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Deoria News: जिले में 52 संदिग्ध शिक्षकों पर लटक रही बर्खास्तगी की तलवार
Thu, 11 Jan 2024 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 11 Jan 2024 11:26 PM IST
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बीएसए बोलीं- अभी नहीं मिली हैं सूची, शिकायत मिलने पर कराई जाती है जांच
देवरिया। फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाए शिक्षकों की सूची प्रदेश स्तर से जारी होने के बाद जिले के ऐसे शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। जिले में शासन स्तर से 52 शिक्षकों को चिह्नित किया गया है जो जांच के दायरे में हैं। इन पर कार्रवाई के लिए एसटीएफ की ओर से सूची उपलब्ध कराई गई है।
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने की शिकायत मिलने पर जिला शुरू से ही शासन के रडार पर रहा है। शासन के दबाव के बाद जांच का दायरा बढ़ा तो पांच साल पहले इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। एसटीएफ व विभागीय स्तर पर शुरू हुई जांच में कूटरचित शैक्षिक प्रमाण पत्र, पैन, आधार बदलने के अलावा एक ही नाम से कई ऐसे शिक्षक मिले, जो दो जिलों में नौकरी करते हुए पाए गए। मानव संपदा पोर्टल पर भी शैक्षिक प्रमाण पत्रों एवं अन्य दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा पकड़ में आया।
फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर जिले के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रहे और अब सत्यापन के बाद कूटरचित सिद्ध होने के बाद बीते साढ़े पांच वर्ष में अब तक 76 शिक्षकों को सेवा से बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है। इनमें से अधिकांश पर खंड शिक्षा अधिकारी स्तर से केस भी दर्ज कराया गया है। हालांकि अभी विभागीय स्तर पर इनसे वसूली नहीं हो पाई है। इधर एसटीएफ की ओर से जिले के 52 और शिक्षकों को फर्जीवाड़े में चिह्नित किए जाने के बाद संबंधित शिक्षकों के आंखों की नींद उड़ी हुई है।
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जिन शिक्षकों के बारे में शिकायत मिलती है, उनकी जांच कराई जाती है। संदिग्ध शिक्षकों के खिलाफ जांच चल भी रही है। बीते माह कई शिक्षकों से सेवा से बाहर भी किया जा चुका है। अभी शासन या एसटीएफ स्तर से कोई नई सूची नहीं मिली है। मिलने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए
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देवरिया। फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाए शिक्षकों की सूची प्रदेश स्तर से जारी होने के बाद जिले के ऐसे शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। जिले में शासन स्तर से 52 शिक्षकों को चिह्नित किया गया है जो जांच के दायरे में हैं। इन पर कार्रवाई के लिए एसटीएफ की ओर से सूची उपलब्ध कराई गई है।
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने की शिकायत मिलने पर जिला शुरू से ही शासन के रडार पर रहा है। शासन के दबाव के बाद जांच का दायरा बढ़ा तो पांच साल पहले इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। एसटीएफ व विभागीय स्तर पर शुरू हुई जांच में कूटरचित शैक्षिक प्रमाण पत्र, पैन, आधार बदलने के अलावा एक ही नाम से कई ऐसे शिक्षक मिले, जो दो जिलों में नौकरी करते हुए पाए गए। मानव संपदा पोर्टल पर भी शैक्षिक प्रमाण पत्रों एवं अन्य दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा पकड़ में आया।
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फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर जिले के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रहे और अब सत्यापन के बाद कूटरचित सिद्ध होने के बाद बीते साढ़े पांच वर्ष में अब तक 76 शिक्षकों को सेवा से बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है। इनमें से अधिकांश पर खंड शिक्षा अधिकारी स्तर से केस भी दर्ज कराया गया है। हालांकि अभी विभागीय स्तर पर इनसे वसूली नहीं हो पाई है। इधर एसटीएफ की ओर से जिले के 52 और शिक्षकों को फर्जीवाड़े में चिह्नित किए जाने के बाद संबंधित शिक्षकों के आंखों की नींद उड़ी हुई है।
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जिन शिक्षकों के बारे में शिकायत मिलती है, उनकी जांच कराई जाती है। संदिग्ध शिक्षकों के खिलाफ जांच चल भी रही है। बीते माह कई शिक्षकों से सेवा से बाहर भी किया जा चुका है। अभी शासन या एसटीएफ स्तर से कोई नई सूची नहीं मिली है। मिलने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए