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आबादी बढ़ी और सुविधा खर्च हुआ आधा

Tue, 21 Jul 2020 12:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2020 12:36 AM IST
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nagarpalika saving money
फोटो समाचार---
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आबादी बढ़ी और सुविधा खर्च हुआ आधा
शहर में सड़क, नालियों के विकास में नगर पालिका ने की चार साल में 50 प्रतिशत कटौती
वित्तीय वर्ष 2016-17 में 5.93 करोड़ हुआ था खर्च, पिछले साल का खर्च 3.16 करोड़
बैकुंठ नाथ शुक्ल
देवरिया। शहर में जलभराव का ठीकरा भले ही कोई सफाईकर्मियों पर फोड़ ले लेकिन समस्या की असल जिम्मेदार तो नगर की सरकार है। जिसने साल दर साल सड़क नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी कर खजाने का रुख दूसरी ओर मोड़ दिया। नतीजतन, शहर में आबादी बढ़ी लेकिन नाले, नालियों के विकास का दायरा सिकुड़ता गया।
वित्तीय वर्ष 2016-17 के मुकाबले सत्र 2019-20 में सड़क, नाला, नाली के विकास में हुए धन खर्च की बात करें तो नगर पालिका ने इस मद में 50 प्रतिशत की कटौती की है। वह भी तब जब शहर की आबादी इस दौरान तेजी से बढ़ी है। तीन साल पहले करीब 18 हजार भवनों से टैक्स वसूलने वाली नगर पालिका आज लगभग 22 हजार भवन स्वामियों से जलकर-गृहकर वसूल रही है। शहर के सीमावर्ती वार्डों में तमाम नई कॉलोनियां बसी हैं। जहां सड़क और नाली का अभाव है। बरसात शुरू होने पर लोग अपना घर छोड़कर दूसरों के मकान में किराए पर रहने को मजबूर हैं।
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जलभराव से प्रभावित हैं करीब छह सौ परिवार
शहर के चार वार्डों में छह सौ परिवार जलभराव का दंश झेल रहे हैं। वार्ड नंबर पांच सोमनाथ नगर के पिड़रा पूर्वी, आर्य नगर, शांति नगर, महुआबारी, वार्ड नंबर छह चकियवां के मंगलमपुरम फेज एक, दो, द्वारिकापूरी, वार्ड नंबर आठ रामगुलाम टोला पूर्वी, वार्ड नंबर 16 के अलीनगर व शहीद नगर में लोग पलायन को मजबूर हैं। इन मोहल्लों में कहीं घुटने भर तो कहीं कमर भर पानी जमा है।
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सड़क, नाली विकास पर इस साल इतना हुआ खर्च
वित्तीय वर्ष व्यय धनराशि
2016-17 59307390
2017-18 19636943
2018-19 21393726
2019-20 31620137
इनसेट
विकास से ज्यादा बचत पर दिया जोर
नगर पालिका की ओर से प्रस्तुत वार्षिक बजट के आंकड़ों पर गौर करें तो हुक्मरानों ने बीते तीन साल में विकास से ज्यादा बचत पर जोर दिया है। एक अप्रैल 2018 को नगर पालिका के खाते में 18.17 करोड़ धनराशि अवशेष थी, अप्रैल 2019 में 17.31 करोड़ व एक अप्रैल 2020 को नगर पालिका के खाते में अवशेष धनराशि 29.94 लाख हो गई।
कोट
हाल ही में मुझे ईओ का प्रभार मिला है। अभी मैंने बजट से जुड़ी जानकारी हासिल नहीं की है। पालिका के पास बजट उपलब्ध होगा तो उसे नगरवासियों की सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। मैंने हाल ही में जलभराव वाले इलाकों का दौरा किया है। लोगों को समस्या से निजात दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

- अमृत लाल वृंद, प्रभारी ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया।
नगर पालिका वाली खबर में वर्जन
संशोधित वर्जन
कूड़ा डंपिंग ग्राउंड की जमींन उपलब्ध नहीं होने के कारण पिछले साल शासन ने आवश्यक कार्यों को छोड़कर बड़े खर्चों पर रोक लगा दिया था। जिसके चलते सड़क, नाला, नाली विकास का कार्य अपेक्षाकृत नहीं हो पाए। इससे पूर्व के सत्र में शासन से जिस प्रकार बजट आवंटित हुआ उसके अनुसार कार्य कराए गए।
- अलका सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद देवरिया।
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