञापन
वारदात के बाद गांव में जगार हो गई। ग्रामीण घटना स्थल पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि राकेश बाबू के मकान में हुई वारदात के दौरान ही रात साढे 12 बजे पुलिस को सूचना दे दी थी। जबकि पुलिस सुबह साढ़े चार बजे पहुंची। घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस के लिए भी फोन किया था लेकिन एंबुलेंस भी नहीं पहुंची। ग्रामीण घायल दुशासन और संगीता को ट्रैक्टर में डाल कर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को आगरा रेफर कर दिया है। वारदात के बाद ग्रामीणों में दहशत है। देहात कोतवाली से लेकर जिरस्मी गांव तक दस किमी एरिया में एक भी पुलिस चौकी नहीं है। थाने पर सूचना देने के बाद भी पुलिस लगभग चार घंटे बाद घटना स्थल पर पहुंची।
विज्ञापन
जिरस्मी गांव में किसान राकेश बाबू का परिवार रहता है। पुत्रवधू नेहा ने बताया कि रात बारह बजे 15 से 20 हथियारबंद बदमाश छत के रास्ते घर में घुस आए। इस समय घर में सभी लोग सो रहे थे। उसके पति नितिन, देवर सुनील, देवरानी सुमन, ननद प्रियंका को बदमाशों ने हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। इन सभी को दो कमरों में कैद कर दिया। बदमाशों ने चाबियां मांगी तो देर होने पर देवर सुनील और देवरानी सुमन को जमकर पीटा। इसके बाद आधे बदमाश छत पर खडे हो गए, जबकि शेष बदमाश घर में एक घंटे तक लूटपाट करते रहे। जाते वक्त बदमाश पूरे परिवार एक कमरे में बंधक बनाकर छत और मेन गेट के रास्ते फरार हो गए। पीड़ित नेहा की माने तो बदमाश आठ जोड़ी पाजेब, करधनी, दो जोड़ी सोने की झुमकी, चार अंगूठी, चार चूड़ियां, 27 हजार कैश और दो मोबाइल लूट ले गए। एक मोबाइल गांव की नाली में पड़ा मिल गया है।
विज्ञापन
राकेश बाबू के घर वारदात करने के बाद बदमाश इस मकान से100 कदम दूर चंद्रपाल के घर की छत पर चढ़े गए। उसके बेटे दुर्योधन और उसकी पत्नी सजनी को बंधक बनाकर पीटते हुए करीब एक लाख रुपये के जेवर और 12 हजार रुपये कैश लूटने के बाद दोनों को पीटते हुए घर में नीचे लेकर आए। जब दुर्योधन की मां नारायन देवी, बहन गीता और संगीता ने बदमाशों का विरोध तो बदमाशों ने गीता और उसकी मां को जमकर पीटते हुए संगीता को गोली मार दी। फायरिंग और चीख पुकार की आवाज सुनकर गली के कोने पर रहने वाले चंद्रपाल के बड़े भाई दुशासन ने छत से झांका कर देखा तो मौके से भाग रहे बदमाशों ने उनको भी गोली मार कर लहूलुहान कर दिया। यहां से बदमाश फायरिंग करते हुए खेतों में फरार हो गए।
विज्ञापन
वारदात के बाद गांव में जगार हो गई। ग्रामीण घटना स्थल पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि राकेश बाबू के मकान में हुई वारदात के दौरान ही रात साढे 12 बजे पुलिस को सूचना दे दी थी। जबकि पुलिस सुबह साढ़े चार बजे पहुंची। घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस के लिए भी फोन किया था लेकिन एंबुलेंस भी नहीं पहुंची। ग्रामीण घायल दुशासन और संगीता को ट्रैक्टर में डाल कर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को आगरा रेफर कर दिया है। वारदात के बाद ग्रामीणों में दहशत है। देहात कोतवाली से लेकर जिरस्मी गांव तक दस किमी एरिया में एक भी पुलिस चौकी नहीं है। थाने पर सूचना देने के बाद भी पुलिस लगभग चार घंटे बाद घटना स्थल पर पहुंची।