देवरिया: शिक्षक की पत्नी को बना दिया गुंडा, एडीजी की जांच में नप गए कोतवाल समेत चार पुलिस कर्मी
शिक्षक कृष्णकांत तिवारी ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय देसहीं देवरिया में शिक्षक व पीड़ित कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि मेरे साथ कोतवाल गोपाल पांडेय अन्याय किया था। मेरे व मेरी पत्नी पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई जान बुझ कर किया था। इसकी सजा उनको मिली है।
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देवरिया जिले में पुलिस का कारनामा भी खूब है। सेवानिवृत्त शिक्षक की पत्नी गृहिणी हैं। पर भूमि विवाद के मामले में मारपीट में पुलिस ने गुंडा बना दिया। यहां तक कि केस भी न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ था। इसकी शिकायत जब एडीजी के पास पहुंची तो तीन दिन के भीतर जांच कराई तो मामले का खुलासा हुआ। इस मामले में पता चला कि महिला के ऊपर भी गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी गई है। इस पर एसपी ने सलेमपुर के कोतवाल गोपाल पांडेय सहित चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के सिसवां दीक्षित गांव निवासी लाल बिहारी त्रिपाठी सेवा निवृत्त शिक्षक हैं। अपने बड़े बेटे शिक्षक कृष्णकांत त्रिपाठी व उनकी पत्नी सोनू त्रिपाठी पर गुंडा एक्ट लगाए जाने को लेकर 14 सितम्बर को अपर पुलिस महानिदेश से मिले।
उनको शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि वह अपने पड़ोसी दिग्विजय नाथ तिवारी से 10 जून 2021 को उनका मकान व दरवाजा सहन सहित रजिस्ट्री कराया है। जिसको दाखिल खारिज 16 दिसम्बर 2022 को नायब तहसीलदार के यहां से हो चुका है। दीवानी न्यायालय के द्वारा उस भूमि पर यथा स्थिति का आदेश पारित है। 22 मार्च 2023 को उस भूमि पर राम निवास तिवारी ने कब्जा करते हुए लोहे का गेट लगवाने लगे। जिसका हमने प्रशासनिक मदद डायल 112 से लेते हुए दो बार विरोध किया।
प्रशासन के मना करने के बाद भी राम निवास जबरदस्ती गेट लगवाने लगे। फिर विरोध करने पर हमारे परिवार के लोगों को पीटा। प्राथमिक उपचार के बाद कोतवाली में तहरीर दी तो कहे कि हम किसी की तहरीर नहीं लेंगे। कोर्ट के आदेश पर हमारे परिवार के लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
इस बीच कोतवाल हमारे लड़कों को थाने बुलाकर रजिस्ट्री वापस करने का दबाव बनाने लगे। जब बात नहीं मानी तो मेरे बड़े बेटे कृष्णकांत त्रिपाठी जो देसहीं देवरिया में प्राथमिक स्कूल में टीचर हैं उन पर और उनकी पत्नी सोनू त्रिपाठी जो गृहिणी हैं पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी। जिस पर अपर पुलिस महानिदेशक ने तीन के अंदर एएसपी को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
जांच में कोतवाल सहित चार पुलिस कर्मी दोषी पाए गए। इस पूरे प्रकरण पर नजर दौड़ाई तो दोनों तरफ से ही पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहा है, क्योंकि विपक्षी का भी केस दर्ज न होने पर उसे न्यायालय जाना पड़ा। इसके बाद मारपीट, लूट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस एक तरफा को ही गुंडा बना दी।
क्या कहते हैं पीड़ित जिन पर कोतवाल ने किया था गुंडा एक्ट की कार्रवाई
सोनू त्रिपाठी ने कहा कि मैं गृहिणी हूं। लेकिन पुलिस ने मुझ पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर गलत किया। जबकि मेरे पति शिक्षक हैं। ऐसे लोगों पर जब इस तरह की कार्रवाई होगी तो लोगों का पुलिस से भरोसा उठ जाएगा।
एसपी संकल्प शर्मा ने कहा कि कोतवाल की कई मामलों में शिकायत मिली थी, जिसके कारण निलंबित कर दिया गया है। अन्य पुलिस कर्मी भी अपने दायित्वों का ठीक ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे थे। गुंडा एक्ट वाले मामले की भी जांच की जा रही है।