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Deoria News: आवेदक की तलाश में दबिश दे रही पुलिस
Tue, 20 Feb 2024 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 20 Feb 2024 01:28 AM IST
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अमर उजाला फॉलोअप
यूपी आरक्षी भर्ती परीक्षा में बिहार के सॉल्वर चंद्रभूषण सिंह को पकड़ने के बाद आवेदक की तलाश
सिक्योरिटी एजेंसी के प्रयोग से पकड़ में आया सॉल्वर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। देवरिया पुलिस ने उप्र आरक्षी भर्ती में फर्जी तरीके से परीक्षा पास करने के लिए सेटिंग करने वाले अजय साहनी की तलाश तेज कर दी है। दो दिन तक करीब 30 हजार परीक्षाथियों की परीक्षा की चुनौतियां समाप्त हुईं तो पुलिस ने दबिश देनी शुरू की है। उसके पकड़े जाने के बाद पुलिस भर्ती परीक्षा में रैकेट तक पहुंचने की कोशिश पूरी हो सकती है।
परीक्षा में पहले दिन शहर के एसएसबीएल इंटर कॉलेज से सॉल्वर चंद्रभूषण सिंह को गिरफ्तार किया गया था। वह बिहार के मुंगेर जिले स्थित कासिम बाजार के ब्रह्मस्थान का रहने वाला है। उसने देवरिया के एकौना थाना क्षेत्र के नगवा खास के अजीत साहनी पुत्र रामलक्षन साहनी के स्थान पर परीक्षा देने का सौदा किया था। जिले में जिनकी परीक्षा हुई है, उनमें करीब 95 प्रतिशत महिला आवेदक थीं। इस कारण देवरिया में एक ही युवक पकड़ा गया।
सूत्रों के अनुसार, बिहार के कोचिंग में बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवकों ने रैकेट वालों ने सौदा किया था। उसे मोटी रकम का लालच दिया था। पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बताया कि आवेदक को पकड़ने में पुलिस जुटी है। उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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काम आया सिक्योरिटी सिस्टम
परीक्षा में आईकार्ड पर फोटो एडिट करने और फर्जी आधार कार्ड में फर्जी परीक्षार्थी को फाेटो लगाने वाले इस बार पकड़ लिए गए। क्याेंकि बॉयोमेट्रिक और रेटिना की जांच के लिए सिक्योरिटी एजेंसी ने तैयारी की थी। जैसे ही संदेह हुआ तो सिक्योरिटी एजेंसी ने केवाईसी की और मिसमैच की रिपोर्ट आ गई। पहले भी आवेदकों का अंगूठा निशान लिया था, लेकिन उसकी जांच नहीं हो पाती थी और रैकेट वालों का धंधा चलता रहता था।
साल्वरों के गैंग के धंधेबाज मूल अभ्यर्थियों का आधार कार्ड लेते थे। नाम आधार नंबर
दिए गए आवेदन फार्म के अनुसार रहता है। लेकिन घुसपैठ करने वाले साॅल्वर
मुख्य अभ्यर्थी की जगह फोटो बदल देते थे। फोटो का प्रिंट ऐसा रहता था कि,
पहचान मुश्किल लगती थी। जांच में आधार नंबर का मिलान भी सही
मिलता था। इसलिए परीक्षा देकर आसानी से निकल जाते थे। लेकिन इस बार शासन
ने एक बाॅयोमेट्रिक को आधार बेस से कर दिया था।
धांधली और पेपर लीक के विरोध में सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रदेश स्तर पर 17 व 18 फरवरी को आयोजित पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में धांधली व पेपर लीक का आरोप लगाते हुए सपा ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट में सौंपा। नेतृत्व कर रहे प्रयागराज विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश महासचिव अवनीश यादव ने कहा कि पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया है। कई जगहों पर कई जगहों पर धांधली की गई है। यह अभ्यर्थियों के भविष्य को अंधकारमय किए जाने जैसा अपराध है। उनके सपनों व मेहनत पर पानी फिर गया है। सपा इसकी जांच व्यापक स्तर पर कराए जाने की मांग करती है। प्रतिनिधिमंडल में धनंजय पासवान, धनेश, अर्जुन, पंकज प्रताप चौरसिया, एहतेशाम, विराट, डॉ. विवेक सिंह पटेल आदि शामिल रहे।
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यूपी आरक्षी भर्ती परीक्षा में बिहार के सॉल्वर चंद्रभूषण सिंह को पकड़ने के बाद आवेदक की तलाश
सिक्योरिटी एजेंसी के प्रयोग से पकड़ में आया सॉल्वर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। देवरिया पुलिस ने उप्र आरक्षी भर्ती में फर्जी तरीके से परीक्षा पास करने के लिए सेटिंग करने वाले अजय साहनी की तलाश तेज कर दी है। दो दिन तक करीब 30 हजार परीक्षाथियों की परीक्षा की चुनौतियां समाप्त हुईं तो पुलिस ने दबिश देनी शुरू की है। उसके पकड़े जाने के बाद पुलिस भर्ती परीक्षा में रैकेट तक पहुंचने की कोशिश पूरी हो सकती है।
परीक्षा में पहले दिन शहर के एसएसबीएल इंटर कॉलेज से सॉल्वर चंद्रभूषण सिंह को गिरफ्तार किया गया था। वह बिहार के मुंगेर जिले स्थित कासिम बाजार के ब्रह्मस्थान का रहने वाला है। उसने देवरिया के एकौना थाना क्षेत्र के नगवा खास के अजीत साहनी पुत्र रामलक्षन साहनी के स्थान पर परीक्षा देने का सौदा किया था। जिले में जिनकी परीक्षा हुई है, उनमें करीब 95 प्रतिशत महिला आवेदक थीं। इस कारण देवरिया में एक ही युवक पकड़ा गया।
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सूत्रों के अनुसार, बिहार के कोचिंग में बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवकों ने रैकेट वालों ने सौदा किया था। उसे मोटी रकम का लालच दिया था। पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बताया कि आवेदक को पकड़ने में पुलिस जुटी है। उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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काम आया सिक्योरिटी सिस्टम
परीक्षा में आईकार्ड पर फोटो एडिट करने और फर्जी आधार कार्ड में फर्जी परीक्षार्थी को फाेटो लगाने वाले इस बार पकड़ लिए गए। क्याेंकि बॉयोमेट्रिक और रेटिना की जांच के लिए सिक्योरिटी एजेंसी ने तैयारी की थी। जैसे ही संदेह हुआ तो सिक्योरिटी एजेंसी ने केवाईसी की और मिसमैच की रिपोर्ट आ गई। पहले भी आवेदकों का अंगूठा निशान लिया था, लेकिन उसकी जांच नहीं हो पाती थी और रैकेट वालों का धंधा चलता रहता था।
साल्वरों के गैंग के धंधेबाज मूल अभ्यर्थियों का आधार कार्ड लेते थे। नाम आधार नंबर
दिए गए आवेदन फार्म के अनुसार रहता है। लेकिन घुसपैठ करने वाले साॅल्वर
मुख्य अभ्यर्थी की जगह फोटो बदल देते थे। फोटो का प्रिंट ऐसा रहता था कि,
पहचान मुश्किल लगती थी। जांच में आधार नंबर का मिलान भी सही
मिलता था। इसलिए परीक्षा देकर आसानी से निकल जाते थे। लेकिन इस बार शासन
ने एक बाॅयोमेट्रिक को आधार बेस से कर दिया था।
धांधली और पेपर लीक के विरोध में सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रदेश स्तर पर 17 व 18 फरवरी को आयोजित पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में धांधली व पेपर लीक का आरोप लगाते हुए सपा ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट में सौंपा। नेतृत्व कर रहे प्रयागराज विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश महासचिव अवनीश यादव ने कहा कि पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया है। कई जगहों पर कई जगहों पर धांधली की गई है। यह अभ्यर्थियों के भविष्य को अंधकारमय किए जाने जैसा अपराध है। उनके सपनों व मेहनत पर पानी फिर गया है। सपा इसकी जांच व्यापक स्तर पर कराए जाने की मांग करती है। प्रतिनिधिमंडल में धनंजय पासवान, धनेश, अर्जुन, पंकज प्रताप चौरसिया, एहतेशाम, विराट, डॉ. विवेक सिंह पटेल आदि शामिल रहे।