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हादसे का सबब बन सकती है बसों की छत पर यात्रा
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Thu, 26 Nov 2015 05:51 PM IST
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नगर में यातायात माह में भी काफी संख्या में वाहन चालक अपने वाहनों की छतों पर यात्रियों को बैठाकर वाहनों को दौड़ा रहे हैं। कई स्थानों पर नीचे झूलती विद्युत लाइनें इन यात्रियों के सिरों से टकरा सकती हैं। जहां तहां लाइन आने पर वाहन की छत पर बैठे यात्री सिर झुकाकर बच जाते हैं लेकिन उनकी यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का करण बन सकती है। पूर्व में वाहनों की छतों पर यात्रा के दौरान हुई घटनाओं के बाद न तो इसके लिए लोग जागरूक नजर आते हैं और न पुलिस गंभीर।
सहालग सीजन चल रहा है। लोगों को वाहनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण काफी संख्या में मजबूरन लोग बसों की छतों पर बैठ कर यात्रा कर रहे हैं। बसों की छतों एवं पायदान पर यात्रा करते समय लोग यह भूल जाते हैं कि उनकी यह लापरवाही उनकी जान के लिए खतरा बन सकती है।
नगर के सरकूलर रोड पर ही कई स्थानों पर तारों का बड़ा मकड़जाल है। यहां एक पोल से दूसरे पोल तक घरों में सप्लाई के लिए गई लाइन को भी व्यवस्थित नहीं किया गया है। वहीं सप्लाई के लिए डाली गई लाइनों को भी अंडरग्राउंड नहीं किया गया है। सड़क पर मौत बनकर झूलती लाइनें कभी भी लोगों के लिए जानलेवा हो सकती है। पहले भी सरकूलर रोड पर झूलते तारों के कारण बड़ी घटनाएं हो चुकी है। नगर के नदरई गेट, सोरो गेट व रेलवे पुल के पास स्थिति यही है। यहां तो तार इतने नीचे हैं कि कभी-कभी तार वाहनों में उलझ कर टूट जाते है।
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सहालग सीजन चल रहा है। लोगों को वाहनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण काफी संख्या में मजबूरन लोग बसों की छतों पर बैठ कर यात्रा कर रहे हैं। बसों की छतों एवं पायदान पर यात्रा करते समय लोग यह भूल जाते हैं कि उनकी यह लापरवाही उनकी जान के लिए खतरा बन सकती है।
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नगर के सरकूलर रोड पर ही कई स्थानों पर तारों का बड़ा मकड़जाल है। यहां एक पोल से दूसरे पोल तक घरों में सप्लाई के लिए गई लाइन को भी व्यवस्थित नहीं किया गया है। वहीं सप्लाई के लिए डाली गई लाइनों को भी अंडरग्राउंड नहीं किया गया है। सड़क पर मौत बनकर झूलती लाइनें कभी भी लोगों के लिए जानलेवा हो सकती है। पहले भी सरकूलर रोड पर झूलते तारों के कारण बड़ी घटनाएं हो चुकी है। नगर के नदरई गेट, सोरो गेट व रेलवे पुल के पास स्थिति यही है। यहां तो तार इतने नीचे हैं कि कभी-कभी तार वाहनों में उलझ कर टूट जाते है।
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