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फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार 12 साल से नौकरी कर रही शिक्षिका बर्खास्त
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फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार 12 साल से नौकरी कर रही शिक्षिका बर्खास्त
देवरिया। सदर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय अगया की प्रधानाध्यापक रीता यादव को बीएसए ने बुधवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया। उन पर फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप था। विभागीय जांच एवं प्रमाण पत्रों के सत्यापन में उनके शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। तीन जून को विभाग की ओर से उन्हें अंतिम नोटिस भी दी गई थी। हालांकि उनके उपस्थित नहीं होने पर एवं कोई जवाब नहीं दिए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।
बीएसए संतोष कुमार राय ने बुधवार को बताया कि देवरिया सदर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय अगया की प्रधानाध्यापक रीता यादव के बीए और बीएड परीक्षा के अंकपत्र का सत्यापन लखनऊ विश्वविद्यालय से कराया गया। वहां के परीक्षा नियंत्रक ने अवगत कराया है कि रीता यादव पुत्री एलबी यादव बीए वर्ष 2000, अनुक्रमांक 8530277 के स्थान पर अशोक कुमार गुप्ता पुत्र केपी साह का नाम अंकित है। वहीं रीता यादव पुत्री एलबी यादव बीएड परीक्षा वर्ष 2003, अनुक्रमांक 346045 के स्थान पर रीता कुमारी पुत्री बीएन गुप्ता का नाम अंकित है। एसटीएफ लखनऊ की ओर से साक्ष्यों के साथ भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर इनके खिलाफ जांच कार्यवाही शुरू की गई थी। इसमें इनके बीए एवं बीएड के अंक पत्र कूटरचित एवं फर्जी पाए गए हैं। शिक्षिका को फरवरी में इस संबंध में साक्ष्य के साथ स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। उनकी ओर से कोई प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। तीन जून को उन्हें अंतिम नोटिस भी जारी किया गया। हालांकि वह उपस्थित नहीं हुई। वह विभाग में जुलाई 2010 में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त हुई थीं। फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद उन्हेें अध्यापक सेवा नियमावली एवं विभागीय नियमों के तहत सेवा से बर्खास्त किया जाता है। साथ ही देवरिया सदर के खंड शिक्षा अधिकारी को कि संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने निर्देश दिया गया है।
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देवरिया। सदर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय अगया की प्रधानाध्यापक रीता यादव को बीएसए ने बुधवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया। उन पर फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप था। विभागीय जांच एवं प्रमाण पत्रों के सत्यापन में उनके शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। तीन जून को विभाग की ओर से उन्हें अंतिम नोटिस भी दी गई थी। हालांकि उनके उपस्थित नहीं होने पर एवं कोई जवाब नहीं दिए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।
बीएसए संतोष कुमार राय ने बुधवार को बताया कि देवरिया सदर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय अगया की प्रधानाध्यापक रीता यादव के बीए और बीएड परीक्षा के अंकपत्र का सत्यापन लखनऊ विश्वविद्यालय से कराया गया। वहां के परीक्षा नियंत्रक ने अवगत कराया है कि रीता यादव पुत्री एलबी यादव बीए वर्ष 2000, अनुक्रमांक 8530277 के स्थान पर अशोक कुमार गुप्ता पुत्र केपी साह का नाम अंकित है। वहीं रीता यादव पुत्री एलबी यादव बीएड परीक्षा वर्ष 2003, अनुक्रमांक 346045 के स्थान पर रीता कुमारी पुत्री बीएन गुप्ता का नाम अंकित है। एसटीएफ लखनऊ की ओर से साक्ष्यों के साथ भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर इनके खिलाफ जांच कार्यवाही शुरू की गई थी। इसमें इनके बीए एवं बीएड के अंक पत्र कूटरचित एवं फर्जी पाए गए हैं। शिक्षिका को फरवरी में इस संबंध में साक्ष्य के साथ स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। उनकी ओर से कोई प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। तीन जून को उन्हें अंतिम नोटिस भी जारी किया गया। हालांकि वह उपस्थित नहीं हुई। वह विभाग में जुलाई 2010 में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त हुई थीं। फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद उन्हेें अध्यापक सेवा नियमावली एवं विभागीय नियमों के तहत सेवा से बर्खास्त किया जाता है। साथ ही देवरिया सदर के खंड शिक्षा अधिकारी को कि संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने निर्देश दिया गया है।
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