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Deoria News: सरयू में पानी बढ़ने से आफत, घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
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बरहज में खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही सरयू संवाद
-दो दिनों से थमा है जलस्तर, दुश्वारियां बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी में आफत उमड़ आई है। इससे नदी का पानी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 25 सेमी ऊपर 67.75 मीटर पर बह रहा है। नदी के उफनाने से परसियां-विशुनपुर देवार के एक दर्जन मोहल्लों और गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोल खास गांव में घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। हालांकि दो दिनों से नदी का जलस्तर स्थिर है, लेकिन दुश्वारियां जस की तस बनी हुई हैं।
सरयू नदी खतरे के निशान से काफी नीचे चली गई थी। नदी के चौथी बार करवट लेने से जलस्तर में अचानक तेजी आ गई। नदी इस बार उच्चतम 67.75 मीटर तक पहुंच गई है। सरयू के उफनाने से राप्ती में भी बाढ़ आ गई है, जिससे नगर के पश्चिमी पटेलनगर वार्ड में पानी घुस गया है। सड़क पर लबालब पानी भरा होने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं। वहीं परसियां देवार के भरटोला, चौधरीपुरा, नकिहवां, महोब टोला, जबकि विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लहिया, दलित बस्ती, चौहान, लोहार, बांके, किशुन, जैतुन टोला, नई दलित बस्ती, जरलहवा, रामदरश आदि टोलों में पानी घुस गया है। जहां प्रशासन की ओर से नाव लगाया गया है।
एसडीएम अंगद यादव, तहसीलदार अरुण कुमार, नायब तहसीलदार रवींद्र मौर्य ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। जहां लोगों की समस्याओं के बारे में जानकारी लिया।
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मवेशियों के लिए चारा और अवाम के लिए रोजी-रोटी का संकट
सरयू में सैलाब उमड़ने से राप्ती नदी भी उफान पर है। नदी इस बार खतरे के निशान से एक मीटर 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी का पानी कटइलवा-कपरवार संगम तट स्थित नवीन बांध और पीडब्ल्यूडी बांध पर दबाव बना रहा है। आई बाढ़ के कारण चारों ओर पानी ही पानी हो गया है। इससे फसल जलमग्न हो गई है। वहीं मवेशियों के लिए चारा, जबकि चारों ओर पानी हो जाने से परसियां-विशुनपुर देवार के अलावा भदिला प्रथम आदि प्रभावित गांवों के लोगों के लिए रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है।
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जलस्तर दो दिनों से स्थिर है। फिलहाल बंधे पर कोई खतरा नहीं है। माॅनीटरिंग की जा रही है।
-अशोक द्विवेदी, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी में आफत उमड़ आई है। इससे नदी का पानी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 25 सेमी ऊपर 67.75 मीटर पर बह रहा है। नदी के उफनाने से परसियां-विशुनपुर देवार के एक दर्जन मोहल्लों और गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोल खास गांव में घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। हालांकि दो दिनों से नदी का जलस्तर स्थिर है, लेकिन दुश्वारियां जस की तस बनी हुई हैं।
सरयू नदी खतरे के निशान से काफी नीचे चली गई थी। नदी के चौथी बार करवट लेने से जलस्तर में अचानक तेजी आ गई। नदी इस बार उच्चतम 67.75 मीटर तक पहुंच गई है। सरयू के उफनाने से राप्ती में भी बाढ़ आ गई है, जिससे नगर के पश्चिमी पटेलनगर वार्ड में पानी घुस गया है। सड़क पर लबालब पानी भरा होने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं। वहीं परसियां देवार के भरटोला, चौधरीपुरा, नकिहवां, महोब टोला, जबकि विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लहिया, दलित बस्ती, चौहान, लोहार, बांके, किशुन, जैतुन टोला, नई दलित बस्ती, जरलहवा, रामदरश आदि टोलों में पानी घुस गया है। जहां प्रशासन की ओर से नाव लगाया गया है।
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एसडीएम अंगद यादव, तहसीलदार अरुण कुमार, नायब तहसीलदार रवींद्र मौर्य ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। जहां लोगों की समस्याओं के बारे में जानकारी लिया।
मवेशियों के लिए चारा और अवाम के लिए रोजी-रोटी का संकट
सरयू में सैलाब उमड़ने से राप्ती नदी भी उफान पर है। नदी इस बार खतरे के निशान से एक मीटर 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी का पानी कटइलवा-कपरवार संगम तट स्थित नवीन बांध और पीडब्ल्यूडी बांध पर दबाव बना रहा है। आई बाढ़ के कारण चारों ओर पानी ही पानी हो गया है। इससे फसल जलमग्न हो गई है। वहीं मवेशियों के लिए चारा, जबकि चारों ओर पानी हो जाने से परसियां-विशुनपुर देवार के अलावा भदिला प्रथम आदि प्रभावित गांवों के लोगों के लिए रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है।
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जलस्तर दो दिनों से स्थिर है। फिलहाल बंधे पर कोई खतरा नहीं है। माॅनीटरिंग की जा रही है।
-अशोक द्विवेदी, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग