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Deoria News: तीन साल में नौ पशु तस्कर मुठभेड़ में जख्मी, फिर भी तस्करी बेलगाम
Fri, 07 Aug 2026 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:53 PM IST
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देवरिया। पशु तस्करों के खिलाफ पुलिस लगातार मुठभेड़ और गिरफ्तारी की कार्रवाई कर रही है। इसके बावजूद पशुओं की तस्करी पूरी तरह बंद नहीं हो सकी है।
तीन साल के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो नौ बार पशु तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ में गोली लगने की घटनाएं हुई हैं। सबसे अधिक कार्रवाई 2025 में हुई।
पुलिस की सख्ती के बाद कुछ समय के लिए तस्करों में दबाव और गतिविधियों में कमी की बात सामने आई मगर घटनाएं बताती हैं कि जिले से बिहार जाने वाला तस्करी नेटवर्क समाप्त नहीं हुआ है।
साल 2023 और 2024 में पशु तस्करों को पुलिस की गोली लगने की कोई बड़ी घटना सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई। हालांकि, इन वर्षों में पशुओं से भरे वाहनों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी होती रही। इससे लगता है तस्करों पर पुलिस का खाैफ नहीं है।
जनवरी 2024 में भटनी पुलिस ने बिहार ले जाए जा रहे पशुओं के साथ दो तस्करों को पकड़ा था, जबकि मई में बरियारपुर क्षेत्र में गोवंश से भरे ट्रक पकड़े गए थे।
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वर्ष 2025 में पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू किया। जनवरी में पुलिस ने जिले में सक्रिय तीन पशु तस्कर गिरोह चिह्नित किए और गैंगस्टर की कार्रवाई शुरू की।
इसी साल एक अगस्त को बरियारपुर क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान दो कथित पशु तस्करों के पैर में गोली लगी। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
नवंबर 2025 में कार्रवाई और तेज हो गई। तीन नवंबर को सलेमपुर क्षेत्र में पशु तस्करी के मामलों में वांछित गैंगस्टर राजेश यादव पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश के दौरान हुई मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुआ।
सात नवंबर की रात लार क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में बिहार निवासी गो तस्कर मुबारक के पैर में गोली लगी। इसके बाद 12 नवंबर को बनकटा क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से भागने के दौरान एक अन्य पशु तस्कर गोली लगने से घायल हुआ था। उस समय पुलिस ने 10 तस्करों को अलग-अलग मुठभेड़ों में गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। संवाद
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तीन साल के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो नौ बार पशु तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ में गोली लगने की घटनाएं हुई हैं। सबसे अधिक कार्रवाई 2025 में हुई।
पुलिस की सख्ती के बाद कुछ समय के लिए तस्करों में दबाव और गतिविधियों में कमी की बात सामने आई मगर घटनाएं बताती हैं कि जिले से बिहार जाने वाला तस्करी नेटवर्क समाप्त नहीं हुआ है।
साल 2023 और 2024 में पशु तस्करों को पुलिस की गोली लगने की कोई बड़ी घटना सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई। हालांकि, इन वर्षों में पशुओं से भरे वाहनों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी होती रही। इससे लगता है तस्करों पर पुलिस का खाैफ नहीं है।
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जनवरी 2024 में भटनी पुलिस ने बिहार ले जाए जा रहे पशुओं के साथ दो तस्करों को पकड़ा था, जबकि मई में बरियारपुर क्षेत्र में गोवंश से भरे ट्रक पकड़े गए थे।
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वर्ष 2025 में पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू किया। जनवरी में पुलिस ने जिले में सक्रिय तीन पशु तस्कर गिरोह चिह्नित किए और गैंगस्टर की कार्रवाई शुरू की।
इसी साल एक अगस्त को बरियारपुर क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान दो कथित पशु तस्करों के पैर में गोली लगी। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
नवंबर 2025 में कार्रवाई और तेज हो गई। तीन नवंबर को सलेमपुर क्षेत्र में पशु तस्करी के मामलों में वांछित गैंगस्टर राजेश यादव पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश के दौरान हुई मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुआ।
सात नवंबर की रात लार क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में बिहार निवासी गो तस्कर मुबारक के पैर में गोली लगी। इसके बाद 12 नवंबर को बनकटा क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से भागने के दौरान एक अन्य पशु तस्कर गोली लगने से घायल हुआ था। उस समय पुलिस ने 10 तस्करों को अलग-अलग मुठभेड़ों में गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। संवाद