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Deoria News: रक्षाबंधन पर जेल में 780 बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी
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देवरिया। रक्षाबंधन पर जिला कारागार का माहौल सामान्य दिनों से अलग रहा। सुबह से ही बंदी भाइयों से मिलने के लिए बहनों और परिवार के अन्य सदस्यों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। शाम तक 780 महिलाओं और बच्चों की बंदियों से मुलाकात कराई गई। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सलामती की कामना की। लंबे समय बाद आमने-सामने मिलने पर कई भाई-बहन भावुक भी हो गए।
जिला कारागार में देवरिया और कुशीनगर के करीब 1300 बंदी और कैदी हैं। त्योहार को देखते हुए दोनों जिलों से बड़ी संख्या में परिजन पहुंचे। जेल प्रशासन ने भीड़ को संभालने के लिए मुलाकात की व्यवस्था शिफ्टवार की। परिसर में टेंट लगाकर कुर्सियां रखी गईं, ताकि इंतजार कर रही महिलाओं और बच्चों को धूप व गर्मी से राहत मिल सके। रक्षाबंधन के मौके पर जेल के भीतर भोजन की भी अलग व्यवस्था रही। बंदियों और मुलाकातियों के लिए पूड़ी-सब्जी समेत अन्य पकवान तैयार कराए गए। सुरक्षा को देखते हुए जेल के अलग-अलग हिस्सों में अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई।
प्रवेश के दौरान जांच के बाद ही लोगों को अंदर जाने दिया गया। कुशीनगर के रामकोला क्षेत्र के परवरपार निवासी परमानंद सिंह भी अपनी बहन रंगमा देवी से मिलने जिला कारागार पहुंचे। बहन ने राखी बांधकर भाई की कुशलता की कामना की। जेल अधीक्षक आशीष रंजन ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए मुलाकात, बैठने और सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे। महिलाओं और बच्चों को परेशानी न हो, इसके लिए कर्मचारियों को पहले से जिम्मेदारी दी गई थी।
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जिला कारागार में देवरिया और कुशीनगर के करीब 1300 बंदी और कैदी हैं। त्योहार को देखते हुए दोनों जिलों से बड़ी संख्या में परिजन पहुंचे। जेल प्रशासन ने भीड़ को संभालने के लिए मुलाकात की व्यवस्था शिफ्टवार की। परिसर में टेंट लगाकर कुर्सियां रखी गईं, ताकि इंतजार कर रही महिलाओं और बच्चों को धूप व गर्मी से राहत मिल सके। रक्षाबंधन के मौके पर जेल के भीतर भोजन की भी अलग व्यवस्था रही। बंदियों और मुलाकातियों के लिए पूड़ी-सब्जी समेत अन्य पकवान तैयार कराए गए। सुरक्षा को देखते हुए जेल के अलग-अलग हिस्सों में अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई।
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प्रवेश के दौरान जांच के बाद ही लोगों को अंदर जाने दिया गया। कुशीनगर के रामकोला क्षेत्र के परवरपार निवासी परमानंद सिंह भी अपनी बहन रंगमा देवी से मिलने जिला कारागार पहुंचे। बहन ने राखी बांधकर भाई की कुशलता की कामना की। जेल अधीक्षक आशीष रंजन ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए मुलाकात, बैठने और सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे। महिलाओं और बच्चों को परेशानी न हो, इसके लिए कर्मचारियों को पहले से जिम्मेदारी दी गई थी।
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