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Deoria News: कोरोना के नए वेरिएंट की दस्तक...सतर्क हुआ स्वास्थ्य महकमा
Wed, 20 Dec 2023 11:13 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 20 Dec 2023 11:13 PM IST
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विदेश और दूसरे प्रांतों से आने वालों पर रखी जाएगी नजर, लोगों को करेंगे जागरूक
ठप पड़ी आरटीपीसीआर जांच फिर शुरू होगी
देवरिया। देश में कोरोना का नया वेरिएंट मिलने के बाद खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। विदेश और दूसरे प्रांत से आने वालों पर नजर रखने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मॉक ड्रिल में मिली कमियों को ठीक करने की कवायद भी शुरू कर दी है। मेडिकल कॉलेज में वार्ड को दुरूस्त किया गया है। ठप पड़ी आरटीपीसीआर जांच शुरू करने की प्रक्रिया की जा रही है। कोविड से बचाव के नियमों का पालन करने पर भी जोर दिया जाएगा।
कोविड महामारी को लोग भूल गए थे। कोविड वार्ड बंद कर दिए गए थे। उपकरण भी धूल फांक रहे थे। इस बीच नए वेरिएंट जेएन.1 को लेकर स्वास्थ्य महकमा चौकन्ना हो गया है। सीएचसी लार, गौरीबाजार, रुद्रपुर, पिपरादौला कदम में पूर्व में बने वार्डों को सक्रिय किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने विदेश से हवाई यात्रा कर आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखने की योजना बनाई है। बंगलुरू, चेन्नई, केरल, सहित देश के अन्य शहरों और राज्यों से आने वालों की निगरानी की जाएगी।
लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेते रहने के लिए आशा कार्यकर्ताओं, आशा संगिनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। लक्षण मिलने पर अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारी को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा चिकित्साधिकारियों, एएनएम, स्वास्थ्य कर्मियों व आशा कार्यकर्ताओं को लोगों को जागरूक करने को कहा गया है।
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यह है तैयारी
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन युक्त दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसमें पांच वेंटीलेटर, पांच वाईपैप, दो एचएफएनसी भी है। एक हजार लीटर प्रति मिनट क्षमता का तीन आक्सीजन प्लांट क्रियाशील है। सीएचसी गौरीबाजार में छह बेड का वार्ड तैयार है। आक्सीजन की व्यवस्था है। अधीक्षक डॉ. बीएन गिरि ने बताया कि जरूरत पड़ने पर बढ़ सकता है। सीएचसी पिपरा दौलाकदम 500 लीटर प्रति मिनट क्षमता का आक्सीजन प्लांट लगा, लेकिन उसे चलाने के लिए 61 केवीए का ट्रांसफार्मर चाहिए जो नहीं लगा है। 20 बेड का वार्ड तैयार है। एक कोविड वार्ड नया बना है। पर हैंडओवर नहीं हुआ है।
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लाखों खर्च होने के बाद भी बंद है आक्सीजन प्लांट
रुद्रपुर। कोरोना संक्रमण काल में सीएचसी पर लगा आक्सीजन प्लांट तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है। लाखों खर्च होने के बाद भी आक्सीजन की सप्लाई ठीक से नहीं हो पा रही। यहां दो बार अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रायल में गड़बड़ी पाए जाने के बाद भी अब तक सुधार नहीं हो पाया। क्षेत्र में कोरोना में संक्रमण के समय 250 एलपीएम का आक्सीजन प्लांट लगाया गया और भर्ती कक्ष में सप्लाई दी गई है। कोरोना कम होने के बाद आक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी आ गई। वायरिंग में लगे पाइप को चोर काट ले गए। जेडी हेल्थ और सीएमओ की मौजूदगी में दो बार ट्रायल के दौरान भी आक्सीजन प्लांट को ठीक कराने की मांग उठी।
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कोट
कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर सर्तकता बरती जा रही है। विदेश व दूसरे प्रांतों से आने वालों पर नजर रखने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को कहा गया है। डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियाें को लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। मार्क ड्रिल में मिली कमियों को ठीक किया जाएगा। रुद्रपुर और पिपरा दौलाकदम में आक्सीजन प्लांट की गड़बड़ी दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। आरटीपीसीआर जांच की शुरू करने की प्रक्रिया की जा रही है। -डॉ. संजय गुप्ता, प्रभारी सीएमओ व जिला सर्विलांस अधिकारी
