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Deoria News: शहर को जाम से मुक्ति दिलाएगा 22 किमी लंबा फोरलेन बाईपास
Sat, 06 Sep 2025 01:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 06 Sep 2025 01:34 AM IST
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सिरजम से बन रहे बाईपास की फोटो
81 प्रतिशत किसानों ने दी अपनी जमीन, बाकी 19 प्रतिशत जमीन लेने की कवायद तेज
राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण करा रहा है सड़क का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बाईपास का निर्माण शुरू हो गया है। इस मार्ग के लिए करीब 81 प्रतिशत किसानों ने अपनी जमीन सरकार के नाम कर दी। बाकी बचे 11 प्रतिशत किसानों से जमीन लेने की कवायद में प्रशासन जुटा हुआ है। इस बाईपास के बन जाने से न सिर्फ शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में भी विकास कार्य तेज होंगे।
शहर से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों का भार कम करने के लिए गोरखपुर रोड पर सिरजम खास से बैतालपुर लाहिलपार होते हुए मुंडेरा बुजुर्ग तक करीब 22 किमी लंबा फोरलेन बाईपास के निर्माण के लिए करीब 110 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। इसमें करीब 81 प्रतिशत भूमि के अधिग्रहण में प्रशासन को काफी सफलता मिल गई है। 8300 किसानों में से करीब 6600 किसानों ने अपनी जमीन सड़क के लिए सरकार के नाम कर दी है।
इसके लिए 388 करोड़ रुपये का भुगतान भी किसानों को कर दिया गया है। वहीं बाकी के किसानों से भी जमीन लेने की कवायद चल रही है। हालांकि इसमें कुछ किसान अभी उच्च न्यायालय में वाद दायर कर अपने जमीन की भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार कीमत देने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें नियम के अनुसार मुआवजा नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद जिन जमीनों की रजिस्ट्री मिल चुकी है। उनपर कार्यदायी संस्था ने काम शुरू कर दिया है। इस सड़क का निर्माण सीडीएस इंफ्रा कंपनी करा रही है। कंपनी ने यह ठेका 588 करोड़ रुपये में हासिल किया है। अब निर्माण शुरू होने से लोगों को विकास की किरण दिखाई देने लगी है।
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शहर में फोरलेन पर वाहनों का भारी दबाव है। शहर में सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक भारी वाहनों के लिए नो इंट्री रहती है। इससे काफी परेशानी होती है। वहीं शहर से होकर गुजरते हुए बिहार को जाने वाले भारी वाहनों को पूरे दिन इंतजार करना पड़ता है। रात में फिर से वाहन गंतव्य को निकलते हैं। इससे उनका काफी समय बर्बाद होता है। बाईपास बन जाने से यह वाहन शहर के बाहर से ही चले जाएंगे। इससे काफी समय बचेगा। अन्य लोग जिन्हें दूसरे शहर जाना है, वह भी बाईपास का प्रयाग कर समय बचा सकेंगे।
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इन गांवों से होकर गुजरेगा देवरिया बाईपास
स्वीकृत देवरिया बाईपास सिरजम खास से इटवा, गुडरी, बैतालपुर, बलुआ, सझवा, बरारी तप्पा चतुरा, बासपार बुजुर्ग, जैतपुरा, मुडरा, परसा बरवा, गौरा, भीमपुर, बरारी तप्पा गोबराई, भगौतीपुर, पोखरभिंडा तप्पा गोबराई, मुडेरा तप्पा गोबराई, धनौती खुर्द, गोबराई खास, कुसम्हा बेलवा, रामपुर खुर्द, पगरा उर्फ परसिया, पकड़ी खुर्द, बडहरा, पकड़ी बुजुर्ग, लाहिलपार उर्फ रतनपुरा. घटेलावेती उर्फ चकबंदी, घटेलागाजी, चकरवा धूस, देवरिया मीर, सरैया तप्पा कचुआर, दुबौली तप्पा कचुआर, अहिलवार खुर्द, धनौती, अहिलवार बुजुर्ग, सुकरौली व सोनूघाट से आगे मुंडेरा बुजुर्ग के पास देवरिया-सलेमपुर फोरलेन से जुड़ जाएगा।
