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Deoria News: छुट्टा पशुओं का सड़क बना आसरा, बढ़ा हादसे का खतरा
Tue, 30 Dec 2025 11:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 30 Dec 2025 11:18 PM IST
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बरहज स्थित रामजानकी पर बैठे छुट्टा पशु संवाद
देवरिया। जिले के नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में छुट्टा पशु सड़क से लेकर खेतों तक उत्पात मचाए हुए हैं। सड़कों पर झुंड में घूमते पशु जहां रोजाना हादसों को दावत दे रहे हैं। वहीं खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को चौपट कर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
गौरी बाजार थाना क्षेत्र के लेंडहा गांव के कोइरी टोला में सांड़ के हमले से 70 वर्षीय किसान बलिकरन पटेल की मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया है। घटना के बाद गांव में भय और दहशत का माहौल है।
किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। लोग सुरक्षा के लिए लाठी-डंडा लेकर समूह में निकलने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सांड का आतंक इतना बढ़ गया है कि खेती-किसानी करना मुश्किल हो गया है। बरहज और भलुअनी नगर क्षेत्रों में सड़कों पर छुट्टा पशु खुलेआम घूमते देखे जा रहे हैं। अचानक वाहनों के सामने आ जाने से लोग अनियंत्रित होकर गिरकर घायल हो रहे हैं। नगर के अलावा कपरवार स्थित रामजानकी मार्ग, बरांव, महेन, करुअना, पैना, गड़ेर, मगहरा और सोनाड़ी समेत कई इलाकों में यही हाल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पशु विभाग, नगरपालिका और नगर पंचायत इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। भटनी क्षेत्र में छुट्टा पशु और नीलगाय किसानों के लिए गंभीर संकट बनी हुई हैं। आरोप है कि रात में पशुपालक अपने मवेशियों को छोड़ देते हैं, जिससे गेहूं, सरसों, आलू सहित रबी की फसलें भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान पूरी रात खेतों की रखवाली कर रहे हैं, फिर भी झुंड में घुसकर पशु फसलें रौंद दे रहे हैं। तरकुलवा और पथरदेवा विकास खंड के दर्जनों गांवों में कनकपुरा, हरैया, अमवा, सोहनारिया, नरहरपट्टी, सिसवा, नारायणपुर, बरईपट्टी समेत में नीलगाय का आतंक है। गेहूं, मक्का, मटर, सरसों, आलू, दलहन और सब्जियां सबसे अधिक प्रभावित हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई फसलों में लगाई है लेकिन नीलगाय सब नष्ट कर दे रही हैं।
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गौरी बाजार थाना क्षेत्र के लेंडहा गांव के कोइरी टोला में सांड़ के हमले से 70 वर्षीय किसान बलिकरन पटेल की मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया है। घटना के बाद गांव में भय और दहशत का माहौल है।
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किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। लोग सुरक्षा के लिए लाठी-डंडा लेकर समूह में निकलने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सांड का आतंक इतना बढ़ गया है कि खेती-किसानी करना मुश्किल हो गया है। बरहज और भलुअनी नगर क्षेत्रों में सड़कों पर छुट्टा पशु खुलेआम घूमते देखे जा रहे हैं। अचानक वाहनों के सामने आ जाने से लोग अनियंत्रित होकर गिरकर घायल हो रहे हैं। नगर के अलावा कपरवार स्थित रामजानकी मार्ग, बरांव, महेन, करुअना, पैना, गड़ेर, मगहरा और सोनाड़ी समेत कई इलाकों में यही हाल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पशु विभाग, नगरपालिका और नगर पंचायत इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। भटनी क्षेत्र में छुट्टा पशु और नीलगाय किसानों के लिए गंभीर संकट बनी हुई हैं। आरोप है कि रात में पशुपालक अपने मवेशियों को छोड़ देते हैं, जिससे गेहूं, सरसों, आलू सहित रबी की फसलें भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान पूरी रात खेतों की रखवाली कर रहे हैं, फिर भी झुंड में घुसकर पशु फसलें रौंद दे रहे हैं। तरकुलवा और पथरदेवा विकास खंड के दर्जनों गांवों में कनकपुरा, हरैया, अमवा, सोहनारिया, नरहरपट्टी, सिसवा, नारायणपुर, बरईपट्टी समेत में नीलगाय का आतंक है। गेहूं, मक्का, मटर, सरसों, आलू, दलहन और सब्जियां सबसे अधिक प्रभावित हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई फसलों में लगाई है लेकिन नीलगाय सब नष्ट कर दे रही हैं।
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