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तस्वीरें: बेटे के शहीद होने की खबर सुन दर्द से फट गया मां का कलेजा, बोली- कोई गलती हुई हो तो माफ कर दो मेरे लाल, लेकिन लौट आओ

Mon, 21 Feb 2022 12:10 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 21 Feb 2022 12:10 PM IST
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mother crying over martyrdom of santosh yadav
शहीद संतोष यादव को यादकर रोती बिलखती उनकी मां। - फोटो : अमर उजाला।

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शनिवार को शहीद हुए रुद्रपुर के लाल संतोष यादव के गांव टड़वा में चारों तरफ गम का माहौल है। संतोष यादव की मां मैना देवी बार-बार बेटे को पुकार रही हैं। बेजार रोए जा रहीं मैना देवी जब कहती हैं कि ‘कोई गलती हुई हो तो माफ कर दो मेरे लाल, लेकिन लौट आओ’ तो वहां मौजूद लोगों का कलेजा फट जा रहा है। यह सुनकर सबकी आंखों से आंसू बहने लगते हैं।


 

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शहीद संतोष यादव। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

टड़वा गांव के रहने वाले अमर शहीद संतोष की मां अपने बेटे को लगातार पुकार लगा रही है।  बेटे के नहीं रहने की खबर सुन बावली हुई मां संतोष की ही रट लगा रही हैं। मैना देवी बेटे से कभी माफी मांग रही हैं, तो कभी कहती है कि ‘मेरा शेर बेटा जरूर लौटेगा। वह मुझको छोड़कर नहीं जा सकता। मुझसे गलती हुई, मुझे उसके पास जाना चाहिए था।’ मां की करुण पुकार सुन शहीद के अंतिम दर्शन करने पहुंची भीड़ में हर शख्स की आंखें सजल हो जा रही हैं।

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शहीद संतोष यादव की बेटियां पलक और जाह्नवी। - फोटो : अमर उजाला।

हे भगवान! कलेजे के टुकड़े को वापस कर दो नहीं तो, मेरे ऊपर बम गिराकर मार डालो

बेटे के गम में बदहवास मैना देवी भगवान से कभी रहम की अपील कर रही हैं, तो कभी कहती हैं कि हे भगवान! मेरे कलेजे के टुकड़े को वापस कर दो नहीं तो, मेरे ऊपर बम गिराकर मार डालो। मैना देवी की चीत्कार सुन शहीद के पिता शेषनाथ फफक कर रो रहे हैं। यह मंजर टड़वा गांव के माहौल को गमजदा कर दिया। संतोष यादव की शहादत से टड़वा गांव के साथ ही इलाके के लोगों में गम और गुस्सा है।

 

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अपने भाई से लिपटकर रोती शहीद संतोष यादव की पत्नी। - फोटो : अमर उजाला।

शहीद संतोष का सपना पूरा करेंगी पत्नी धर्मशीला

अमर शहीद संतोष यादव की पत्नी धर्मशीला शहीद के सपनों को पूरा करेंगी। उन्होंने कहा कि संतोष का सपना था कि उनकी दोनों बेटियां डॉक्टर बनें। वह आठ साल की पलक और छह साल की जाह्नवी को डॉक्टर बनाने के लिए शुरू से अच्छे संस्थान में दाखिला कराना चाहते थे। शहीद की पत्नी ने सरकार से मांग की है कि दोनों बेटियों को चिकित्सा शिक्षा दिलाने के लिए सुविधा मुहैया कराई जाए। उन्होंने शहीद के सपने को पूरा करने लिए खुद की सरकारी नौकरी की मांग की है। कहा है कि वह अपने पति की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहती हैं। उनके सपनों को पूरा करना ही मेरे जीवन का अंतिम उद्देश्य है।

 

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सीओ और बीडीओ से लिपटकर रोते शहीद संतोष यादव के पिता शेषनाथ। - फोटो : अमर उजाला।

सीओ और बीडीओ से लिपटकर रोने लगे शेषनाथ

शहीद के परिवार का हाल जानने पहुंचे सीओ जिला जीत और बीडीओ विवेकानंद मिश्र से लिपटकर शेषनाथ फूट-फूट कर रोने लगे। कहा कि दहशतगर्दों ने धोखा किया। पीछे से गोली चलाई। मैंने दोनों बेटों को राष्ट्ररक्षा के लिए सेना में जाने दिया। संतोष 19-महार रेजिमेंट में था। उसकी जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में राष्ट्रीय राइफल्स में पोस्टिंग थी। उसका छोटा भाई मनोज भी महार रेजिमेंट में सिपाही है। वह भी जम्मू-कश्मीर में तैनात है। भाई की शहादत की सूचना सबसे पहले छोटे भाई को मिली। वह शहीद भाई का पार्थिव शरीर लेकर घर आ रहा है।

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