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पंचायतों का परिसीमन पूरा ,सूची की गई चस्पा
ब्यूरो, अमर उजाला, एटा
Updated Sun, 03 May 2015 11:24 PM IST
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देर आए फिर भी दुरुस्त नहीं आए। शासनादेश के अनुसार पंचायत परिसीमन की
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अंतिम सूचियों का प्रकाशन तो शनिवार को था लेकिन परिसीमन की सूचियां लोगों
के सामने रविवार को पेश की गईं। इसके बावजूद भी उक्त सूचियों में कोई
उलटफेर नहीं किया गया है, सूचियां कुछ आंशिक बदलावों के बाद जस की तस हैं,
जिन्हें अब ग्राम, क्षेत्र, जिला पंचायत कार्यालय, डीपीआरओ के साथ-साथ डीएम
कार्यालय के सूचना पट पर चस्पा किया है। पूर्व में किए गए उक्त सूचियों के
प्रकाशन के बाद प्रशासन को जिले भर से 104 आपत्तियां मिली थीं, जिनका शासन
द्वारा गठित टीम से निस्तारण कराया गया है।
प्रशासन को दर्ज कराई आपत्तियों में सबसे अधिक दावे आपत्तियां जिला पंचायत वार्डों को लेकर मिले थे। इसमें प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी-अपनी आपत्तियां प्रशासन को दर्ज कराई थीं। परिसीमन में गठित किए गए जिला पंचायत के वार्डों को शासनादेश के विपरीत गठन किए जाने के आरोप लगे थे। इसके अलावा राजनीतिक दलों ने यह भी आरोप लगाया था कि जिला पंचायत के वार्डों का गठन जिले के मानचित्र के अनुसार भी नहीं किया गया है। इसके अलावा जिला पंचायत के वार्डों में शामिल क्षेत्र पंचायत के वार्डों को भी शासनादेश के विपरीत शामिल किया गया।
आरोपों के अनुसार जिला पंचायत के कई वार्डों में क्षेत्र पंचायत के वार्डों की संख्या 25 से बहुत कम थी तो कुछ में 25 से बहुत अधिक, लेकिन अंतिम सूची में भी इसमें कोई फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि कुछ वार्डों में एक दो क्षेत्र पंचायत के वार्डों की संख्या कम की गई है। इसके अलावा सूचियों के अंतिम प्रकाशन में भी दो जिला पंचायत वार्डों में क्षेत्र पंचायत वार्डों की संख्या 29 और दो में 21 है। बता दें कि जिले में पंचायत के हुए परिसीमन में जिला पंचायत के 30 वार्ड गठित किए गए हैं। जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या 576, क्षेत्र पंचायत वार्डों की संख्या 760 हो गई है।
जिला पंचायत के वार्डों के परिसीमन की अंतिम सूची में प्रशासन ने नाममत्र का बदलाव किया है। बाकी सूची जस के तस है। शासनादेश के अनुरूप परिसीमन नहीं हुआ है। इसे लेकर पार्टी आगे की रणनीति बनाएगी।
-- पंकज गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा
पंचायत परिसीमन में आए दावे आपत्तियों का निस्तारण कर सूचियों का प्रकाशन कर दिया गया है। सभी आपत्तियों का निस्तारण शासनादेश के अनुरूप किया गया है।
- सुनील कुमार पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी
प्रशासन को दर्ज कराई आपत्तियों में सबसे अधिक दावे आपत्तियां जिला पंचायत वार्डों को लेकर मिले थे। इसमें प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी-अपनी आपत्तियां प्रशासन को दर्ज कराई थीं। परिसीमन में गठित किए गए जिला पंचायत के वार्डों को शासनादेश के विपरीत गठन किए जाने के आरोप लगे थे। इसके अलावा राजनीतिक दलों ने यह भी आरोप लगाया था कि जिला पंचायत के वार्डों का गठन जिले के मानचित्र के अनुसार भी नहीं किया गया है। इसके अलावा जिला पंचायत के वार्डों में शामिल क्षेत्र पंचायत के वार्डों को भी शासनादेश के विपरीत शामिल किया गया।
आरोपों के अनुसार जिला पंचायत के कई वार्डों में क्षेत्र पंचायत के वार्डों की संख्या 25 से बहुत कम थी तो कुछ में 25 से बहुत अधिक, लेकिन अंतिम सूची में भी इसमें कोई फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि कुछ वार्डों में एक दो क्षेत्र पंचायत के वार्डों की संख्या कम की गई है। इसके अलावा सूचियों के अंतिम प्रकाशन में भी दो जिला पंचायत वार्डों में क्षेत्र पंचायत वार्डों की संख्या 29 और दो में 21 है। बता दें कि जिले में पंचायत के हुए परिसीमन में जिला पंचायत के 30 वार्ड गठित किए गए हैं। जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या 576, क्षेत्र पंचायत वार्डों की संख्या 760 हो गई है।
जिला पंचायत के वार्डों के परिसीमन की अंतिम सूची में प्रशासन ने नाममत्र का बदलाव किया है। बाकी सूची जस के तस है। शासनादेश के अनुरूप परिसीमन नहीं हुआ है। इसे लेकर पार्टी आगे की रणनीति बनाएगी।
-- पंकज गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा
पंचायत परिसीमन में आए दावे आपत्तियों का निस्तारण कर सूचियों का प्रकाशन कर दिया गया है। सभी आपत्तियों का निस्तारण शासनादेश के अनुरूप किया गया है।
- सुनील कुमार पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी