फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   The challan amount was not transferred to the account of Excise Department

आबकारी विभाग के खाते में ट्रांसफर नहीं हुई चालान की रकम

Sat, 19 Dec 2020 11:15 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2020 11:15 PM IST
विज्ञापन
The challan amount was not transferred to the account of Excise Department
आबकारी विभाग के खाते में ट्रांसफर नहीं हुई चालान की रकम
विज्ञापन

देवरिया। एसबीआई से आबकारी विभाग के खाते में शराब के लाइसेंसी दुकानदारों की ओर से जमा की गई चालान की रकम ट्रांसफर नहीं हुआ है। इससे बैंक के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि बैंक अपने किसी कर्मचारी के इसमें शामिल होने की बात से इंकार कर रहा है, लेकिन सवाल यह भी है कि बिना किसी बैंककर्मी की मिलीभगत से ऐसा हो पाने की उम्मीद भी कम ही है। उधर, चालान में गड़बड़ी की आशंका से विभाग ने पिछले एक वर्ष के अंदर कारोबारियों की ओर से भरे गए जुर्माने की जांच शुरू कर दी है।
आबकारी विभाग की ओर से जिले में 188 देसी, 83 विदेशी और इतनी ही अंग्रेजी शराब की दुकानों के संचालन के लिए लाइसेंस दिया गया है। इसके साथ ही पांच-पांच मॉडल शॉप भी हैं। दुकानों की देखरेख और नियमित जांच पड़ताल के लिए पांचों तहसील क्षेत्र में एक-एक आबकारी इंस्पेक्टर की तैनाती है। छह माह पूर्व अधिकारियों ने जिले की कुछ दुकानों की जांच कर जुर्माना लगाया था। चार दुकानदारों ने भारतीय स्टेट बैंक में चालान की राशि जमा कर रसीद आबकारी विभाग को दे दी।
विज्ञापन

हैरत की बात यह है कि बैंक से यह रकम विभाग के खाते में नहीं पहुंचा। पिछले दिनों विभाग के अधिकारियों ने जुर्माने की रकम का मिलान किया तो उसमें कुछ अंतर मिला। इस पर विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में जुर्माने की पूरी रकम की जांच शुरू करा दी। जांच में पाया गया कि चार दुकानदारों के चालान का पैसा विभाग में जमा नहीं हुआ है। इनमें से एक दुकान पर 10 हजार और तीन दुकानों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जबकि इन दुकानदारों की रसीद जमा थी। आबकारी विभाग ने इन चारों को नोटिस भेजकर उन्हें छह माह के ब्याज के साथ जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है। उधर, लाइसेंसधारियों का कहना है कि उन लोगों ने बैंक में पैसा जमा कर दिया था। बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से रुपये ट्रांसफर नहीं हुए हैं। जिला आबकारी अधिकारी अश्वनी कुमार ने शनिवार को बताया कि दुकानदारों ने चालान जमा कर रसीद लगाया था, हालांकि अभी तक उसका भुगतान विभाग के खाते में नहीं हुआ है। इन्हें नोटिस जारी कर छह माह के ब्याज के साथ अब जुर्माना जमा करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैंक में चालान जमा होने के अगले दिन ही संबंधित विभाग के खाते में ट्रेजरी की ओर से धन को भेज दिया जाता है। लंबे अंतराल के बाद आबकारी विभाग ने इस मामले का संज्ञान लिया है। यह भी संदेह के घेरे में है। एसबीआई की ओर से इस मामले में कोई गड़बड़ी नहीं की गई है। शिकायत मिलने पर सक्षम अधिकारी की जांच के बाद ही कुछ कहना सही होगा।
- सुधाकर दूबे, चीफ मैनेजर, एसबीआई मुख्य शाखा, राघवनगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed