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Deoria News: शक्तिबाण लगने से लक्ष्मण हुए अचेत, देख बिलख उठे श्रीराम
Wed, 25 Oct 2023 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 25 Oct 2023 11:43 PM IST
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भागलपुर। कस्बे की सब्जी मंडी में चल रही रामलीला के आठवें दिन स्थानीय कलाकारों ने लक्ष्मण शक्तिबाण और मेघनाथ-कुंभकरण वध का मंचन किया। रामलीला में लक्ष्मण को बाण लगने पर श्रीराम बिलख उठते हैं। उनकी पीड़ा देख विभीषण के संकेत पर हनुमान सुषेन वैद्य को लाते हैं।
रामलीला समिति के तरफ से राम की आरती में दीप प्रज्वलित कर रामलीला की शुरुआत हुई। युद्ध भूमि में लक्ष्मण पर मेघनाथ का वश नहीं चलता है तो वह लक्ष्मण पर हनुमानजी की आड़ में युद्ध करने का आरोप लगाता है। लक्ष्मण हनुमान को दूर चले जाने को कहते हैं। शक्ति बाण का प्रयोग कर मेघनाथ लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है और मरा समझकर युद्ध भूमि से चला जाता है। हनुमान लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में लेकर राम दल में आते हैं। लक्ष्मण को मूर्छित देख राम बिलख उठते हैं। विभीषण के इशारे पर हनुमान सुषैन वैद्य को लाते हैं। वैद्य संजीवनी बूटी लाने को कहते हैं। हनुमान जी बूटी लाने जाते हैं और पर्वत ही उठा लाते हैं। संजीवनी बूटी से लक्ष्मण की मूर्छा खत्म होती है। प्रभु राम युद्ध का ऐलान करते हैं। मेघनाथ, कुंभकरण युद्ध में मारे जाते हैं। इस दौरान ओमप्रकाश पांडेय, हरिश्चंद्र, जयचंद यादव, दशरथ साहनी, शिवशंकर जायसवाल, शंभू जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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रामलीला समिति के तरफ से राम की आरती में दीप प्रज्वलित कर रामलीला की शुरुआत हुई। युद्ध भूमि में लक्ष्मण पर मेघनाथ का वश नहीं चलता है तो वह लक्ष्मण पर हनुमानजी की आड़ में युद्ध करने का आरोप लगाता है। लक्ष्मण हनुमान को दूर चले जाने को कहते हैं। शक्ति बाण का प्रयोग कर मेघनाथ लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है और मरा समझकर युद्ध भूमि से चला जाता है। हनुमान लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में लेकर राम दल में आते हैं। लक्ष्मण को मूर्छित देख राम बिलख उठते हैं। विभीषण के इशारे पर हनुमान सुषैन वैद्य को लाते हैं। वैद्य संजीवनी बूटी लाने को कहते हैं। हनुमान जी बूटी लाने जाते हैं और पर्वत ही उठा लाते हैं। संजीवनी बूटी से लक्ष्मण की मूर्छा खत्म होती है। प्रभु राम युद्ध का ऐलान करते हैं। मेघनाथ, कुंभकरण युद्ध में मारे जाते हैं। इस दौरान ओमप्रकाश पांडेय, हरिश्चंद्र, जयचंद यादव, दशरथ साहनी, शिवशंकर जायसवाल, शंभू जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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