{"_id":"6605c55bf804cb8bc4066de4","slug":"hospital-seal-broken-deoria-news-c-208-1-deo1004-122242-2024-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन अस्पताल को किया था सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन अस्पताल को किया था सील
Fri, 29 Mar 2024 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 29 Mar 2024 01:00 AM IST
विज्ञापन
फोटो समाचार......
अस्पताल के अंदर ही अपनी सहयोगी स्वास्थ्य कर्मी के साथ आरोपी डॉक्टर हो गई थी बंद
- जानकारी होने पर सुबह में क्लिनिक संचालक की मौजूदगी में पुलिस ने दोनों को बाहर निकाला
तहरीर देने के बाद भी आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं होने पर चर्चाओं का बाजार गर्म
पुलिस का दावा, अंदर सिर्फ स्वास्थ्य कर्मी ही बंद पाई गई, नहीं थी डॉक्टर
वॉयरल फोटो व वीडियो में अंदर आते हुए साफ-साफ दिख रही आरोपी डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डॉक्टरों की लापरवाही से संध्या पटेल की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा ने पुलिस के साथ मिलकर हॉस्पिटल को बुधवार को सील कर दिया। उन्होंने हॉस्पिटल के अंदर जांच करने की जहमत भी नहीं उठाई। हॉस्पिटल सील करने के कुछ घंटों बाद पता चला कि आरोपी डॉक्टर व उसकी सहयोगी स्वास्थ्य कर्मी अंदर ही बंद हो गए हैं। तब तक काफी रात हो चुकी थी, सुबह में एक बार फिर मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम व पुलिस ने हॉस्पिटल संचालक की मौजूदगी में ताला खोलकर डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी को बाहर निकाला। इस दौरान पुलिस ने न ही डॉक्टर को और न ही अस्पताल संचालक को गिरफ्तार किया। अस्पताल संचालक पर तो बुधवार को ही तरकुलवा थाने में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। जबकि डॉक्टर के खिलाफ संध्या के ससुर ने मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर भी दी है। पुलिस ने इस कार्यशैली से लोगों में आक्रोश है और चर्चाओं का बाजार गर्म है।
संध्या की मौत के बाद हॉस्पिटल सील करते समय स्वास्थ्य कर्मियों से बड़ी लापरवाही हुई। हॉस्पिटल की तथाकथित महिला डॉक्टर और उसकी सहयोगी हॉस्पिटल में 24 घंटे बंद रही। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नोडल अधिकारी आरपी यादव, पथरदेवा स्वास्थ्य विभाग प्रभारी प्रभात रंजन और अन्य कर्मी अस्पताल को सील कर दिए। सील करने के बाद वह जिला मुख्यालय लौट गए। चाबी सीएमओ कार्यालय में जमा कर दी।
बाद में किसी ने सूचना दी कि इसी के अंदर तथाकथित महिला डॉक्टर और उसकी सहयोगी बंद हैं।
इस सूचना के 24 घंटे बाद बृहस्पतिवार को पुनः स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और सील खोलकर दोनों को बाहर निकाली। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि जब वह लोग सील करने पहुंचे थे तो पहले से ही बाहर से ताला बंद था। उसपर लिखा था अस्पताल बंद है। डॉक्टर बाहर गए हैं।
विज्ञापन
संचालक के विरुद्ध था केस दर्ज, पुलिस के साथ ताला खोलवाकर डॉक्टर को बाहर निकलवाने में की मदद
- पुलिस ने आरोपी डॉक्टर की कौन कहे संचालक को भी नहीं किया गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। संध्या की मौत मामले में पथरदेवा स्वास्थ्य विभाग प्रभारी प्रभात रंजन ने हॉस्पिटल संचालक प्रेम नारायण सिंह के खिलाफ बुधवार को ही संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद से ही प्रेम नारायण पुलिस के इर्द-गिर्द घूम रहा है, लेकिन उसको गिरफ्तारी नहीं कर रही है। इसकी चर्चा जोरों पर है। बृहस्पतिवार को हॉस्पिटल का सील खोलने के दौरान वह पुलिस के साथ मौजूद था। लेकिन पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी नहीं की। यह देखकर सभी मौजूद लोग चर्चा कर रहे थे कि पुलिस उसकी मदद कर रही है।
पुलिस ने हॉस्पिटल के अंदर डॉक्टर के नहीं होने की कही बात
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस के साथ सील हॉस्पिटल का ताला खोलकर डॉक्टर व उसकी सहयोगी का वाहन निकाली। इस संबंध में जब जानकारी ली तो पुलिस ने साफ शब्दों में डॉक्टर के न होने की बात कही। जब उनको बताया गया कि वीडियो में हॉस्पिटल के अंदर से डॉक्टर भी निकलते हुए दिख रही हैं तो वे कुछ बोलने से बचते रहे। जब पुलिस ने पूछा गया कि उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई तो पुलिस ने कुछ बताने से पल्ला झाड़ लिया।
कोट
