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आयुर्वेदिक अस्पताल निर्माण में धांधली, यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक, जेई के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
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आयुर्वेदिक अस्पताल निर्माण में धांधली, यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक, जेई के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
देवरिया। नौतन हथियागढ़ में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के निर्माण में धांधली की पुष्टि होने पर डीएम ने यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक और जेई के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। डीएम ने यूपीपीसीएल के एमडी को पत्र लिखा है। कहा है कि शासकीय धन का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यूपीपीसीएल (उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के प्रबंध निदेशक को लिखे पत्र में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि देसही देवरिया ब्लॉक के नौतन हथियागढ़ गांव में लगभग 24 लाख रुपये की लागत से राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का निर्माण कराया जा रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने निर्धारित मानक के अनुरूप कार्य न होने की शिकायत की की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए त्रिसदस्यीय टीम का गठन कर परियोजना की जांच कराई गई। जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में अनियमितता पाए जाने की पुष्टि की है।
आयुर्वेदिक चिकित्सालय के निर्माण में नींव की गहराई ग्राउंड लेवल से एक मीटर किया जाना प्रस्तावित है, जबकि मौके पर 15 सेंटीमीटर गहराई की ही पाई गई। साथ ही गुणवत्ताहीन दोयम दर्जे की ईंटों का प्रयोग मिला। नींव में बिना पीसीसी कार्य कराए ईंट की सोलिंग कर दी गई है। ग्रामीणों एवं यूपीपीसीएल के अवर अभियंता ने बताया कि 60 फीट गहराई तक बोरिंग कर सबमर्सिबल पंप लगा दिया गया है, जबकि इस्टीमेट में 75 मीटर गहराई तक बोरिंग कर सबमर्सिबल करने का प्रावधान है। प्रस्तावित निर्माण स्थल जलभराव के क्षेत्र में है, ऐसे में कमियां गंभीर एवं आपराधिक कृत्य जैसी हैं। जिलाधिकारी ने जांच आख्या के आधार पर यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक अनिल कुमार एवं अवर अभियंता सत्य प्रकाश के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
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डीएम ने कहा कि शासन की ओर से लोकहित के मद्देनजर जनपद में विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इन निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार पदाधिकारी शासन की मंशानुरूप उच्चगुणवत्तायुक्त निर्माण कार्य करें। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। शासकीय धन का दुरुपयोग किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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देवरिया। नौतन हथियागढ़ में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के निर्माण में धांधली की पुष्टि होने पर डीएम ने यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक और जेई के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। डीएम ने यूपीपीसीएल के एमडी को पत्र लिखा है। कहा है कि शासकीय धन का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यूपीपीसीएल (उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के प्रबंध निदेशक को लिखे पत्र में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि देसही देवरिया ब्लॉक के नौतन हथियागढ़ गांव में लगभग 24 लाख रुपये की लागत से राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का निर्माण कराया जा रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने निर्धारित मानक के अनुरूप कार्य न होने की शिकायत की की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए त्रिसदस्यीय टीम का गठन कर परियोजना की जांच कराई गई। जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में अनियमितता पाए जाने की पुष्टि की है।
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आयुर्वेदिक चिकित्सालय के निर्माण में नींव की गहराई ग्राउंड लेवल से एक मीटर किया जाना प्रस्तावित है, जबकि मौके पर 15 सेंटीमीटर गहराई की ही पाई गई। साथ ही गुणवत्ताहीन दोयम दर्जे की ईंटों का प्रयोग मिला। नींव में बिना पीसीसी कार्य कराए ईंट की सोलिंग कर दी गई है। ग्रामीणों एवं यूपीपीसीएल के अवर अभियंता ने बताया कि 60 फीट गहराई तक बोरिंग कर सबमर्सिबल पंप लगा दिया गया है, जबकि इस्टीमेट में 75 मीटर गहराई तक बोरिंग कर सबमर्सिबल करने का प्रावधान है। प्रस्तावित निर्माण स्थल जलभराव के क्षेत्र में है, ऐसे में कमियां गंभीर एवं आपराधिक कृत्य जैसी हैं। जिलाधिकारी ने जांच आख्या के आधार पर यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक अनिल कुमार एवं अवर अभियंता सत्य प्रकाश के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
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डीएम ने कहा कि शासन की ओर से लोकहित के मद्देनजर जनपद में विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इन निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार पदाधिकारी शासन की मंशानुरूप उच्चगुणवत्तायुक्त निर्माण कार्य करें। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। शासकीय धन का दुरुपयोग किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।