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डाक्टर को जेल से फोन करने वाला कैदी अनिल पांडेय अलीगढ़ कारागार भेजा
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एटा। जिला कारागार से आगरा के एक डॉक्टर को फोन कर दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी कैदी अनिल पांडेय को बुधवार को अलीगढ़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया, वहीं इसी नाम के दूसरे बंदी अनिल दुबे को कासगंज जिला कारागार भेजा गया है। इससे पूर्व डीजी आनंद कुमार ने डिप्टी जेलर आरके गौतम को निलंबित कर दिया। वहीं जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। कार्रवाई से कारागार प्रशासन में बुधवार को हड़कंप मचा रहा।
एटा के कसबा जैंथरा निवासी डॉ. संजीव यादव आगरा के बोदला में अस्पताल चलाते हैं। उन्होंने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि गत 18 दिसंबर को सायं करीब चार बजे उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले कैदी अनिल पांडेय ने उन्हें धमकी देते हुए दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
इस मामले की जांच गत दिनों डीआईजी आगरा रेंज अखिलेश कुमार ने की। उनकी रिपोर्ट के आधार पर बुुधवार को शासन से आए फरमान के बाद जेल प्रशासन ने आरोपी बंदी अनिल पांडेय को अलीगढ़ कारागार और इसी नाम के दूसरे बंदी अनिल दुबे को कासगंज जेल में शिफ्ट कर दिया। अनिल दुबे पर आरोप है कि उसनेे ही अनिल पांडेय के कहने पर उसके नाम से डॉक्टर को फोन किया था।
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डिप्टी जेलर ने नहीं कराई फोन नंबर की तस्दीक
डीआईजी आगरा रेंज अखिलेश कुमार की रिपोर्ट पर शासन ने कड़ी कार्रवाई की है। डीआईजी अखिलेश कुमार ने बुुधवार को बताया कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया था कि जेल में संचालित पीसीओ की जिम्मेदारी जेलर आरके गौतम के पास थी। उनकी जिम्मेदारी बनती थी कि जेल से कैदी और बंदी जिसको फोन करते हैं, फोन करने से पहले उस नंबर की पुलिस से तस्दीक करानी चाहिए थी कि वह कैदी और बंदी के परिजनों का ही है या नहीं। उन्होंने इस मामले में ऐसा नहीं किया। बताया कि शासन ने इसी रिपोर्ट के आधार पर जेलर आरके गौतम को निलंबित कर दिया है। जेल अधीक्षक पीपी सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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एटा के कसबा जैंथरा निवासी डॉ. संजीव यादव आगरा के बोदला में अस्पताल चलाते हैं। उन्होंने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि गत 18 दिसंबर को सायं करीब चार बजे उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले कैदी अनिल पांडेय ने उन्हें धमकी देते हुए दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
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इस मामले की जांच गत दिनों डीआईजी आगरा रेंज अखिलेश कुमार ने की। उनकी रिपोर्ट के आधार पर बुुधवार को शासन से आए फरमान के बाद जेल प्रशासन ने आरोपी बंदी अनिल पांडेय को अलीगढ़ कारागार और इसी नाम के दूसरे बंदी अनिल दुबे को कासगंज जेल में शिफ्ट कर दिया। अनिल दुबे पर आरोप है कि उसनेे ही अनिल पांडेय के कहने पर उसके नाम से डॉक्टर को फोन किया था।
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डिप्टी जेलर ने नहीं कराई फोन नंबर की तस्दीक
डीआईजी आगरा रेंज अखिलेश कुमार की रिपोर्ट पर शासन ने कड़ी कार्रवाई की है। डीआईजी अखिलेश कुमार ने बुुधवार को बताया कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया था कि जेल में संचालित पीसीओ की जिम्मेदारी जेलर आरके गौतम के पास थी। उनकी जिम्मेदारी बनती थी कि जेल से कैदी और बंदी जिसको फोन करते हैं, फोन करने से पहले उस नंबर की पुलिस से तस्दीक करानी चाहिए थी कि वह कैदी और बंदी के परिजनों का ही है या नहीं। उन्होंने इस मामले में ऐसा नहीं किया। बताया कि शासन ने इसी रिपोर्ट के आधार पर जेलर आरके गौतम को निलंबित कर दिया है। जेल अधीक्षक पीपी सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।