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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी थैलीसीमिया की जांच, मरीजों को होगी सहूलियत

Wed, 21 Aug 2024 12:12 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2024 12:12 AM IST
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Thalassemia test will start in medical college, patients will get convenience
- छह से आठ घंटे में मरीजों को मिले जाएंगे रिपोर्ट
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को थैलीसीमिया के जांच की सुविधा मिलने लगेगी। इसके मद्देनजर कवायद शुरू कर दी गई है। करीब आठ माह में इस जांच के चालू होने की उम्मीद है। इसके लिए उपकरण सहित अन्य सामग्री मंगाने के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए बजट भी स्वीकृत हो गया है। इस जांच के होने से खून की कमी होने के कारण की आसानी से जानकारी हो जाएगी।
छह से आठ घंटे में जांच रिपोर्ट मरीज को उपलब्ध कराई जाएगी। जांच के मरीज को निर्धारित शुल्क देना होगा। अभी मरीजों को जांच के लिए निजी सेंटरों की ओर रुख करना पड़ता है, जहां उन्हें अधिक शुल्क देना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज में जांच शुरू होने मरीजों को सहूलियत होगी। समय के साथ उनके धन की बचत होगी। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में थैलीसीमिया जांच की सुविधा नहीं है। यहां इलाज के लिए खून की कमी के मरीज आते हैं। उनको कमजोरी, सांस लेने में दिक्कत आदि समस्या होती है। ब्लड चढ़ाने के बाद भी कम हो जाता है। ठीक से बनता नहीं है। ब्लड किस वजह से कम हो रहा है।
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हीमोग्लोबीन बनने, उसमें ऑक्सीजन की जानकारी के लिए थैलीसीमिया की पुष्टि के लिए जांच कराई जाती है। यह बीमारी आनुवंशिक होती है जो जन्मजाता होती है। खून बनता है, पर आरबीसी टूट जाती है, जिससे खून की कमी हो जाती है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह जांच आवश्यक होती, जिससे उनका कराया जाता है, ताकि समय रहते बीमारी का पता चल सके। इसकी जांच ब्लड सैंपल लेकर मशीन से किया जाता है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा न होने से रोजाना करीब 10 से 15 मरीजों निजी सेंटरों की ओर रुख करना पड़ता है, जहां उन्हें 2500 से 3000 रुपये शुल्क देना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है। इसे देखते हुए प्राचार्य राजेश कुमार बरनवाल ने पैथाेलाॅजी के विभागाध्यक्ष डॉ. पवन त्रिवेदी सहित अन्य जिम्मेदारों से बात कर योजना बनाई। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा, वहां से अनुमति मिलने के साथ ही करीब 50 लाख रुपये का बजट भी उपलब्ध करा दिया गया है। अब उपकरणों के खरीदारी की प्रक्रिया भी जल्द शुरू कर दी जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज में करीब आठ से दस माह के अंदर थैलीसीमिया व सिकल सेलेमिनिया की जांच शुरू होने की उम्मीद है। इसके चालू होने से एनीमिया के मरीजों की जांच आसानी से हो जाएगी। इसके लिए मरीजों को शुल्क देना होगा, जो केसीएमयू की दर पर होगा, जो बाहर से कम ही होगा, लेकिन यह अभी निर्धारित नहीं है। जांच की तैयारी पूरी होने के बाद कमेटी से अनुमोदन के बाद तय होगा।
मेडिकल कॉलेज में थैलीसीमिया की जांच के लिए उपकरण व अन्य सामग्री मंगाने की तैयारी की जा रही है। इस जांच के लिए एचपीएसी मशीन महत्वपूर्ण होती है। उनके आने के बाद जांच शुरू कर दी जाएगी। जांच रिपोर्ट छह से आठ घंटे में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों का आसानी होगी।

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मेडिकल कॉलेज थैलीसीमिया, सिकल सेलेमिया जांच की सुविधा शुरू करने के लिए प्राचार्य के निर्देश पर कार्य योजना बनाई गई है। इसके लिए तैयारी की जा रही है। सामग्री मंगाने की प्रक्रिया की जा रही है। जांच शुरू होने में करीब आठ से दस माह का समय लगेगा। इसके बाद मरीजों जांच सहूलियत होगी। उन्हें भटकना नहीं होना पड़ेगा।
-डॉ. पवन त्रिवेदी, विभागाध्यक्ष पैथालाजी, मेडिकल कॉलेज
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