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भगवान के प्रति समर्पण ही भक्ति
Etah
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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एटा । भक्ति रूपी नौका से जन्म मृत्यु के बंधन से छुटकारा पाना संभव है। संसार में आसक्ति से विपत्तियां आ सकती हैं। उक्त प्रवचन अवागढ़ हाउस में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास भगवत शरण ने दिए। उन्होंने वामन अवतार की झांकियों के माध्यम से बालि प्रसंग की कथा सुनाई। इस दौरान सैकड़ों लोगों के बीच व्यास जी ने भक्त प्रहलाद, ध्रुव आदि के प्रसंगों को सुनाया। कहा कि भक्तों ने अनेक कष्ट सहे, लेकिन धर्म का साथ नहीं छोड़ा। इस मौके पर पंडित रामनाथ मिश्र, डॉ. हरिमोहन पुरोहित, अखिलेश दीक्षित, विज्ञानदेव मिश्रा, प्रमोद कुमार पचौरी आदि मौजूद थे।
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