{"_id":"58c049514f1c1bbf42dc42ad","slug":"malabe-se-bhaaree-maatra-mein-baarood-baraamad-chaukeedaar-hiraasat-mein","type":"story","status":"publish","title_hn":"मलबे से भारी मात्रा में बारूद बरामद, चौकीदार हिरासत में","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मलबे से भारी मात्रा में बारूद बरामद, चौकीदार हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Mar 2017 11:41 PM IST
विज्ञापन
आतिशबाजी से ध्ामाका
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव कं सूरी में आतिशबाजी बनाने के दौरान हुए हादसे में चार लोगों की मौत की घटना के बाद ग्रामीण सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने बुधवार को बताया कि ध्वस्त मकान का मलबा हटाने के बाद भारी मात्रा में बारूद और तैयार आतिशबाजी बरामद हुई है, जिसे पुलिस दो वाहनों में भरकर ले गई है। आतिशबाजी में हुए धमाके से चौकीदार रहीस का मकान ध्वस्त हो गया, यदि चिंगारी इस तक पहुंच जाती तो आसपास के कई और मकान जमींदोज हो जाते, भारी तबाही मच जाती। पुलिस रहीस को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
मकान के पास बनाई गई एक झोपड़ी में रखे संदूक में बारूद भरा हुआ था। कई बोरियों में तैयार की गई आतिशबाजी रखी हुई थी। इसके अलावा मकान के मलबे से भी बारूद बरामद हुआ है। कंसूरी गांव में वर्षों से चलने वाली अवैध आतिशबाजी की फैक्ट्री पर पुलिस पर्दा डालने में लगी है। पुलिस का कहना है कि रहीस अलीगंज, मैनपुरी, इटावा से आतिशबाजी खरीद कर बेचता था। ग्रामीणों का कहना है कि दीवाली पर तीन से चार वाहनों में भर कर बारूद आता था। ग्राहक कारों से आतिशबाजी ले जाते थे। आरोप है कि आतिशबाजी बनाने के विरोध पर पुलिस का डर दिखा कर शांत कर देता था। ग्रामीणों की माने तो कहासुनी के दौरान रहीस ने कई बार एक झटके में गांव उड़ाने की धमकी दी थी। तब लोगों ने विश्वास नहीं किया, लेकिन मंगलवार को धमाकों के बाद ग्रामीण सोचने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
मकान के पास बनाई गई एक झोपड़ी में रखे संदूक में बारूद भरा हुआ था। कई बोरियों में तैयार की गई आतिशबाजी रखी हुई थी। इसके अलावा मकान के मलबे से भी बारूद बरामद हुआ है। कंसूरी गांव में वर्षों से चलने वाली अवैध आतिशबाजी की फैक्ट्री पर पुलिस पर्दा डालने में लगी है। पुलिस का कहना है कि रहीस अलीगंज, मैनपुरी, इटावा से आतिशबाजी खरीद कर बेचता था। ग्रामीणों का कहना है कि दीवाली पर तीन से चार वाहनों में भर कर बारूद आता था। ग्राहक कारों से आतिशबाजी ले जाते थे। आरोप है कि आतिशबाजी बनाने के विरोध पर पुलिस का डर दिखा कर शांत कर देता था। ग्रामीणों की माने तो कहासुनी के दौरान रहीस ने कई बार एक झटके में गांव उड़ाने की धमकी दी थी। तब लोगों ने विश्वास नहीं किया, लेकिन मंगलवार को धमाकों के बाद ग्रामीण सोचने को मजबूर हैं।
विज्ञापन