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शहर में जाम से निजात का नहीं बन पा रहा खाका

Wed, 09 Sep 2020 11:34 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2020 11:34 PM IST
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people bothered by traffic
विकास भवन के सामने लगा जाम। - फोटो : DEORIA
शहर में जाम से निजात का नहीं बन पा रहा खाका
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सोमवार के अलावा अन्य दिन भी उत्पन्न होती है समस्या, बड़ी संख्या में चल रहे हैं ई-रिक्शा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने का खाका नहीं बन पा रहा है। सोमवार के दिन तो शहर में चलना भी मुश्किल होता है। अन्य दिनों में भी यह समस्या उत्पन्न होती है। यातायात विभाग का सारा फोकस सिविल लाइंस पर ही रहता है।
फोरलेन शहर के बीचोंबीच से होकर गुजरता है। सड़क का निर्माण कार्य हो गया और बीच में डिवाइडर भी बन गया है। भटवलिया के पास सलेमपुर जाने वाली लेन पतली, फिलहाल, मानक से कम चौड़ी बनी है। गोरखपुर ओवरब्रिज के बाद कोऑपरेटिव, सुभाष चौक, जिला पंचायत गेट, कचहरी, कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल, एसपी कार्यालय, पीडब्ल्यूडी डाक बंगला के पास, महिला थाने के पास कट बने हुए हैं। इन जगहों पर गाड़ियों के मुड़ने की वजह से अक्सर जाम लग जाता है। सोमवार को तो शहर में चलना कठिन होता है। इसके अलावा मालवीय रोड, जलकल रोड, मोतीलाल रोड, कोतवाली रोड, भीखमपुर रोड, हनुमान मंदिर रोड, राघवनगर में एसबीआई के पास जाम की समस्या रहती है। इसके अलावा पुरवां चौराहे पर अब कुछ दिनों से जाम लगने लगा है। इसका कारण यहां सड़क निर्माण अधूरा होना बताया जा रहा है। यातायात विभाग से प्रतिदिन हर प्वाइंट पर कांस्टेबल, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है, लेकिन इनका सारा ध्यान सिविल लाइंस में ही रहता है। जलकल रोड में तो नाले पर लोगों ने पक्का निर्माण कर दुकान बना ली है। बाइक रास्ते में खड़ी होती है और जाम की समस्या रहती है। कोतवाली रोड में दोनों तरफ वाहन और मोतीलाल रोड में सड़क पर दुकानें लगती हैं। रात में आठ बजे के बाद शहर में भारी वाहनों के लिए यातायात खोल दिया जाता है। इस संबंध में टीएसआई रामवृक्ष यादव का कहना है कि सोमवार के दिन शहर में भीड़ ज्यादा होती है। इसलिए थोड़ी समस्या होती है। इसके बाद भी पूरी मुस्तैदी से काम किया जाता है। अन्य दिनों भी हर जगह ड्यूटी पर जवान मुस्तैद रहते हैं। कोशिश की जाती है कि जाम न लगे और यातायात चलता रहे।
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ई-रिक्शा वालों से भी पैदा होती है समस्या
शहर में ई-रिक्शा की संख्या काफी अधिक है। बताया जा रहा है कि इस समय सात हजार से अधिक ई-रिक्शा शहर में चल रहे हैं। इनको चलाने वाले कुछ लोग अप्रशिक्षित हैं। सड़क पर सवारी बैठाने के लिए वे कहीं भी अपना वाहन रोक देते हैं। इसलिए कभी-कभी जाम भी लग जाता है।
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सड़क पर ही खड़े होते हैं वाहन
सिविल लाइंस के किनारे स्थित दुकानदारों के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इनकी दुकानों से खरीददारी करने वाले लोग सड़क में ही अपना दो पहिया और चार पहिया वाहन खड़ा करते हैं। इससे भी जाम लगता है। मालवीय रोड और कसया रोड पर खड़े वाहन देखे जा सकते हैं।

यातायात विभाग में इनकी है तैनाती
यातायात विभाग में इंस्पेक्टर जेपी यादव, टीएसआई रामवृक्ष यादव, दो एचसीपी, दो हेड कांस्टेबल, 13 कांस्टेबल, 20 होमगार्ड और 41 पीआरडी जवान तैनात हैं। इस समय 10 कांस्टेबल और दो हेड कांस्टेबल की कमी चल रही है। यह भी जाम की समस्या दूर न होने का कारण है।
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