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कुछ किसानों ने हाईकोर्ट में किया है केस, चल रही सुनवाई
भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा की मांग को लेकर भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले कुछ किसान आंदोलन करते आ रहे हैं। इन किसानों का कहना है कि सरकार ने मुआवजा के लिए 2013 के अधिनियम के मानकों का उल्लंघन कर रही है। किसान और सेवानिवृत्त शिक्षक अजीत तिवारी का कहना है कि सरकार नियम के अनुसार मुआवजा नहीं दे रही है। न्यायालय में वाद दाखिल है। इस पर जल्दी निर्णय आने की उम्मीद है। इस सम्बंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा का कहना है कि जल्द ही कोई निर्णय के साथ किसानों से बातचीत कर समस्या का समाधान कर बाईपास निर्माण कार्य शुरु कराया जायेगा।
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जितनी जमीन निकल रही है, उसमें से प्रशासन 100 एअर तक सर्किल रेट या बाजार भाव के दूना मूल्य दे रहा है। इससे अधिक का रकबा किसी किसान का निकल रहा है। उसमें दो तिहाई मूल्य में कटौती की जा रही है। यह गलत है। इसके खिलाफ हम हाईकोर्ट गए हैं। इस पर सुनवाई चल रही है।
धनंजय मणि, किसान, बरारी
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727 ए में सरकार की ओर से तय मानक के अनुसार सरकार धन नहीं दे रही है। यह सिर्फ देवरिया में हो रहा है। 2013 के नियम के अनुसार हमें जमीन के एवज में धन मिल जाए, 100 एयर से अधिक पर कटौती नहीं हो तो हमेंं जमीन देने में कोई दिक्कत नहीं है। हम पूरा मुआवजा पाने के लिए हाईकोर्ट में गए हैं। इसमें सुनवाई अंतिम चरण में है।
विश्वनाथ मणि, किसान, बरारी
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कोट.
बाईपास निर्माण में भूमि अधिग्रहण की अधिकतर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सड़क का निर्माण शुरू हो गया है। इसके बन जाने से आवागमन में सहूलियत होगी।
जैनेंद्र सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन
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राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण करा रहा है सड़क का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बाईपास का निर्माण शुरू हो गया है। इस मार्ग के लिए करीब 81 प्रतिशत किसानों ने अपनी जमीन सरकार के नाम कर दी। बाकी बचे 11 प्रतिशत किसानों से जमीन लेने की कवायद में प्रशासन जुटा हुआ है। इस बाईपास के बन जाने से न सिर्फ शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में भी विकास कार्य तेज होंगे।
शहर से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों का भार कम करने के लिए गोरखपुर रोड पर सिरजम खास से बैतालपुर लाहिलपार होते हुए मुंडेरा बुजुर्ग तक करीब 22 किमी लंबा फोरलेन बाईपास के निर्माण के लिए करीब 110 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। इसमें करीब 81 प्रतिशत भूमि के अधिग्रहण में प्रशासन को काफी सफलता मिल गई है। 8300 किसानों में से करीब 6600 किसानों ने अपनी जमीन सड़क के लिए सरकार के नाम कर दी है।
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इसके लिए 388 करोड़ रुपये का भुगतान भी किसानों को कर दिया गया है। वहीं बाकी के किसानों से भी जमीन लेने की कवायद चल रही है। हालांकि इसमें कुछ किसान अभी उच्च न्यायालय में वाद दायर कर अपने जमीन की भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार कीमत देने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें नियम के अनुसार मुआवजा नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद जिन जमीनों की रजिस्ट्री मिल चुकी है। उनपर कार्यदायी संस्था ने काम शुरू कर दिया है। इस सड़क का निर्माण सीडीएस इंफ्रा कंपनी करा रही है। कंपनी ने यह ठेका 588 करोड़ रुपये में हासिल किया है। अब निर्माण शुरू होने से लोगों को विकास की किरण दिखाई देने लगी है।
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शहर में फोरलेन पर वाहनों का भारी दबाव है। शहर में सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक भारी वाहनों के लिए नो इंट्री रहती है। इससे काफी परेशानी होती है। वहीं शहर से होकर गुजरते हुए बिहार को जाने वाले भारी वाहनों को पूरे दिन इंतजार करना पड़ता है। रात में फिर से वाहन गंतव्य को निकलते हैं। इससे उनका काफी समय बर्बाद होता है। बाईपास बन जाने से यह वाहन शहर के बाहर से ही चले जाएंगे। इससे काफी समय बचेगा। अन्य लोग जिन्हें दूसरे शहर जाना है, वह भी बाईपास का प्रयाग कर समय बचा सकेंगे।
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इन गांवों से होकर गुजरेगा देवरिया बाईपास
स्वीकृत देवरिया बाईपास सिरजम खास से इटवा, गुडरी, बैतालपुर, बलुआ, सझवा, बरारी तप्पा चतुरा, बासपार बुजुर्ग, जैतपुरा, मुडरा, परसा बरवा, गौरा, भीमपुर, बरारी तप्पा गोबराई, भगौतीपुर, पोखरभिंडा तप्पा गोबराई, मुडेरा तप्पा गोबराई, धनौती खुर्द, गोबराई खास, कुसम्हा बेलवा, रामपुर खुर्द, पगरा उर्फ परसिया, पकड़ी खुर्द, बडहरा, पकड़ी बुजुर्ग, लाहिलपार उर्फ रतनपुरा. घटेलावेती उर्फ चकबंदी, घटेलागाजी, चकरवा धूस, देवरिया मीर, सरैया तप्पा कचुआर, दुबौली तप्पा कचुआर, अहिलवार खुर्द, धनौती, अहिलवार बुजुर्ग, सुकरौली व सोनूघाट से आगे मुंडेरा बुजुर्ग के पास देवरिया-सलेमपुर फोरलेन से जुड़ जाएगा।
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कुछ किसानों ने हाईकोर्ट में किया है केस, चल रही सुनवाई
भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा की मांग को लेकर भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले कुछ किसान आंदोलन करते आ रहे हैं। इन किसानों का कहना है कि सरकार ने मुआवजा के लिए 2013 के अधिनियम के मानकों का उल्लंघन कर रही है। किसान और सेवानिवृत्त शिक्षक अजीत तिवारी का कहना है कि सरकार नियम के अनुसार मुआवजा नहीं दे रही है। न्यायालय में वाद दाखिल है। इस पर जल्दी निर्णय आने की उम्मीद है। इस सम्बंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा का कहना है कि जल्द ही कोई निर्णय के साथ किसानों से बातचीत कर समस्या का समाधान कर बाईपास निर्माण कार्य शुरु कराया जायेगा।
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जितनी जमीन निकल रही है, उसमें से प्रशासन 100 एअर तक सर्किल रेट या बाजार भाव के दूना मूल्य दे रहा है। इससे अधिक का रकबा किसी किसान का निकल रहा है। उसमें दो तिहाई मूल्य में कटौती की जा रही है। यह गलत है। इसके खिलाफ हम हाईकोर्ट गए हैं। इस पर सुनवाई चल रही है।
धनंजय मणि, किसान, बरारी
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727 ए में सरकार की ओर से तय मानक के अनुसार सरकार धन नहीं दे रही है। यह सिर्फ देवरिया में हो रहा है। 2013 के नियम के अनुसार हमें जमीन के एवज में धन मिल जाए, 100 एयर से अधिक पर कटौती नहीं हो तो हमेंं जमीन देने में कोई दिक्कत नहीं है। हम पूरा मुआवजा पाने के लिए हाईकोर्ट में गए हैं। इसमें सुनवाई अंतिम चरण में है।
विश्वनाथ मणि, किसान, बरारी
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कोट.
बाईपास निर्माण में भूमि अधिग्रहण की अधिकतर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सड़क का निर्माण शुरू हो गया है। इसके बन जाने से आवागमन में सहूलियत होगी।
जैनेंद्र सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन