{"_id":"67390265969e2703b80b3ccc","slug":"strict-instructions-to-comply-with-safety-standards-deoria-news-c-208-1-sgkp1009-139976-2024-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: सुरक्षा मानकों के अनुपालन के सख्त निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: सुरक्षा मानकों के अनुपालन के सख्त निर्देश
Sun, 17 Nov 2024 02:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 17 Nov 2024 02:06 AM IST
विज्ञापन
देवरिया। झांसी मेडिकल कॉलेज की घटना बाद प्रशासन चौकन्ना हो गया है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने शनिवार को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर फायर सेफ्टी मानकों का गहन परीक्षण किया।
वह सबसे पहले मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग पहुंचीं, जहां एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने इमरजेंसी फायर एग्जिट का स्पष्ट और सुरक्षित मार्ग बनाने के निर्देश दिए। कहा कि आकस्मिक परिस्थितियों में इमरजेंसी एग्जिट लोगों की जान बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज में लगे सभी फायर एक्सटिंगशर की एक्सपायरी डेट की नियमित जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों को आग जैसी आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए समुचित प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया।
विज्ञापन
साथ ही इमरजेंसी मार्ग बनाने के लिए स्थान चिह्नित कर जल्द निर्माण कराने तथा फायर सेफ्टी आफिसर नियुक्त करने का निर्देश प्राचार्य को दिया, ताकि समय-समय जांच होती रहे।
चीफ फायर सेफ्टी ऑफिसर अरुण कुमार ने जिलाधिकारी को बताया कि मेडिकल कॉलेज का फायर ऑडिट इस वर्ष जनवरी और जून में हुआ है। फायर ऑडिट के दौरान जो भी कमियां पाई गई थीं, कॉलेज प्रशासन ने समय रहते ठीक कर लिया है।
विज्ञापन
वह सबसे पहले मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग पहुंचीं, जहां एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने इमरजेंसी फायर एग्जिट का स्पष्ट और सुरक्षित मार्ग बनाने के निर्देश दिए। कहा कि आकस्मिक परिस्थितियों में इमरजेंसी एग्जिट लोगों की जान बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज में लगे सभी फायर एक्सटिंगशर की एक्सपायरी डेट की नियमित जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों को आग जैसी आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए समुचित प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया।
विज्ञापन
साथ ही इमरजेंसी मार्ग बनाने के लिए स्थान चिह्नित कर जल्द निर्माण कराने तथा फायर सेफ्टी आफिसर नियुक्त करने का निर्देश प्राचार्य को दिया, ताकि समय-समय जांच होती रहे।
चीफ फायर सेफ्टी ऑफिसर अरुण कुमार ने जिलाधिकारी को बताया कि मेडिकल कॉलेज का फायर ऑडिट इस वर्ष जनवरी और जून में हुआ है। फायर ऑडिट के दौरान जो भी कमियां पाई गई थीं, कॉलेज प्रशासन ने समय रहते ठीक कर लिया है।