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ई-पॉश मशीन से राशन नहीं बांटेंगे कोटेदार
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ई-पॉश मशीन से राशन नहीं बांटेंगे कोटेदार
देवरिया। गरीबों को फ्री में राशन देने में ई-पॉश मशीन रोड़ा बन रहा है। कोटेदार कोरोना वायरस का हवाला देते हुए मैनुएल तरीके से राशन देने की जिद पर अड़े हैं। जबकि विभागीय अफसर ऐसा कोई आदेश नहीं आने की बात कह रहे हैं। समय से रहते इसका समाधान नहीं निकाला गया तो आगे मामला फंस सकता है। जिले में 101957 मनरेगा मजदूर और 73 हजार मजदूरों को जिला पूर्ति विभाग ने चिन्हित किया है।
कोरोना वायरस को लेकर एक अप्रैल से मनरेगा मजदूरों, ठेला खोमचे वालों को फ्री में राशन देने का फरमान जारी किया है। जिला पूर्ति विभाग इसे देखते हुए कोटेदारों के गोदाम तक राशन पहुंचाने में जुट गया है। इसके लिए अतिरिक्त वाहनों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। कोरोना के खौफ से कोटेदार ई-पॉश मशीन पर अंगूठा बिना लगाए राशन देने की बात कह रहे है। कोटेदारों का कहना है कि सभी सरकारी कार्यालयों में बॉयोमेट्रिक सिस्टम से लगने वाली हाजिरी बंद कर दी गई है। ऐसे में कोटेदार अंगूठा क्यों लगवाएंगे। इससे भी तो कोरोना फैलने का खतरा है। कोटेदारों ने मैनुअल वितरण आदेश की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर राशन वितरण नहीं करने की चेतावनी दी है। शासन के मानक के अनुसार जिला पूर्ति विभाग ने करीब 1.74 लाख मनरेगा मजदूर और ठेले खोमचे वालों की सूची तैयार की है, जिन्हें फ्री में राशन दिया जाएगा।
कोरोना वायरस एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। इस लिए कोटेदार ई-पॉश मशीन से राशन वितरण नहीं करने का निर्णय लिए हैं। गरीबों की जान खतरे में किसी भी कीमत पर नहीं डालेंगे। प्रशासन को मैनुअल वितरण का आदेश देना चाहिए। शासन से मैनुअल राशन वितरण के लिए कोई आदेश नहीं मिला है। ई-पॉश मशीन के जरिए राशन वितरण किया जाएगा। आगे कोई आदेश आता है तो उसका पालन कराया जाएगा। दुकानों पर सेनिटाइजर और साबुन की व्यवस्था की जाएगी।
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- विनय कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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देवरिया। गरीबों को फ्री में राशन देने में ई-पॉश मशीन रोड़ा बन रहा है। कोटेदार कोरोना वायरस का हवाला देते हुए मैनुएल तरीके से राशन देने की जिद पर अड़े हैं। जबकि विभागीय अफसर ऐसा कोई आदेश नहीं आने की बात कह रहे हैं। समय से रहते इसका समाधान नहीं निकाला गया तो आगे मामला फंस सकता है। जिले में 101957 मनरेगा मजदूर और 73 हजार मजदूरों को जिला पूर्ति विभाग ने चिन्हित किया है।
कोरोना वायरस को लेकर एक अप्रैल से मनरेगा मजदूरों, ठेला खोमचे वालों को फ्री में राशन देने का फरमान जारी किया है। जिला पूर्ति विभाग इसे देखते हुए कोटेदारों के गोदाम तक राशन पहुंचाने में जुट गया है। इसके लिए अतिरिक्त वाहनों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। कोरोना के खौफ से कोटेदार ई-पॉश मशीन पर अंगूठा बिना लगाए राशन देने की बात कह रहे है। कोटेदारों का कहना है कि सभी सरकारी कार्यालयों में बॉयोमेट्रिक सिस्टम से लगने वाली हाजिरी बंद कर दी गई है। ऐसे में कोटेदार अंगूठा क्यों लगवाएंगे। इससे भी तो कोरोना फैलने का खतरा है। कोटेदारों ने मैनुअल वितरण आदेश की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर राशन वितरण नहीं करने की चेतावनी दी है। शासन के मानक के अनुसार जिला पूर्ति विभाग ने करीब 1.74 लाख मनरेगा मजदूर और ठेले खोमचे वालों की सूची तैयार की है, जिन्हें फ्री में राशन दिया जाएगा।
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कोरोना वायरस एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। इस लिए कोटेदार ई-पॉश मशीन से राशन वितरण नहीं करने का निर्णय लिए हैं। गरीबों की जान खतरे में किसी भी कीमत पर नहीं डालेंगे। प्रशासन को मैनुअल वितरण का आदेश देना चाहिए। शासन से मैनुअल राशन वितरण के लिए कोई आदेश नहीं मिला है। ई-पॉश मशीन के जरिए राशन वितरण किया जाएगा। आगे कोई आदेश आता है तो उसका पालन कराया जाएगा। दुकानों पर सेनिटाइजर और साबुन की व्यवस्था की जाएगी।
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- विनय कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी