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कोरोना : बाहर से आने वालों की जानकारी देंगी निगरानी समितियां
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एटा। जिले में गठित 578 ग्राम निगरानी समितियों को कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर अलर्ट किया गया है। यह समितियां कोविड गाइडलाइन का पालन कराने में मदद करेंगी। बाहर से आने वालों की निगरानी करके स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को जानकारी देंगी। समिति अध्यक्ष ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं के साथ नजर रखेंगे।
विदेश यात्रा से लौटने वालों की संख्या बढ़ रही है। अब तक 56 लोग अमेरिका, यूक्रेन, साउथ कोरिया, ओमान, सिडनी, सउदी अरब, आस्ट्रेलिया और फ्रांस से आ चुके हैं। इनमें से 70 फीसदी लोग ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। इनकी गतिविधियों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां जुटाते रहने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को दी गई है। जबकि चोरी-छिपे गांव में आने वालों की सूचना की जिम्मेदारी ग्राम निगरानी समिति को सौंपी गई है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद निगरानी समितियां निष्क्रिय हो गई थीं।
अब तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए फिर से इन्हें सक्रिय किया गया है। सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम निगरानी समिति में आशा कार्यकर्ता भी सदस्य हैं। जिलाधिकारी ने ग्राम निगरानी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश जारी किए हैं। गांव में बाहर से आने वालों की सूचनाएं समितियों द्वारा दी जाएंगी।
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विद्यालयों में हर दिन होगा सैनिटाइजेशन
एटा। कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए परिषदीय विद्यालयों में हर सुबह सबसे पहले सैनिटाइजेशन किया जाएगा। इसके बाद ही कक्षाएं शुरू होंगी। विद्यालयों में प्रवेश देते समय बच्चों के हाथों को भी सैनिटाइज कराया जाएगा। 560 परिषदीय विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को कोविड के खतरे को देखते हुए कक्षों का सुबह नियमित रूप से सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही विद्यालय पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं के लिए पठन-पाठन प्रक्रिया शुरू करने से पहले हाथों को सैनिटाइज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निर्देशों की अवलेहना अथवा लापरवाही करने वाले विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक मिथलेश कुमार ने बताया कि देश और प्रदेश में ओमिक्रॉन वेरिएंट के केस मिलने के बाद कोरोना का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में विद्यालय कक्षों को सुबह शिक्षण कार्य शुरू होने से पहले सैनिटाइज करने और विद्यार्थियों के हाथों का सैनिटाइजेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि कोरोना के खतरे को कम किया जा सके। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में सैनिटाइजेशन की व्यवस्थाएं नहीं पाई जाती हैं तो कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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विदेश यात्रा से लौटने वालों की संख्या बढ़ रही है। अब तक 56 लोग अमेरिका, यूक्रेन, साउथ कोरिया, ओमान, सिडनी, सउदी अरब, आस्ट्रेलिया और फ्रांस से आ चुके हैं। इनमें से 70 फीसदी लोग ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। इनकी गतिविधियों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां जुटाते रहने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को दी गई है। जबकि चोरी-छिपे गांव में आने वालों की सूचना की जिम्मेदारी ग्राम निगरानी समिति को सौंपी गई है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद निगरानी समितियां निष्क्रिय हो गई थीं।
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अब तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए फिर से इन्हें सक्रिय किया गया है। सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम निगरानी समिति में आशा कार्यकर्ता भी सदस्य हैं। जिलाधिकारी ने ग्राम निगरानी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश जारी किए हैं। गांव में बाहर से आने वालों की सूचनाएं समितियों द्वारा दी जाएंगी।
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विद्यालयों में हर दिन होगा सैनिटाइजेशन
एटा। कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए परिषदीय विद्यालयों में हर सुबह सबसे पहले सैनिटाइजेशन किया जाएगा। इसके बाद ही कक्षाएं शुरू होंगी। विद्यालयों में प्रवेश देते समय बच्चों के हाथों को भी सैनिटाइज कराया जाएगा। 560 परिषदीय विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को कोविड के खतरे को देखते हुए कक्षों का सुबह नियमित रूप से सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही विद्यालय पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं के लिए पठन-पाठन प्रक्रिया शुरू करने से पहले हाथों को सैनिटाइज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निर्देशों की अवलेहना अथवा लापरवाही करने वाले विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक मिथलेश कुमार ने बताया कि देश और प्रदेश में ओमिक्रॉन वेरिएंट के केस मिलने के बाद कोरोना का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में विद्यालय कक्षों को सुबह शिक्षण कार्य शुरू होने से पहले सैनिटाइज करने और विद्यार्थियों के हाथों का सैनिटाइजेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि कोरोना के खतरे को कम किया जा सके। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में सैनिटाइजेशन की व्यवस्थाएं नहीं पाई जाती हैं तो कार्रवाई की जाएगी। संवाद