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Deoria News: मुझे तो पदीय दायित्वों का निर्वहन ही नहीं करने दिया जा रहा, क्या दूं जवाब
Tue, 25 Jul 2023 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 25 Jul 2023 12:32 AM IST
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देवरिया। चढ़ावे के इंतजार में नामांतरण की पत्रावलियां लटकाने के मामले में डीएम ने ईओ से जवाब क्या मांगा, नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारियों में खलबली मच गई है। ईओ ने कर निर्धारण अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा तो उन्होंने भी मामले से पल्ला झाड़ लिया है। ईओ को लिखे पत्र में उन्होंने साफ कह दिया है कि मुझे तो मेरे पदीय दायित्वों का निर्वहन ही नहीं करने दिया जा रहा है, मैं क्या जवाब दूं।
दरअसल, नगर पालिका में नामांतरण की पत्रावलियों के निस्तारण में चढ़ावे का खेल सामने आ चुका है। वर्ष 2019 से लेकर अप्रैल तक की चार सौ से अधिक पत्रावलियां चढ़ावे के इंंतजार में बाबुओं की आलमारी में कैद थीं। बाबुओं व अधिकारियों का चक्कर काटकर परेशान हो चुके लोग जब नगर पालिका अध्यक्ष के पास पहुंचने लगे तो उन्होंने कार्यालय में 26 जून से नामांतरण सप्ताह आयोजित कराया। इनमें सौ फाइलों का भी निस्तारण नहीं हो पाया। फाइलें बाबुओं की आलमारी में पड़ी रहीं। इस पर चार जुलाई के अंक में अमर उजाला ने ''चढावे के इंतजार में आलमारी में कैद हैं 200 से अधिक नामांतरण की फाइलें'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की। जिसका जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया है। ईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। ईओ ने स्पष्टीकरण कर निर्धारण अधिकारी से मांगा था। जवाब में कर निर्धारण अधिकारी शशिकला ने लिखा है कि आप स्वयं अवगत हैं कि मैंने शासन में पत्र लिखकर अवगत कराया गया था कि मुझे मेरे पदीय दायित्यों का निर्वहन नहीं करने दिया जा रहा है। जिस पर जिलाधिकारी से निदेशक ने जांच कर स्पष्ट आख्या मांगी थी। अपर जिलाधिकारी ने आप से भी स्पष्टीकरण मांगा था।
पत्रावली जिन-जिन बाबुओं, कर समाहर्ताओं, कर निरीक्षकों के स्तर पर लंबित थी उसे सूचीबद्ध किया जा रहा है। जो भी जिम्मेदार होंगे उनके वार्षिक मूल्यांकन में दर्ज किया जाएगा। अनुभाग प्रभारी होने के नाते कर निर्धारण अधिकारी से आख्या मांगी गई है। - रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद, देवरिया।
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दरअसल, नगर पालिका में नामांतरण की पत्रावलियों के निस्तारण में चढ़ावे का खेल सामने आ चुका है। वर्ष 2019 से लेकर अप्रैल तक की चार सौ से अधिक पत्रावलियां चढ़ावे के इंंतजार में बाबुओं की आलमारी में कैद थीं। बाबुओं व अधिकारियों का चक्कर काटकर परेशान हो चुके लोग जब नगर पालिका अध्यक्ष के पास पहुंचने लगे तो उन्होंने कार्यालय में 26 जून से नामांतरण सप्ताह आयोजित कराया। इनमें सौ फाइलों का भी निस्तारण नहीं हो पाया। फाइलें बाबुओं की आलमारी में पड़ी रहीं। इस पर चार जुलाई के अंक में अमर उजाला ने ''चढावे के इंतजार में आलमारी में कैद हैं 200 से अधिक नामांतरण की फाइलें'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की। जिसका जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया है। ईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। ईओ ने स्पष्टीकरण कर निर्धारण अधिकारी से मांगा था। जवाब में कर निर्धारण अधिकारी शशिकला ने लिखा है कि आप स्वयं अवगत हैं कि मैंने शासन में पत्र लिखकर अवगत कराया गया था कि मुझे मेरे पदीय दायित्यों का निर्वहन नहीं करने दिया जा रहा है। जिस पर जिलाधिकारी से निदेशक ने जांच कर स्पष्ट आख्या मांगी थी। अपर जिलाधिकारी ने आप से भी स्पष्टीकरण मांगा था।
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पत्रावली जिन-जिन बाबुओं, कर समाहर्ताओं, कर निरीक्षकों के स्तर पर लंबित थी उसे सूचीबद्ध किया जा रहा है। जो भी जिम्मेदार होंगे उनके वार्षिक मूल्यांकन में दर्ज किया जाएगा। अनुभाग प्रभारी होने के नाते कर निर्धारण अधिकारी से आख्या मांगी गई है। - रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद, देवरिया।
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