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Deoria News: मेडिकल काॅलेज में रोज आते हैं ढाई हजार मरीज, दवा काउंटर सिर्फ चार
Thu, 23 Jul 2026 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 23 Jul 2026 11:59 PM IST
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मेडिकल काॅलेज के दवा काउंटर पर लगी भीड़।
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में दवा काउंटर पर रोजाना धक्का-मुक्की होती है। अस्पताल की ओपीडी में औसतन ढाई हजार मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं पर मरीजों को दवा वितरण के लिए सिर्फ चार काउंटर ही चालू हैं।
परिणाम स्वरूप उमस भरी गर्मी और भीड़ के बीच हर दिन दवा के लिए धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन रहा है। ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाने के बाद मरीजों और उनके परिवार को डॉक्टर की लिखी गई दवा लेना सबसे बड़ा काम होता है। लंबी कतार में दवा लेने में आधे से एक घंटे तक लग जाता है।
पर्चा हाथ में लिए बुजुर्ग, महिलाएं और दूर-दराज के गांवों से आए बीमार लोग कतारों में पसीना बहाते नजर आते हैं। भीड़ इतनी ज्यादा हो जाती है कि दवा के चक्कर में कई बार धक्का-मुक्की की नौबत आ जाती है। इससे कई बार मरीजों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिलती है। बरियापुर से पत्नी को दिखाने आए संजय ने बताया कि सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हैं। पर्ची बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने में दो घंटे लग गए। वहां से अब दवा के लिए आधे घंटे से कतार में खड़े हैं। इतनी भीड़ है कि सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
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बच्चे की दवा लेने के लिए कतार में खड़ी बेबी ने बताया कि टिन शेड के बाहर से लाइन में लगी हूं। अभी आधी दूर ही पहुंची हूं। आधा घंटा हो गया है। पता नहीं कब तक नंबर आएगा। मरीजों और उनके परिवार वालों का कहना है कि जब अस्पताल में मरीजों की संख्या के हिसाब से काॅलेज प्रशासन को दवा काउंटरों की संख्या बढ़ानी चाहिए।
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परिणाम स्वरूप उमस भरी गर्मी और भीड़ के बीच हर दिन दवा के लिए धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन रहा है। ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाने के बाद मरीजों और उनके परिवार को डॉक्टर की लिखी गई दवा लेना सबसे बड़ा काम होता है। लंबी कतार में दवा लेने में आधे से एक घंटे तक लग जाता है।
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पर्चा हाथ में लिए बुजुर्ग, महिलाएं और दूर-दराज के गांवों से आए बीमार लोग कतारों में पसीना बहाते नजर आते हैं। भीड़ इतनी ज्यादा हो जाती है कि दवा के चक्कर में कई बार धक्का-मुक्की की नौबत आ जाती है। इससे कई बार मरीजों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिलती है। बरियापुर से पत्नी को दिखाने आए संजय ने बताया कि सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हैं। पर्ची बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने में दो घंटे लग गए। वहां से अब दवा के लिए आधे घंटे से कतार में खड़े हैं। इतनी भीड़ है कि सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
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बच्चे की दवा लेने के लिए कतार में खड़ी बेबी ने बताया कि टिन शेड के बाहर से लाइन में लगी हूं। अभी आधी दूर ही पहुंची हूं। आधा घंटा हो गया है। पता नहीं कब तक नंबर आएगा। मरीजों और उनके परिवार वालों का कहना है कि जब अस्पताल में मरीजों की संख्या के हिसाब से काॅलेज प्रशासन को दवा काउंटरों की संख्या बढ़ानी चाहिए।