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न्यायालय के आदेश के बाद भी नहीं हो रहा पुनर्वास
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Mon, 11 Jan 2016 10:52 PM IST
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प्रदेश शासन कल्याण नियोजन समिति राज्य मानीटरिंग समिति के माध्यम से सफाई कर्मचारी आंदोलन की टीम ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मैला प्रथा उन्मूलन अधिनियम का पालन कराए जाने की मांग की।
समिति के सदस्य कृष्ण गोपाल ने कहा कि सफाई कर्मचारी आंदोलन की टीम ने जिले में एक हजार स्वच्छकारों को चिन्हित किया। जिला प्रशासन को इनके पुनर्वास को पांच बार ज्ञापन दिया, लेकिन प्रशासन ने मात्र 160 स्वच्छकारों का ही चिन्हीकरण किया। इनमें से 20 स्वच्छकारों को ही 40 हजार रुपये दिए गए। अधिनियम के तहत स्वच्छकारों को पुनर्वास के तहत मुफ्त आवास, जमीन के पट्टे, रोजगार, ऋण, रोजगार परक प्रशिक्षण की सुविधा का प्रावधान है, लेकिन इनमें से कोई भी सुविधा प्रशासन ने अपने चिन्हित स्वच्छकारों को नहीं दी है। इसलिए पुन: चिन्हीकरण कराकर इनको पुनर्वास के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं। इस दौरान जिला प्रतिनिधि श्रीराम, सागर, विनय, ऊषा देवी, मधु, गीता, ललिता, कांती देवी, केला देवी, किरन, माया, राम चंद्र, अशोक, सरवन, होरीलाल, अनोखे आदि मौजूद रहे।
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समिति के सदस्य कृष्ण गोपाल ने कहा कि सफाई कर्मचारी आंदोलन की टीम ने जिले में एक हजार स्वच्छकारों को चिन्हित किया। जिला प्रशासन को इनके पुनर्वास को पांच बार ज्ञापन दिया, लेकिन प्रशासन ने मात्र 160 स्वच्छकारों का ही चिन्हीकरण किया। इनमें से 20 स्वच्छकारों को ही 40 हजार रुपये दिए गए। अधिनियम के तहत स्वच्छकारों को पुनर्वास के तहत मुफ्त आवास, जमीन के पट्टे, रोजगार, ऋण, रोजगार परक प्रशिक्षण की सुविधा का प्रावधान है, लेकिन इनमें से कोई भी सुविधा प्रशासन ने अपने चिन्हित स्वच्छकारों को नहीं दी है। इसलिए पुन: चिन्हीकरण कराकर इनको पुनर्वास के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं। इस दौरान जिला प्रतिनिधि श्रीराम, सागर, विनय, ऊषा देवी, मधु, गीता, ललिता, कांती देवी, केला देवी, किरन, माया, राम चंद्र, अशोक, सरवन, होरीलाल, अनोखे आदि मौजूद रहे।
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