डॉक्टर के होने की जानकारी आप लोगों के माध्यम से हो रही है। इसकी जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई कराई जा रही है। संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शीघ्र इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की जाएगी।
-संजय कुमार रेड्डी, सीओ सिटी
विज्ञापन
अस्पताल के अंदर ही अपनी सहयोगी स्वास्थ्य कर्मी के साथ आरोपी डॉक्टर हो गई थी बंद
- जानकारी होने पर सुबह में क्लिनिक संचालक की मौजूदगी में पुलिस ने दोनों को बाहर निकाला
तहरीर देने के बाद भी आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं होने पर चर्चाओं का बाजार गर्म
पुलिस का दावा, अंदर सिर्फ स्वास्थ्य कर्मी ही बंद पाई गई, नहीं थी डॉक्टर
वॉयरल फोटो व वीडियो में अंदर आते हुए साफ-साफ दिख रही आरोपी डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डॉक्टरों की लापरवाही से संध्या पटेल की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमा ने पुलिस के साथ मिलकर हॉस्पिटल को बुधवार को सील कर दिया। उन्होंने हॉस्पिटल के अंदर जांच करने की जहमत भी नहीं उठाई। हॉस्पिटल सील करने के कुछ घंटों बाद पता चला कि आरोपी डॉक्टर व उसकी सहयोगी स्वास्थ्य कर्मी अंदर ही बंद हो गए हैं। तब तक काफी रात हो चुकी थी, सुबह में एक बार फिर मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम व पुलिस ने हॉस्पिटल संचालक की मौजूदगी में ताला खोलकर डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी को बाहर निकाला। इस दौरान पुलिस ने न ही डॉक्टर को और न ही अस्पताल संचालक को गिरफ्तार किया। अस्पताल संचालक पर तो बुधवार को ही तरकुलवा थाने में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। जबकि डॉक्टर के खिलाफ संध्या के ससुर ने मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर भी दी है। पुलिस ने इस कार्यशैली से लोगों में आक्रोश है और चर्चाओं का बाजार गर्म है।
संध्या की मौत के बाद हॉस्पिटल सील करते समय स्वास्थ्य कर्मियों से बड़ी लापरवाही हुई। हॉस्पिटल की तथाकथित महिला डॉक्टर और उसकी सहयोगी हॉस्पिटल में 24 घंटे बंद रही। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नोडल अधिकारी आरपी यादव, पथरदेवा स्वास्थ्य विभाग प्रभारी प्रभात रंजन और अन्य कर्मी अस्पताल को सील कर दिए। सील करने के बाद वह जिला मुख्यालय लौट गए। चाबी सीएमओ कार्यालय में जमा कर दी।
विज्ञापन
बाद में किसी ने सूचना दी कि इसी के अंदर तथाकथित महिला डॉक्टर और उसकी सहयोगी बंद हैं।
इस सूचना के 24 घंटे बाद बृहस्पतिवार को पुनः स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और सील खोलकर दोनों को बाहर निकाली। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि जब वह लोग सील करने पहुंचे थे तो पहले से ही बाहर से ताला बंद था। उसपर लिखा था अस्पताल बंद है। डॉक्टर बाहर गए हैं।
विज्ञापन
संचालक के विरुद्ध था केस दर्ज, पुलिस के साथ ताला खोलवाकर डॉक्टर को बाहर निकलवाने में की मदद
- पुलिस ने आरोपी डॉक्टर की कौन कहे संचालक को भी नहीं किया गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। संध्या की मौत मामले में पथरदेवा स्वास्थ्य विभाग प्रभारी प्रभात रंजन ने हॉस्पिटल संचालक प्रेम नारायण सिंह के खिलाफ बुधवार को ही संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद से ही प्रेम नारायण पुलिस के इर्द-गिर्द घूम रहा है, लेकिन उसको गिरफ्तारी नहीं कर रही है। इसकी चर्चा जोरों पर है। बृहस्पतिवार को हॉस्पिटल का सील खोलने के दौरान वह पुलिस के साथ मौजूद था। लेकिन पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी नहीं की। यह देखकर सभी मौजूद लोग चर्चा कर रहे थे कि पुलिस उसकी मदद कर रही है।
पुलिस ने हॉस्पिटल के अंदर डॉक्टर के नहीं होने की कही बात
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस के साथ सील हॉस्पिटल का ताला खोलकर डॉक्टर व उसकी सहयोगी का वाहन निकाली। इस संबंध में जब जानकारी ली तो पुलिस ने साफ शब्दों में डॉक्टर के न होने की बात कही। जब उनको बताया गया कि वीडियो में हॉस्पिटल के अंदर से डॉक्टर भी निकलते हुए दिख रही हैं तो वे कुछ बोलने से बचते रहे। जब पुलिस ने पूछा गया कि उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई तो पुलिस ने कुछ बताने से पल्ला झाड़ लिया।
कोट
डॉक्टर के होने की जानकारी आप लोगों के माध्यम से हो रही है। इसकी जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई कराई जा रही है। संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शीघ्र इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की जाएगी।
-संजय कुमार रेड्डी, सीओ सिटी