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Deoria News: शीला चतुर्वेदी को मिला राज्य अध्यापक पुरस्कार
Wed, 27 Aug 2025 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 27 Aug 2025 11:35 PM IST
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राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शीला चतुर्वेदी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। उत्तर प्रदेश राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुने गए प्रतिभागियों में सदर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बैरौना की प्रधानाध्यापिका शीला चतुर्वेदी भी शामिल हैं। वह अपने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका के साथ ही जिले के तीन एसआरजी में से एक हैं।
शीला चतुर्वेदी वर्ष 2005 में बेसिक शिक्षा में अध्यापक बनीं। वह प्राथमिक विद्यालय बैरौना में प्रधानाध्यापिका के रूप में तैनात हैं। शीला ने अपने शिक्षण के दौरान बुनियादी शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए कई प्रयास किए। शीला चतुर्वेदी के अनुसार उन्होंने विद्यालय को चार सदनों में बांटकर उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना भरी। इससे एक टीम में काम करने के फायदा का भी पता बच्चों को चला।
सुबह की सभा में बच्चों को आज का विचार और समाचार पढ़ने जैसी गतिविधियों से जोड़कर आत्मविश्वास भरा। इससे बच्चों ने ब्लाॅक स्तर से जिला और मंडल स्तर तक पुरस्कार जीते। बच्चों में स्वच्छता के भाव भरे। खेल उत्सव शुरू करवाया।
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शैक्षणिक भ्रमण, पुस्तकालय का विस्तार करने के साथ साथ विद्यालय में किताबों की प्रदर्शनी लगवायी। कोविड 19 में आॅनलाइन शिक्षा, बच्चों में शिक्षा के विस्तार के लिए ई-कन्टेन्ट बनवाए। विद्यालय में वार्षिकोत्सव की परंपरा डाली गई।
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देवरिया। उत्तर प्रदेश राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुने गए प्रतिभागियों में सदर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बैरौना की प्रधानाध्यापिका शीला चतुर्वेदी भी शामिल हैं। वह अपने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका के साथ ही जिले के तीन एसआरजी में से एक हैं।
शीला चतुर्वेदी वर्ष 2005 में बेसिक शिक्षा में अध्यापक बनीं। वह प्राथमिक विद्यालय बैरौना में प्रधानाध्यापिका के रूप में तैनात हैं। शीला ने अपने शिक्षण के दौरान बुनियादी शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए कई प्रयास किए। शीला चतुर्वेदी के अनुसार उन्होंने विद्यालय को चार सदनों में बांटकर उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना भरी। इससे एक टीम में काम करने के फायदा का भी पता बच्चों को चला।
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सुबह की सभा में बच्चों को आज का विचार और समाचार पढ़ने जैसी गतिविधियों से जोड़कर आत्मविश्वास भरा। इससे बच्चों ने ब्लाॅक स्तर से जिला और मंडल स्तर तक पुरस्कार जीते। बच्चों में स्वच्छता के भाव भरे। खेल उत्सव शुरू करवाया।
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शैक्षणिक भ्रमण, पुस्तकालय का विस्तार करने के साथ साथ विद्यालय में किताबों की प्रदर्शनी लगवायी। कोविड 19 में आॅनलाइन शिक्षा, बच्चों में शिक्षा के विस्तार के लिए ई-कन्टेन्ट बनवाए। विद्यालय में वार्षिकोत्सव की परंपरा डाली गई।