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मेडिकल कॉलेज में वार्ड तैयार किया गया है। उपकरण व आक्सीजन प्लांट क्रियाशील हैं। प्रशिक्षित डॉक्टर व स्टॉफ नर्स हैं। जरूरत पड़ने पर बेड बढ़ाए जा सकते हैं।-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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ठप पड़ी आरटीपीसीआर जांच फिर शुरू होगी
देवरिया। देश में कोरोना का नया वेरिएंट मिलने के बाद खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। विदेश और दूसरे प्रांत से आने वालों पर नजर रखने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मॉक ड्रिल में मिली कमियों को ठीक करने की कवायद भी शुरू कर दी है। मेडिकल कॉलेज में वार्ड को दुरूस्त किया गया है। ठप पड़ी आरटीपीसीआर जांच शुरू करने की प्रक्रिया की जा रही है। कोविड से बचाव के नियमों का पालन करने पर भी जोर दिया जाएगा।
कोविड महामारी को लोग भूल गए थे। कोविड वार्ड बंद कर दिए गए थे। उपकरण भी धूल फांक रहे थे। इस बीच नए वेरिएंट जेएन.1 को लेकर स्वास्थ्य महकमा चौकन्ना हो गया है। सीएचसी लार, गौरीबाजार, रुद्रपुर, पिपरादौला कदम में पूर्व में बने वार्डों को सक्रिय किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने विदेश से हवाई यात्रा कर आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखने की योजना बनाई है। बंगलुरू, चेन्नई, केरल, सहित देश के अन्य शहरों और राज्यों से आने वालों की निगरानी की जाएगी।
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लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेते रहने के लिए आशा कार्यकर्ताओं, आशा संगिनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। लक्षण मिलने पर अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारी को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा चिकित्साधिकारियों, एएनएम, स्वास्थ्य कर्मियों व आशा कार्यकर्ताओं को लोगों को जागरूक करने को कहा गया है।
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यह है तैयारी
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन युक्त दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसमें पांच वेंटीलेटर, पांच वाईपैप, दो एचएफएनसी भी है। एक हजार लीटर प्रति मिनट क्षमता का तीन आक्सीजन प्लांट क्रियाशील है। सीएचसी गौरीबाजार में छह बेड का वार्ड तैयार है। आक्सीजन की व्यवस्था है। अधीक्षक डॉ. बीएन गिरि ने बताया कि जरूरत पड़ने पर बढ़ सकता है। सीएचसी पिपरा दौलाकदम 500 लीटर प्रति मिनट क्षमता का आक्सीजन प्लांट लगा, लेकिन उसे चलाने के लिए 61 केवीए का ट्रांसफार्मर चाहिए जो नहीं लगा है। 20 बेड का वार्ड तैयार है। एक कोविड वार्ड नया बना है। पर हैंडओवर नहीं हुआ है।
लाखों खर्च होने के बाद भी बंद है आक्सीजन प्लांट
रुद्रपुर। कोरोना संक्रमण काल में सीएचसी पर लगा आक्सीजन प्लांट तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है। लाखों खर्च होने के बाद भी आक्सीजन की सप्लाई ठीक से नहीं हो पा रही। यहां दो बार अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रायल में गड़बड़ी पाए जाने के बाद भी अब तक सुधार नहीं हो पाया। क्षेत्र में कोरोना में संक्रमण के समय 250 एलपीएम का आक्सीजन प्लांट लगाया गया और भर्ती कक्ष में सप्लाई दी गई है। कोरोना कम होने के बाद आक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी आ गई। वायरिंग में लगे पाइप को चोर काट ले गए। जेडी हेल्थ और सीएमओ की मौजूदगी में दो बार ट्रायल के दौरान भी आक्सीजन प्लांट को ठीक कराने की मांग उठी।
कोट
कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर सर्तकता बरती जा रही है। विदेश व दूसरे प्रांतों से आने वालों पर नजर रखने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को कहा गया है। डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियाें को लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। मार्क ड्रिल में मिली कमियों को ठीक किया जाएगा। रुद्रपुर और पिपरा दौलाकदम में आक्सीजन प्लांट की गड़बड़ी दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। आरटीपीसीआर जांच की शुरू करने की प्रक्रिया की जा रही है। -डॉ. संजय गुप्ता, प्रभारी सीएमओ व जिला सर्विलांस अधिकारी
मेडिकल कॉलेज में वार्ड तैयार किया गया है। उपकरण व आक्सीजन प्लांट क्रियाशील हैं। प्रशिक्षित डॉक्टर व स्टॉफ नर्स हैं। जरूरत पड़ने पर बेड बढ़ाए जा सकते हैं।-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस