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Deoria News: पुल निर्माण के लिए मोड़ी जा रही छोटी गंडक की धारा

Mon, 25 May 2026 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Mon, 25 May 2026 12:01 AM IST
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The flow of the Chhoti Gandak is being diverted for the construction of a bridge.
देवरिया। छोटी गंडक नदी के पटनवा पुल पर टू लेन का नया पुल बनाने के लिए छोटी गंडक नदी की धारा को मोड़ा जा रहा है। इसके लिए नदी के दो पिलरों के बीच मिट्टी भरी गई है। इसके बाद पिलर का निर्माण शुरू होगा। एक तरफ से पिलर बन जाने के बाद यही प्रक्रिया दूसरी तरफ से अपनाई जाएगी। देवरिया-कसया मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए यहां नया पुल बनाना जरूरी है। इस पुल का निर्माण सेतु निगम करा रहा है। हालांकि, 122 साल पुराना पुल अब भी मजबूत स्थिति में है।
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देवरिया-कसया मार्ग पर छोटी गंडक नदी पर पहला पुल वर्ष 1904 में अंग्रेजों ने बनवाया था। करीब 122 साल तक इसी पुल से आवागमन होता रहा। एक दशक पहले जब इस सड़क को 10 मीटर चौड़ा किया गया, तब यहां नए पुल का निर्माण कराया गया। इसके बाद पुराने पुल से आवागमन बहुत कम हो गया है। पैदल व बाइक सवार ही उधर से गुजरते हैं। पिछले साल जब इस सड़क को फोरलेन में तब्दील करने का निर्णय लिया गया तो सबसे पहले पटनवा पुल के समानांतर टू लेन का एक और पुल स्वीकृत हुआ।
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करीब 104 मीटर लंबे इस पुल पर 115 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिछले साल दिसंबर में इसे मंजूरी मिल गई थी। हालांकि, निविदा की प्रक्रिया व अन्य कागजी कोरमपूर्ति होने में तीन महीने का वक्त बीत गया। नया पुल बनाने के लिए अभियंता नदी की धारा को मोड़ रहे हैं।
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पहले पश्चिम तरफ बनेगा पिलर, फिर पूरब से शुरू होगा काम
इस जगह पुल के पश्चिम व दक्षिण तरफ पर्याप्त जगह है। इसे ध्यान में रखते हुए अभियंताओं ने पुल के पश्चिम हिस्से में पहले काम शुरू किया और जहां मिट्टी मजबूत है वहां के दो पिलरों के लिए आधार बनाने का काम पूरा हो गया है। अब नदी की धारा के बीच काम करना है। इसके लिए पश्चिमी तरफ से मिट्टी भरकर रास्ता बनाया जा रहा है। नदी के बीच मिट्टी बहने से रोकने के लिए लकड़ी के मजबूत खंभे लगाए गए हैं और उनके बीच में जेसीबी व ट्राॅलियों की मदद से मिट्टी भरी गई है। चूंकि अभी नदी का बहाव बहुत कम है, इसलिए धारा को बांधने में कोई दिक्कत नहीं आई।
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15 जून से पहले कराया जाएगा काम
छोटी गंडक नदी भी हिमालय से निकली है और 15 जून को हिमालय क्षेत्र में होने वाली बारिश के साथ ही नदी में पानी का बहाव तेज होने लगता है। बरसात शुरू होने से पहले पिलर का काम पूरा कराना होगा। अन्यथा नदी में अक्तूबर तक कोई काम नहीं हो पाएगा, इसीलिए सेतु निगम के अधिकारी बरसात शुरू होने से पहले ही धारा के अंदर बनने वाले पिलर का काम तेजी से करा रहे हैं।
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1904 में लोहे से बना था पटनवा पुल, आज भी सुरक्षित

- नया पुल बन जाने के बाद अनुपयोगी हो गया है यह पुल, युवा बनाते हैं रील
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर कारखाना। देवरिया-कसया मुख्य मार्ग पर खांडे छापर गांव के सामने वर्ष 1904 में रुड़की के तकनीकी विशेषज्ञों ने लोहे का पुल बनाया था। आज 122 साल बाद भी पुल मजबूत है। हालांकि, यह वर्तमान जरूरत के अनुसार चौड़ा नहीं होने की वजह से अनुपयोगी हो चुका है।
फिर भी यह पुल अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। जिस जगह पर यह पुल बना है वहां, मां पाटन देवी का एक मंदिर है। इसीलिए पूरा क्षेत्र पटना क्षेत्र कहा जाता है और पटना क्षेत्र में होने के चलते इस पुल को पटनवा पुल कहा जाने लगा। गांव के आसपास के लोग बताते हैं कि लंबे समय तक यहां कोई रात में नहीं रुकता था। क्योंकि पुल के दूसरी तरफ श्मसान घाट है। यहां रात में दिया जलाना मना था और आज भी शाम को यहां काफी अंधेरा रहता है। अब आसपास कुछ दुकानें बन गई हैं, लेकिन जैसे-जैसे रात घनी होती है, यहां सन्नाटा गहराता जाता है। लोगों को उम्मीद है कि फोरलेन बनने और नए पुल के निर्माण के बाद यह सन्नाटा टूटेगा और यहां के आसपास के क्षेत्र का विकास होगा।
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लोग बोले
0 अपनी विशिष्टता के चलते पटनवा पुल को लोग दूर दूर तक जानते हैं। नया पुल बनने के बाद यहां के लोहे वाले पुल को संरक्षित घोषित किया जाना चाहिए। जिससे कि आने वाली पीढ़ी उसके इतिहास और इंजीनियरिंग को समझ सके।
विजयशंकर चौबे, रामपुर कारखाना

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0 पटनवा पुल हमारे गांव में ही है। कुछ साल पहले तक यहां विकास नहीं हो रहा था, लेकिन नया पुल बनने के बाद उम्मीद है कि बदलाव आएगा। अभी से आसपास के लोग दुकान बनाने लगे हैं। संभव है कि आगे आने वाले कुछ वर्षों में यहां भी एक चौराहा विकसित हो जाए।
विद्या गौड़, पूर्व प्रधान खांडे छापर
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0 यह पुल बहुत महत्वपूर्ण जगह पर है। यहां पुल के दोनों तरफ तीव्र मोड़ है। इसलिए प्रशासन को यहां दोनों तरफ लाइटें लगवानी चाहिए, जिससे कि दिन की तरह ही रात में भी पर्याप्त रोशनी रहे। इस जगह के विकास से आसपास के लोग बहुत प्रसन्न होंगे।

विनोद श्रीवास्तव, पोखरभिंडा लाला

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0 पटनवा पुल के आगे मोड़ पर अब फल व सब्जी की दुकानें लगने लगी हैं। यहां दिन भर लोग भुट्टा और ताजी सब्जी खरीदने के लिए रुकते हैं। बेहतर है कि पुल निर्माण व सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान एक छोटा स्थान दुकानदारों के लिए भी विकसित हो, जिससे कि आगे भी उनका रोजगार चलता रहे।

जियाउद्दीन अंसारी, प्रधान पति डुमरी
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