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Deoria News: महिला पीजी काॅलेज में काॅमर्स की पढ़ाई के लिए करना होगा इंतजार
Thu, 10 Sep 2026 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 10 Sep 2026 01:14 AM IST
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देवरिया। दीनानाथ पांडेय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कॉमर्स की पढ़ाई का सपना देख रही छात्राओं को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
शासन स्तर से वाणिज्य विषय की मान्यता मिलने के बावजूद शिक्षकों की तैनाती न होने और विश्वविद्यालय स्तर पर विषय के मान्यता की फाइल अटकने से सत्र शुरू नहीं हो पा रहा है। अब अगले शैक्षिक सत्र में ही छात्राओं को कामर्स विषय में पढ़ने का अवसर मिल सकेगा।
शासन ने तीन माह पूर्व ही दीनानाथ पांडेय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कॉमर्स संकाय की स्वीकृति दे दी थी। महाविद्यालय को शासन से कामर्स विषय में पठन पाठन की मंजूरी मिल गई। शिक्षकों के दो पद भी सृजित हो गए।
पर शासन स्तर से कामर्स के एक भी शिक्षक की तैनाती महाविद्यालय में नहीं की गई। इसके अलावा, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय स्तर में महाविद्यालय द्वारा कामर्स विषय के मान्यता की फाइल शासनादेश के बाद ही जमा करा दी गई। पर अभी तक विश्वविद्यालय ने निर्णय नहीं लिया है। इन वजहों के चलते महाविद्यालय प्रशासन कामर्स विषय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं कर सका। इसके चलते महाविद्यालय में दाखिले की राह देख रही छात्राओं को निराशा हुई।
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शासन स्तर से वाणिज्य विषय की मान्यता मिलने के बावजूद शिक्षकों की तैनाती न होने और विश्वविद्यालय स्तर पर विषय के मान्यता की फाइल अटकने से सत्र शुरू नहीं हो पा रहा है। अब अगले शैक्षिक सत्र में ही छात्राओं को कामर्स विषय में पढ़ने का अवसर मिल सकेगा।
शासन ने तीन माह पूर्व ही दीनानाथ पांडेय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कॉमर्स संकाय की स्वीकृति दे दी थी। महाविद्यालय को शासन से कामर्स विषय में पठन पाठन की मंजूरी मिल गई। शिक्षकों के दो पद भी सृजित हो गए।
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पर शासन स्तर से कामर्स के एक भी शिक्षक की तैनाती महाविद्यालय में नहीं की गई। इसके अलावा, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय स्तर में महाविद्यालय द्वारा कामर्स विषय के मान्यता की फाइल शासनादेश के बाद ही जमा करा दी गई। पर अभी तक विश्वविद्यालय ने निर्णय नहीं लिया है। इन वजहों के चलते महाविद्यालय प्रशासन कामर्स विषय में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं कर सका। इसके चलते महाविद्यालय में दाखिले की राह देख रही छात्राओं को निराशा हुई।
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