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Deoria News: केमिकल से रंगी चायपत्ती बना रही बीमार
Sun, 26 Jan 2025 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 26 Jan 2025 01:11 AM IST
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देवरिया। खुली चायपत्ती खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में धंधेबाज बाजार में केमिकल युक्त चायपत्ती बेच रहे हैं। यह सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा रही है। पूर्वांचल में नेपाल से सटे बहराइच व लखीमपुर खीरी से बड़ी मात्रा में बोरियों व प्लास्टिक की थैलियों में यहां मिलावटी चायपत्ती खपाई जा रही है। सस्ती जानकर घर में और अधिकतर चाय की दुकान वाले इसका उपयोग कर रहे हैं।
आजकल खाने-पीने की चीजों में मिलावट आम बात हो गई है। चायपत्ती जैसी रोजमर्रा की चीज भी इस गंदे खेल से अछूती नहीं रही है। धंधेबाज चायपत्ती में सूखा गोबर, लकड़ी का बुरादा और केमिकल रंग जैसे हानिकारक पदार्थ मिलाकर बेच रहे हैं। ऐसी मिलावटी चाय का सेवन शरीर को बीमारियों का घर बना सकता है। इससे पाचन संबंधी समस्याएं और एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है।
इधर लखनऊ व गोरखपुर सहित अन्य जगहों पर चायपत्ती विक्रेताओं के हुई छापेमारी में यह खुलासा हुआ है कि धंधेबाज आसाम से सस्ती घटिया चायपत्ती मंगाकर उसमें केमिकल और रंग मिलाकर स्ट्रांग बना दे रहे हैं। इसके बाद अलग-अगल ब्रांड की कंपनियों का कवर छपवाकर उसमें मिलावटी चायपत्ती भरकर बेच रहे हैं। इन चायपत्तियों की सप्लाई लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, शाहजहांपुर, बहराइच पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में यह चायपत्ती सप्लाई की जा रही है। जिले में हर माह 25 से 30 लाख रुपये से अधिक की चायपत्ती का कारोबार होता है। शहर में ही छोटी बड़ी मिलाकर कुल 10 दुकानें हैं।
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आजकल खाने-पीने की चीजों में मिलावट आम बात हो गई है। चायपत्ती जैसी रोजमर्रा की चीज भी इस गंदे खेल से अछूती नहीं रही है। धंधेबाज चायपत्ती में सूखा गोबर, लकड़ी का बुरादा और केमिकल रंग जैसे हानिकारक पदार्थ मिलाकर बेच रहे हैं। ऐसी मिलावटी चाय का सेवन शरीर को बीमारियों का घर बना सकता है। इससे पाचन संबंधी समस्याएं और एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है।
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इधर लखनऊ व गोरखपुर सहित अन्य जगहों पर चायपत्ती विक्रेताओं के हुई छापेमारी में यह खुलासा हुआ है कि धंधेबाज आसाम से सस्ती घटिया चायपत्ती मंगाकर उसमें केमिकल और रंग मिलाकर स्ट्रांग बना दे रहे हैं। इसके बाद अलग-अगल ब्रांड की कंपनियों का कवर छपवाकर उसमें मिलावटी चायपत्ती भरकर बेच रहे हैं। इन चायपत्तियों की सप्लाई लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, शाहजहांपुर, बहराइच पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में यह चायपत्ती सप्लाई की जा रही है। जिले में हर माह 25 से 30 लाख रुपये से अधिक की चायपत्ती का कारोबार होता है। शहर में ही छोटी बड़ी मिलाकर कुल 10 दुकानें हैं।
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