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Deoria News: पर्ची से जांच तक लंबी कतार, इलाज के लिए पूरे दिन इंतजार
Sat, 13 Sep 2025 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:20 AM IST
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ओपीडी में उमड़ी रोगियों की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में मरीजों को दिखाने में पूरा दिन खर्च हो रहा है। पंजीकरण कराने से लेकर हर काम में समय लग रहा है। हालात यह है कि एक मरीज की दवा कराने में सुबह से शाम हो जा रही है। इससे मरीज के साथ तीमारदार भी बीमारी की हालत में पहुंच जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के मेडिकल कालेज में बदलने के बाद संसाधन बढ़े पर मरीज भी दोगुने हो गए। जहां जिला अस्पताल में 1500 सौ मरीज रोजाना आते थे, वहीं अब मेडिकल कालेज की ओपीडी 2500 से तीन हजार तक पहुंच जा रही है। इसमें पड़ोसी प्रांत बिहार के मरीज भी बड़ी संख्या में होते हैं। चलते मेडिकल कालेज में हर दिन मरीज दवाई कराने में जद्दोजहद करते हैं।
मरीज सुबह सात बजे से पर्ची बनवाने के लिए कतार में खड़े हो जाते हैं। आधा से एक घंटा में पर्ची बनती है। अगर आठ बजे ओपीडी में कतार में लग जाओ तो डॉक्टर नौ बजे से पहले चैंबर में नहीं बैठते हैं। इस एक घंटे में कतार लंबी हो जाती है। मेडिसीन विभाग में तो यह कतार गैलरी से होते हुए मुड़कर रैंप तक चली जाती है। यही हाल लगभग हर ओपीडी का होता है। अगर डॉक्टर को दिखाने के बाद मरीज को कोई जांच करानी पड़ी तो मुश्किल और बढ़ जाती है।
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पहले जीरो बिलिंग काउंटर पर आधे से एक घंटे तक कतार लगानी पड़ती है। यहां मरीज की जान छूटी तो पैथालॉजी काउंटर बाटल लेने में आधा घंटा समय लग जाता है। दवा लेने में एक घंटा अलग से लगता है। इस पूरी प्रक्रिया में मरीज उलझकर रह जाता है। अगर वह चलने उसे दिक्कत है तो परेशानी ओर बढ़ जाती है। मेडिकल कालेज में मेडिसीन विभाग की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए पहुंची उर्मिला देवी की जगह उनके बेटे कतार में खड़े थे। उन्होंने बताया कि सुबह आकर पर्ची बनवाए, अब एक घंटे से कतार में खड़े हैं। अभी पता नहीं कितना समय लगेगा। रामपुर कारखाना के सुनील मोदनवाल ने बताया कि एक घंटे से कतार में लगे हैं।
अभी नंबर नहीं आया है। सर्जरी की ओपीडी में भलुअनी से आए सूरज लाइन में लगे थे। उन्होंने बताया कि दो घंटे से कतार में खड़े हैं। नंबर नहीं आया। एक्सरे बरहज से पत्नी का इलाज कराने आए गिरिजेश चौरसिया आधे घंटे से कतार में खड़े थे।
दूरबीन विधि से ऑपरेशन की सुविधा नहीं ः मेडिकल कालेज में दूरबीन विधि से आपरेशन की अब तक सुविधा नहीं मिली। करीब एक साल पहले प्रायोगिक तौर कुछ सर्जरी ओटी में शुरू हुई। पर अब यह सुविधा बंद है। इससे मरीजों के पास मेडिकल कालेज में ओपन सर्जरी का ही विकल्प रह गया है। अगर दूरबीन विधि से मरीज को सर्जरी करानी हो तो उसे निजी अस्पताल या हायर सेंटर जाना होगा।
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में मरीजों को दिखाने में पूरा दिन खर्च हो रहा है। पंजीकरण कराने से लेकर हर काम में समय लग रहा है। हालात यह है कि एक मरीज की दवा कराने में सुबह से शाम हो जा रही है। इससे मरीज के साथ तीमारदार भी बीमारी की हालत में पहुंच जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के मेडिकल कालेज में बदलने के बाद संसाधन बढ़े पर मरीज भी दोगुने हो गए। जहां जिला अस्पताल में 1500 सौ मरीज रोजाना आते थे, वहीं अब मेडिकल कालेज की ओपीडी 2500 से तीन हजार तक पहुंच जा रही है। इसमें पड़ोसी प्रांत बिहार के मरीज भी बड़ी संख्या में होते हैं। चलते मेडिकल कालेज में हर दिन मरीज दवाई कराने में जद्दोजहद करते हैं।
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मरीज सुबह सात बजे से पर्ची बनवाने के लिए कतार में खड़े हो जाते हैं। आधा से एक घंटा में पर्ची बनती है। अगर आठ बजे ओपीडी में कतार में लग जाओ तो डॉक्टर नौ बजे से पहले चैंबर में नहीं बैठते हैं। इस एक घंटे में कतार लंबी हो जाती है। मेडिसीन विभाग में तो यह कतार गैलरी से होते हुए मुड़कर रैंप तक चली जाती है। यही हाल लगभग हर ओपीडी का होता है। अगर डॉक्टर को दिखाने के बाद मरीज को कोई जांच करानी पड़ी तो मुश्किल और बढ़ जाती है।
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पहले जीरो बिलिंग काउंटर पर आधे से एक घंटे तक कतार लगानी पड़ती है। यहां मरीज की जान छूटी तो पैथालॉजी काउंटर बाटल लेने में आधा घंटा समय लग जाता है। दवा लेने में एक घंटा अलग से लगता है। इस पूरी प्रक्रिया में मरीज उलझकर रह जाता है। अगर वह चलने उसे दिक्कत है तो परेशानी ओर बढ़ जाती है। मेडिकल कालेज में मेडिसीन विभाग की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए पहुंची उर्मिला देवी की जगह उनके बेटे कतार में खड़े थे। उन्होंने बताया कि सुबह आकर पर्ची बनवाए, अब एक घंटे से कतार में खड़े हैं। अभी पता नहीं कितना समय लगेगा। रामपुर कारखाना के सुनील मोदनवाल ने बताया कि एक घंटे से कतार में लगे हैं।
अभी नंबर नहीं आया है। सर्जरी की ओपीडी में भलुअनी से आए सूरज लाइन में लगे थे। उन्होंने बताया कि दो घंटे से कतार में खड़े हैं। नंबर नहीं आया। एक्सरे बरहज से पत्नी का इलाज कराने आए गिरिजेश चौरसिया आधे घंटे से कतार में खड़े थे।
दूरबीन विधि से ऑपरेशन की सुविधा नहीं ः मेडिकल कालेज में दूरबीन विधि से आपरेशन की अब तक सुविधा नहीं मिली। करीब एक साल पहले प्रायोगिक तौर कुछ सर्जरी ओटी में शुरू हुई। पर अब यह सुविधा बंद है। इससे मरीजों के पास मेडिकल कालेज में ओपन सर्जरी का ही विकल्प रह गया है। अगर दूरबीन विधि से मरीज को सर्जरी करानी हो तो उसे निजी अस्पताल या हायर सेंटर जाना होगा।