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Deoria News: थाने में पंचायत करने गए प्रधान को लॉकअप में डाला
Sun, 06 Apr 2025 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 06 Apr 2025 12:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी देसही देवरिया। बरनई गांव में दो चचेरे भाइयों के बीच बंटवारे को लेकर हुई पंचायत को एक पक्ष ने बाद में मानने से इन्कार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्ष के बीच विवाद हो गया। साथ गए प्रधान को पुलिस ने लाॅकअप में डाल दिया।
बताया जा रहा है पंचायत का फैसला न मानने वाले पक्ष ने थाने में तहरीर दे दी। पुलिस के बुलावे पर चार अप्रैल को प्रधान भी थाने पर पहुंचे। दोनों पक्षों में बात बिगड़ने के बाद पुलिस ने बैठा लिया। आरोप है कि इस दौरान प्रधान को लॉकअप में डाल दिया गया।
हालांकि, शाम को प्रधान को छोड़कर दोनों पक्ष का शांतिभंग में चालान कर दिया गया। बदसलूकी से क्षुब्ध प्रधान ने शनिवार को एसपी विक्रांत वीर से मिलकर आरोपी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की है।
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महुआडीह क्षेत्र के बरनई गांव के हरेंद्र यादव प्रधान हैं। उनका कहना है कि गांव के प्रभुनाथ यादव और राजेश यादव चचेरे भाई हैं। इनकी जमीन बहराइच जिले में भी है। छह माह पहले दोनों पक्षों के बीच गांव में भूमि बंटवारे को लेकर गांव के कुछ लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई थी।
दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से पंचायत में हुए निर्णय को मान लिया था। आरोप है कि चार अप्रैल को राजेश यादव पंचायत के फैसले का उल्लंघन करते दूसरे पक्ष से विवाद करने लगे। इसके बाद थाने में तहरीर दी। पुलिस के बुलाने पर दोनों पक्ष थाने पर पहुंचा। साथ में वह भी थे।
बात बिगड़ने पर दोनों पक्षों से कुछ लोगों को थाने में बैठा लिया गया। वह थाने के बाहर निकल गए। प्रधान का आरोप है कि इसी बीच एक पुलिसकर्मी पहुंचा और खींच कर लॉकअप में बंद कर दिया। उनका मोबाइल छीनकर बेल्ट भी निकलवा लिया।
शनिवार को प्रधान हरेंद्र ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर सिपाही के विरुद्ध नामजद आॅनलाइन शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद शिकायती पत्र लेकर एसपी से मिलने पहुंचे। उनकी अनुपस्थिति में एएसपी अरविंद वर्मा को तहरीर देकर सिपाही पर कार्रवाई की मांग की। एसओ अनिल कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष थाने आए थे। एक पक्ष की तरफ से प्रधान थे। दोनों तरफ से वाद-विवाद होते देख बैठा दिया गया था। बाद में दोनों तरफ से चार का चालान हुआ है। प्रधान को छोड़ दिया गया। बदसलूकी का आरोप गलत है।
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बताया जा रहा है पंचायत का फैसला न मानने वाले पक्ष ने थाने में तहरीर दे दी। पुलिस के बुलावे पर चार अप्रैल को प्रधान भी थाने पर पहुंचे। दोनों पक्षों में बात बिगड़ने के बाद पुलिस ने बैठा लिया। आरोप है कि इस दौरान प्रधान को लॉकअप में डाल दिया गया।
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हालांकि, शाम को प्रधान को छोड़कर दोनों पक्ष का शांतिभंग में चालान कर दिया गया। बदसलूकी से क्षुब्ध प्रधान ने शनिवार को एसपी विक्रांत वीर से मिलकर आरोपी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की है।
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महुआडीह क्षेत्र के बरनई गांव के हरेंद्र यादव प्रधान हैं। उनका कहना है कि गांव के प्रभुनाथ यादव और राजेश यादव चचेरे भाई हैं। इनकी जमीन बहराइच जिले में भी है। छह माह पहले दोनों पक्षों के बीच गांव में भूमि बंटवारे को लेकर गांव के कुछ लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई थी।
दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से पंचायत में हुए निर्णय को मान लिया था। आरोप है कि चार अप्रैल को राजेश यादव पंचायत के फैसले का उल्लंघन करते दूसरे पक्ष से विवाद करने लगे। इसके बाद थाने में तहरीर दी। पुलिस के बुलाने पर दोनों पक्ष थाने पर पहुंचा। साथ में वह भी थे।
बात बिगड़ने पर दोनों पक्षों से कुछ लोगों को थाने में बैठा लिया गया। वह थाने के बाहर निकल गए। प्रधान का आरोप है कि इसी बीच एक पुलिसकर्मी पहुंचा और खींच कर लॉकअप में बंद कर दिया। उनका मोबाइल छीनकर बेल्ट भी निकलवा लिया।
शनिवार को प्रधान हरेंद्र ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर सिपाही के विरुद्ध नामजद आॅनलाइन शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद शिकायती पत्र लेकर एसपी से मिलने पहुंचे। उनकी अनुपस्थिति में एएसपी अरविंद वर्मा को तहरीर देकर सिपाही पर कार्रवाई की मांग की। एसओ अनिल कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष थाने आए थे। एक पक्ष की तरफ से प्रधान थे। दोनों तरफ से वाद-विवाद होते देख बैठा दिया गया था। बाद में दोनों तरफ से चार का चालान हुआ है। प्रधान को छोड़ दिया गया। बदसलूकी का आरोप गलत है।