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Deoria News: व्यवसायी दंपती व बेटी का शव घर पहुंचा तो मची चीत्कार
Sat, 13 Apr 2024 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 13 Apr 2024 01:17 AM IST
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भटनी के देवघाट गांव में व्यवसायी दम्पती व मासूम के शव को देखकर रोती महिलाएंफोटो- संवाद
फोटो समाचार..........
दिल दहलाने वाले मंजर को देखकर रो पड़े गांव-जवार के लोग
भागलपुर स्थित सरयू तट पर बड़े भाई ने दी मुखाग्नि तो फफक पड़े परिजन व रिश्तेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। क्षेत्र के देवघाट गांव निवासी व्यवसायी दंपती व दो वर्षीय बेटी का शव घर पहुंचा तो शादी वाले घर में चीत्कार मच गई। शवों को देखकर तीनों भाइयों समेत पूरा परिवार बेसुध हो गया। शवों से लिपट कर परिजन रोने लगे। दिल दहलाने वाले मंजर को देखकर गांव-जवार से मौके पर पहुंचे सैकड़ों लोग भी रो पड़े। परिजन शव भागलपुर स्थित सरयू तट पर ले गए, जहां बड़े भाई ने मुखाग्नि दी तो सभी फफक पड़े।
भटनी के देवघाट गांव निवासी राम बहादुर मिश्र की चार संतानों में रविभूषण मिश्र दूसरे नंबर के थे। वह पत्नी संगीता मिश्रा व बेटी सांगवी के साथ गुजरात में रहकर ठेकेदारी व व्यवसाय करते थे। जबकि बड़े भाई शशिभूषण मिश्र गांव रहते हैं। अन्य दो भाई वेद भूषण मिश्र और चंद्रभूषण मिश्र भी रोजगार से जुड़े हैं। शशिभूषण मिश्र की बेटी अनामिका की शादी 20 अप्रैल को तय है। तीनों भाई घर पर तिलक व शादी की तैयारियों में जुटे थे। रविभूषण भी भतीजी की शादी के एक सप्ताह पूर्व घर पहुंच तिलक और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में सम्मलित होना चाहते थे। इसलिए वह बुधवार को गुजरात से अपनी पत्नी व बेटी के साथ निजी वाहन से घर के लिए चल पड़े थे। लेकिन तभी गुजरात के वापी जिले के सोनगढ़ में सड़क हादसे में रवि भूषण उनकी पत्नी, बेटी समेत चार लोगों की मौत हो गई।
इसकी जानकारी मिलने पर शादी वाले घर में मातम छा गया। जहां मांगलिक गीतों पर परिजन थिरक रहे थे, वहीं, घटना के बाद चहुंओर चीख-पुकार मच गई। शुक्रवार दोपहर व्यवसायी दंपती व बेटी का शव घर पहुंचा तो दरवाजे पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर चेहरा उदास और हर आंखें नम नजर आईं। रविभूषण व उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार भागलपुर के सरयू तट पर किया गया।
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इनसेट में
बिलखते रहे शशिभूषण, बोले-मेरा तो परिवार ही उजड़ गया
भटनी। शशि भूषण मिश्र पूरे दिन बिलखते रहे। उन्होंने कहा कि मेरा तो पूरा परिवार ही उजड़ गया। छोटे भाई के शव को कंधा देना पड़ेगा यह कभी सोचा नहीं था। इससे बड़ा दुर्भाग्य मेरे जीवन में और क्या हो सकता है।
एक ही चिता पर रवि व संगीता का हुआ अंतिम संस्कार
भटनी। अग्नि के सात फेरे लेकर साथ जीने और साथ मरने का वादा पूरा करने वाले व्यवसायी दंपती रविभूषण मिश्र और उनकी पत्नी संगीता का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। पंडितों से परामर्श के बाद परिजनों ने उन्हें एक साथ मुखाग्नि दी। यह मंजर देखकर सरयू तट पर मौजूद लोगों की आखों से आंसू गिरने लगे।
चाचा- चाची व मासूम सांगवी का शव देख बेहोश हो गई अनामिका
भटनी। दुल्हन की पोशाक पहनकर और हाथों में मेंहदी लगाकर 20 अप्रैल को शादी के बाद पिया के घर जाने वाली अनामिका को मासूम सांगवी बहुत प्रिय थी। वह अक्सर सांगवी से वीडियो काल कर उससे बातें करती थी। बुधवार सुबह उसने चाचा-चाची और प्यारी बहना से फोन पर बात कर जल्दी घर आने का न्यौता दिया था। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शुक्रवार को चाचा रवि चाची संगीता और चहेती सांगवी का शव देख अनामिका बेहोश हो गई।
विधायक समेत समाजसेवियों ने घटना पर दुख व्यक्त किया
भटनी। देवघाट की हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र चौरसिया, सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी, शशांक मणि त्रिपाठी, अजय मणि, कमलेश शुक्ल, जिला पंचायत सदस्य अजित कुमार सिंह आदि समाजसेवियों ने घटना पर दुख व्यक्त किया है।
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दिल दहलाने वाले मंजर को देखकर रो पड़े गांव-जवार के लोग
भागलपुर स्थित सरयू तट पर बड़े भाई ने दी मुखाग्नि तो फफक पड़े परिजन व रिश्तेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। क्षेत्र के देवघाट गांव निवासी व्यवसायी दंपती व दो वर्षीय बेटी का शव घर पहुंचा तो शादी वाले घर में चीत्कार मच गई। शवों को देखकर तीनों भाइयों समेत पूरा परिवार बेसुध हो गया। शवों से लिपट कर परिजन रोने लगे। दिल दहलाने वाले मंजर को देखकर गांव-जवार से मौके पर पहुंचे सैकड़ों लोग भी रो पड़े। परिजन शव भागलपुर स्थित सरयू तट पर ले गए, जहां बड़े भाई ने मुखाग्नि दी तो सभी फफक पड़े।
भटनी के देवघाट गांव निवासी राम बहादुर मिश्र की चार संतानों में रविभूषण मिश्र दूसरे नंबर के थे। वह पत्नी संगीता मिश्रा व बेटी सांगवी के साथ गुजरात में रहकर ठेकेदारी व व्यवसाय करते थे। जबकि बड़े भाई शशिभूषण मिश्र गांव रहते हैं। अन्य दो भाई वेद भूषण मिश्र और चंद्रभूषण मिश्र भी रोजगार से जुड़े हैं। शशिभूषण मिश्र की बेटी अनामिका की शादी 20 अप्रैल को तय है। तीनों भाई घर पर तिलक व शादी की तैयारियों में जुटे थे। रविभूषण भी भतीजी की शादी के एक सप्ताह पूर्व घर पहुंच तिलक और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में सम्मलित होना चाहते थे। इसलिए वह बुधवार को गुजरात से अपनी पत्नी व बेटी के साथ निजी वाहन से घर के लिए चल पड़े थे। लेकिन तभी गुजरात के वापी जिले के सोनगढ़ में सड़क हादसे में रवि भूषण उनकी पत्नी, बेटी समेत चार लोगों की मौत हो गई।
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इसकी जानकारी मिलने पर शादी वाले घर में मातम छा गया। जहां मांगलिक गीतों पर परिजन थिरक रहे थे, वहीं, घटना के बाद चहुंओर चीख-पुकार मच गई। शुक्रवार दोपहर व्यवसायी दंपती व बेटी का शव घर पहुंचा तो दरवाजे पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर चेहरा उदास और हर आंखें नम नजर आईं। रविभूषण व उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार भागलपुर के सरयू तट पर किया गया।
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बिलखते रहे शशिभूषण, बोले-मेरा तो परिवार ही उजड़ गया
भटनी। शशि भूषण मिश्र पूरे दिन बिलखते रहे। उन्होंने कहा कि मेरा तो पूरा परिवार ही उजड़ गया। छोटे भाई के शव को कंधा देना पड़ेगा यह कभी सोचा नहीं था। इससे बड़ा दुर्भाग्य मेरे जीवन में और क्या हो सकता है।
एक ही चिता पर रवि व संगीता का हुआ अंतिम संस्कार
भटनी। अग्नि के सात फेरे लेकर साथ जीने और साथ मरने का वादा पूरा करने वाले व्यवसायी दंपती रविभूषण मिश्र और उनकी पत्नी संगीता का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। पंडितों से परामर्श के बाद परिजनों ने उन्हें एक साथ मुखाग्नि दी। यह मंजर देखकर सरयू तट पर मौजूद लोगों की आखों से आंसू गिरने लगे।
चाचा- चाची व मासूम सांगवी का शव देख बेहोश हो गई अनामिका
भटनी। दुल्हन की पोशाक पहनकर और हाथों में मेंहदी लगाकर 20 अप्रैल को शादी के बाद पिया के घर जाने वाली अनामिका को मासूम सांगवी बहुत प्रिय थी। वह अक्सर सांगवी से वीडियो काल कर उससे बातें करती थी। बुधवार सुबह उसने चाचा-चाची और प्यारी बहना से फोन पर बात कर जल्दी घर आने का न्यौता दिया था। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शुक्रवार को चाचा रवि चाची संगीता और चहेती सांगवी का शव देख अनामिका बेहोश हो गई।
विधायक समेत समाजसेवियों ने घटना पर दुख व्यक्त किया
भटनी। देवघाट की हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र चौरसिया, सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी, शशांक मणि त्रिपाठी, अजय मणि, कमलेश शुक्ल, जिला पंचायत सदस्य अजित कुमार सिंह आदि समाजसेवियों ने घटना पर दुख व्यक्त किया है।