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Deoria News: जीवन जीने की राह सिखाती है रामकथा
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बरहज के भदिला दोयम गांव में शतचंडी महायज्ञ में कथा का शुभारंभ कराते ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि और अ
भदिला दोयम में शतचंडी महायज्ञ का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के भदिला दोयम गांव में शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया है। इस दौरान रामकथा में नैमिषारण्य से पधारे कथावाचक आचार्य गोपाल मिश्र ने कहा कि श्रीराम कथा मनुष्य को जीवन जीने की राह सिखाती है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने सत्ता सुख का परित्याग करते हुए आदर्श स्थापित किया था। सत्ता पाना सबसे बड़ी बात नहीं, बल्कि संस्कार पाना बड़ी बात होती है।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने अपने संस्कार के जरिये मर्यादा कायम की, जो आज भी स्मरणीय है। कथावाचक ने कहा कि हर मनुष्य से गलती होती है, लेकिन उक्त गलती बार-बार नहीं होनी चाहिए। यज्ञाचार्य राधाकृष्ण ने कहा कि यज्ञ मंडप के दाहिनी ओर परिक्रमा करने से सारे पाप धुलते हैं, और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। परिक्रमा के दौरान पड़े एक-एक कदम से मनुष्य के पाप का नाश होता है। जबकि मनोवांछित कामनाएं पूर्ण होती हैं।
यज्ञ मंडप के हर एक कोण पर ग्रहों को स्थापित करते हुए मध्य में अग्निदेव का आह्वान किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिकों का मानना है कि यज्ञ मंडप और मंदिरों की परिक्रमा से शरीर को उचित ऊर्जा प्राप्त होती है। इससे पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि निखिल सिंह राजा ने आरती उतार कथा का शुभारंभ कराया।
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इस मौके पर प्रधान प्रतिनिधि विकास सिंह, विजय नारायण गोंड़, रविशंकर सिंह, नागेंद्र सिंह एडवोकेट, संजय सिंह, रत्नेश्वर सिंह, मधुसूदन सिंह, मुन्ना सिंह, जितेंद्र सिंह, मनोज सिंह, बगेदू सिंह, संतराज यादव, तारा प्रसाद, श्यामरती प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के भदिला दोयम गांव में शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया है। इस दौरान रामकथा में नैमिषारण्य से पधारे कथावाचक आचार्य गोपाल मिश्र ने कहा कि श्रीराम कथा मनुष्य को जीवन जीने की राह सिखाती है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने सत्ता सुख का परित्याग करते हुए आदर्श स्थापित किया था। सत्ता पाना सबसे बड़ी बात नहीं, बल्कि संस्कार पाना बड़ी बात होती है।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने अपने संस्कार के जरिये मर्यादा कायम की, जो आज भी स्मरणीय है। कथावाचक ने कहा कि हर मनुष्य से गलती होती है, लेकिन उक्त गलती बार-बार नहीं होनी चाहिए। यज्ञाचार्य राधाकृष्ण ने कहा कि यज्ञ मंडप के दाहिनी ओर परिक्रमा करने से सारे पाप धुलते हैं, और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। परिक्रमा के दौरान पड़े एक-एक कदम से मनुष्य के पाप का नाश होता है। जबकि मनोवांछित कामनाएं पूर्ण होती हैं।
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यज्ञ मंडप के हर एक कोण पर ग्रहों को स्थापित करते हुए मध्य में अग्निदेव का आह्वान किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिकों का मानना है कि यज्ञ मंडप और मंदिरों की परिक्रमा से शरीर को उचित ऊर्जा प्राप्त होती है। इससे पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि निखिल सिंह राजा ने आरती उतार कथा का शुभारंभ कराया।
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इस मौके पर प्रधान प्रतिनिधि विकास सिंह, विजय नारायण गोंड़, रविशंकर सिंह, नागेंद्र सिंह एडवोकेट, संजय सिंह, रत्नेश्वर सिंह, मधुसूदन सिंह, मुन्ना सिंह, जितेंद्र सिंह, मनोज सिंह, बगेदू सिंह, संतराज यादव, तारा प्रसाद, श्यामरती प्रसाद आदि मौजूद रहे।