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Delhi NCR News: संदीप की मौत पर सवाल खड़े कर रहा परिवार, कहा-उसके साथ हुई कुछ अनहोनी
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आनंद विहार में स्ट्रीट लाइट पोल से करंट लगने से संदीप नामक युवक की मौत का मामला:
-परिवार ने रात 10 बजे संदीप को किया था कॉल, किसी अनजान ने उठाया फोन, बोला-10 मिनट बाद बात करेंगे, परिजनों ने आधी रात तक संदीप को ढूंढा, नहीं मिला वह
-परिजनों का दावा है कि उन्होंने रात 12 बजे तक संदीप को तलाशा और पुलिस के बताए स्थान के आसपास भी गए, लेकिन वहां न शव मिला और न ही किसी घटना की जानकारी मिली।
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। सूरजमल विहार में डिवाइडर पर बने गड्ढे में फंसने के बाद बिजली के खंभे से करंट लगने से हुई 28 वर्षीय संदीप की मौत के मामले में परिवार सवाल खड़े कर रहा है। परिवार मानने को तैयार नहीं है कि संदीप की करंट लगने से मौत हुई है। परिजन आशंका जता रहे कि संदीप के साथ कुछ अनहोनी हुई। परिजनों ने कहा कि संदीप रोजाना रात करीब आठ बजे तक घर पहुंच जाता था, लेकिन 26 अगस्त की रात जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटा तो उन्होंने उसके मोबाइल पर फोन किया। फूफा के मुताबिक रात करीब 10 बजे फोन किसी अज्ञात व्यक्ति ने उठाया। उन्होंने संदीप से बात कराने को कहा तो उधर से 10 मिनट बाद बात कराने की बात कही गई। इसके बाद फोन का कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। परिजनों के अनुसार उन्होंने रात करीब 12 बजे तक संदीप को आसपास और संभावित जगहों पर तलाशा। उनका दावा है कि जिस स्थान पर बाद में पुलिस ने संदीप का शव मिलने की बात बताई, वहां भी वे गए थे, लेकिन उन्हें वहां न शव दिखाई दिया और न ही कोई भीड़ या हादसे जैसी स्थिति नजर आई। परिवार इस बात की भी जांच चाहता है कि संदीप घटनास्थल तक कैसे पहुंचा और वहां उसके साथ क्या हुआ।
संदीप अपनी बुआ और फूफा के साथ बिहारी कॉलोनी में रहता था। परिवार के मुताबिक उसकी मां की मौत तब हो गई थी, जब वह महज 10 महीने का था। कुछ साल बाद पिता की भी मौत हो गई। इसके बाद बुआ-फूफा ने ही उसका पालन-पोषण किया। संदीप दोनों को ही मां-पिता कहकर बुलाता था। वह सूरजमल विहार में मरीजों की देखभाल का काम करता था और रोज पैदल काम पर आता-जाता था। परिवार का कहना है कि उसकी शादी की तैयारी भी चल रही थी। फूफा ने बताया कि संदीप की मौत के बाद परिवार को हेडगेवार अस्पताल में शव दिखाया गया। उनका आरोप है कि पूरी बॉडी दिखाने के बजाय सिर्फ हाथ और चेहरा दिखाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। परिवार अब घटनास्थल तक संदीप के पहुंचने की पूरी सीसीटीवी फुटेज जांचने की मांग कर रहा है, ताकि पता चल सके कि वह वहां अकेला पहुंचा था या उसके साथ कोई और था।
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पुलिस ने मामले में लापरवाही से मौत और मशीनरी के संबंध में लापरवाही के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक संदीप के घटनास्थल की ओर जाने की पुष्टि मोबाइल लोकेशन और कुछ सीसीटीवी फुटेज से हुई है, लेकिन जिस डिवाइडर पर शव मिला, वहां सीधे सीसीटीवी कैमरा नहीं है। पुलिस यह भी जांच रही है कि वह गड्ढे में कैसे गिरा और उस समय उसके साथ कोई था या नहीं। पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने मौत का कारण करंट लगना बताया है। इस बीच पीडब्ल्यूडी की तकनीकी जांच ने मामले को और उलझा दिया है। विभाग का कहना है कि स्ट्रीट लाइट पोल और उससे जुड़े बिजली उपकरणों की जांच में फिलहाल करंट लीकेज या विद्युत खराबी नहीं मिली है। वहीं पुलिस के एफआईआर रिकॉर्ड में शुरुआती जांच के आधार पर बिजली के खंभे में करंट प्रवाहित होने की बात दर्ज है।
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-परिवार ने रात 10 बजे संदीप को किया था कॉल, किसी अनजान ने उठाया फोन, बोला-10 मिनट बाद बात करेंगे, परिजनों ने आधी रात तक संदीप को ढूंढा, नहीं मिला वह
-परिजनों का दावा है कि उन्होंने रात 12 बजे तक संदीप को तलाशा और पुलिस के बताए स्थान के आसपास भी गए, लेकिन वहां न शव मिला और न ही किसी घटना की जानकारी मिली।
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। सूरजमल विहार में डिवाइडर पर बने गड्ढे में फंसने के बाद बिजली के खंभे से करंट लगने से हुई 28 वर्षीय संदीप की मौत के मामले में परिवार सवाल खड़े कर रहा है। परिवार मानने को तैयार नहीं है कि संदीप की करंट लगने से मौत हुई है। परिजन आशंका जता रहे कि संदीप के साथ कुछ अनहोनी हुई। परिजनों ने कहा कि संदीप रोजाना रात करीब आठ बजे तक घर पहुंच जाता था, लेकिन 26 अगस्त की रात जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटा तो उन्होंने उसके मोबाइल पर फोन किया। फूफा के मुताबिक रात करीब 10 बजे फोन किसी अज्ञात व्यक्ति ने उठाया। उन्होंने संदीप से बात कराने को कहा तो उधर से 10 मिनट बाद बात कराने की बात कही गई। इसके बाद फोन का कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। परिजनों के अनुसार उन्होंने रात करीब 12 बजे तक संदीप को आसपास और संभावित जगहों पर तलाशा। उनका दावा है कि जिस स्थान पर बाद में पुलिस ने संदीप का शव मिलने की बात बताई, वहां भी वे गए थे, लेकिन उन्हें वहां न शव दिखाई दिया और न ही कोई भीड़ या हादसे जैसी स्थिति नजर आई। परिवार इस बात की भी जांच चाहता है कि संदीप घटनास्थल तक कैसे पहुंचा और वहां उसके साथ क्या हुआ।
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संदीप अपनी बुआ और फूफा के साथ बिहारी कॉलोनी में रहता था। परिवार के मुताबिक उसकी मां की मौत तब हो गई थी, जब वह महज 10 महीने का था। कुछ साल बाद पिता की भी मौत हो गई। इसके बाद बुआ-फूफा ने ही उसका पालन-पोषण किया। संदीप दोनों को ही मां-पिता कहकर बुलाता था। वह सूरजमल विहार में मरीजों की देखभाल का काम करता था और रोज पैदल काम पर आता-जाता था। परिवार का कहना है कि उसकी शादी की तैयारी भी चल रही थी। फूफा ने बताया कि संदीप की मौत के बाद परिवार को हेडगेवार अस्पताल में शव दिखाया गया। उनका आरोप है कि पूरी बॉडी दिखाने के बजाय सिर्फ हाथ और चेहरा दिखाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। परिवार अब घटनास्थल तक संदीप के पहुंचने की पूरी सीसीटीवी फुटेज जांचने की मांग कर रहा है, ताकि पता चल सके कि वह वहां अकेला पहुंचा था या उसके साथ कोई और था।
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पुलिस ने मामले में लापरवाही से मौत और मशीनरी के संबंध में लापरवाही के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक संदीप के घटनास्थल की ओर जाने की पुष्टि मोबाइल लोकेशन और कुछ सीसीटीवी फुटेज से हुई है, लेकिन जिस डिवाइडर पर शव मिला, वहां सीधे सीसीटीवी कैमरा नहीं है। पुलिस यह भी जांच रही है कि वह गड्ढे में कैसे गिरा और उस समय उसके साथ कोई था या नहीं। पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने मौत का कारण करंट लगना बताया है। इस बीच पीडब्ल्यूडी की तकनीकी जांच ने मामले को और उलझा दिया है। विभाग का कहना है कि स्ट्रीट लाइट पोल और उससे जुड़े बिजली उपकरणों की जांच में फिलहाल करंट लीकेज या विद्युत खराबी नहीं मिली है। वहीं पुलिस के एफआईआर रिकॉर्ड में शुरुआती जांच के आधार पर बिजली के खंभे में करंट प्रवाहित होने की बात दर्ज है।