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नरोरा सीएचसी परिसर कब्जा मुक्त
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Sun, 26 Jun 2016 11:13 PM IST
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अंबेडकरनगर के जलालपुर में शॉर्ट-सर्किट से लगी आग बुझाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
नरौरा सीएचसी में अतिक्रमण की खबर अमर उजाला में रविवार को ‘नाले में मिली दवाएं तो कक्षों में भूसा’ शीर्षक से प्रकाशित होने के बाद सरकारी अमला हरकत में आ गया। देर रात अधिकारियों के फोन घनघनाए तो पुलिस रात में ही गांव पहुंच गई और ग्रामीणों को सीएचसी के कमरे खाली करने की हिदायत दी। इसके बाद ग्रामीणों न्रे रविवार सुबह ही अस्पताल के कक्षों में खाली कर दिया। वहीं सीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं।
दरअसल नरौरा सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में अव्यवस्थाओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य कमलेश दिवाकर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। शिकायती पत्र की कापी मिलने पर शनिवार का अमर उजाला की टीम ने सीएचसी पहुंचकर असलियत जानी तो हालात चिंताजनक दिखाई दिए। अस्पताल के कक्षों पर भूसा, लकडियां और उपले भर थे, जबकि सीएचसी परिसर में हैंडपंप खराब था और अस्पताल की दवाइयां बाहर नाले में तैर रही थीं। रविवार को अमर उजाला ने खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ महकमा हरकत में आया। अस्पताल खाली कराने के लिए पुलिस टीम ने देर रात नरौरा पहुंचकर ग्रामीणों को सुबह तक कक्षा खाली करने की चेतावनी दी तो रविवार सुबह ही ग्रामीणों ने अस्पताल के सभी कक्ष खाली कर दिये। जल निगम के कर्मचारी महीनाें से खराब पड़ा हैंडपंप संभालते दिखाई दिए। अस्पताल का स्टाफ भी मौके पर तैनात दिखाई दिया। जबकि रविवार को दवाएं भी नाले से गायब थीं। सीएमओ डा. आरसी पांडेय ने फार्मासिस्ट के खिलाफ जांच बैठा दी है।
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दरअसल नरौरा सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में अव्यवस्थाओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य कमलेश दिवाकर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। शिकायती पत्र की कापी मिलने पर शनिवार का अमर उजाला की टीम ने सीएचसी पहुंचकर असलियत जानी तो हालात चिंताजनक दिखाई दिए। अस्पताल के कक्षों पर भूसा, लकडियां और उपले भर थे, जबकि सीएचसी परिसर में हैंडपंप खराब था और अस्पताल की दवाइयां बाहर नाले में तैर रही थीं। रविवार को अमर उजाला ने खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ महकमा हरकत में आया। अस्पताल खाली कराने के लिए पुलिस टीम ने देर रात नरौरा पहुंचकर ग्रामीणों को सुबह तक कक्षा खाली करने की चेतावनी दी तो रविवार सुबह ही ग्रामीणों ने अस्पताल के सभी कक्ष खाली कर दिये। जल निगम के कर्मचारी महीनाें से खराब पड़ा हैंडपंप संभालते दिखाई दिए। अस्पताल का स्टाफ भी मौके पर तैनात दिखाई दिया। जबकि रविवार को दवाएं भी नाले से गायब थीं। सीएमओ डा. आरसी पांडेय ने फार्मासिस्ट के खिलाफ जांच बैठा दी है।
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