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दो वर्ष से फरार फर्जी शिक्षक गिरफ्तार
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दो वर्ष से फरार फर्जी शिक्षक गिरफ्तार
दूसरे की जगह कूटरचित ढंग से नौकरी करने के मामले में दर्ज था, केस
संवाद न्यूज एजेंसी
लार। दो वर्ष से फरार चल रहे कूटरचित दस्तावेज के सहारे शिक्षक बने विपिन कुमार पांडेय को पुलिस ने भागलपुर तिराहा से दबोच लिया। उसके खिलाफ तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ने लार थाने में केस दर्ज कराया था। बीआरसी पर शिक्षकों से पहचान कराने के बाद न्यायालय पेश किया गया। वहां से जेल भेज दिया गया। फर्जी शिक्षक की गिरफ्तारी से महकमे में हड़कंप मच गया।
बलिया जिला के सुखपुरा गांव निवासी विपिन कुमार पांडेय पुत्र रामइकबाल पांडेय सचिन गुप्ता पुत्र रमाशंकर प्रसाद ग्राम सिंहपुर फेफना जिला बलिया के नाम पर कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी करता था। उसकी पहली तैनाती यूपीएस पिपरा धन्नी गौरी बाजार व दूसरी तैनाती लार ब्लॉक के रामनगर उच्च प्राथमिक विद्यालय पर हुई थी।
फर्जी दस्तावेज होने की पुष्टि होने पर तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी बीरबलराम ने आरोपी फर्जी शिक्षक के खिलाफ लार थाने में तहरीर देकर दो वर्ष पूर्व केस दर्ज कराया था। तभी से शिक्षक फरार था। बुधवार को प्रभारी निरीक्षक नवीन सिंह को सूचना मिली कि फर्जी शिक्षक भागलपुर तिराहे पर एक दुकान में बैठा है। हरकत में आई पुलिस ने उसे दबोच लिया। यहां से उसे बीआरसी लार लेकर पहुंची, जहां शिक्षकों से उसकी पहचान कराई गई।
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सीएचसी लार में कोरोना परीक्षण के बाद पुलिस ने न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक नवीन सिंह ने बताया कि फर्जी शिक्षक के खिलाफ अभियोग पंजीकृत था। वह दो वर्ष से फरार चल रहा था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
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दूसरे की जगह कूटरचित ढंग से नौकरी करने के मामले में दर्ज था, केस
संवाद न्यूज एजेंसी
लार। दो वर्ष से फरार चल रहे कूटरचित दस्तावेज के सहारे शिक्षक बने विपिन कुमार पांडेय को पुलिस ने भागलपुर तिराहा से दबोच लिया। उसके खिलाफ तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ने लार थाने में केस दर्ज कराया था। बीआरसी पर शिक्षकों से पहचान कराने के बाद न्यायालय पेश किया गया। वहां से जेल भेज दिया गया। फर्जी शिक्षक की गिरफ्तारी से महकमे में हड़कंप मच गया।
बलिया जिला के सुखपुरा गांव निवासी विपिन कुमार पांडेय पुत्र रामइकबाल पांडेय सचिन गुप्ता पुत्र रमाशंकर प्रसाद ग्राम सिंहपुर फेफना जिला बलिया के नाम पर कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी करता था। उसकी पहली तैनाती यूपीएस पिपरा धन्नी गौरी बाजार व दूसरी तैनाती लार ब्लॉक के रामनगर उच्च प्राथमिक विद्यालय पर हुई थी।
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फर्जी दस्तावेज होने की पुष्टि होने पर तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी बीरबलराम ने आरोपी फर्जी शिक्षक के खिलाफ लार थाने में तहरीर देकर दो वर्ष पूर्व केस दर्ज कराया था। तभी से शिक्षक फरार था। बुधवार को प्रभारी निरीक्षक नवीन सिंह को सूचना मिली कि फर्जी शिक्षक भागलपुर तिराहे पर एक दुकान में बैठा है। हरकत में आई पुलिस ने उसे दबोच लिया। यहां से उसे बीआरसी लार लेकर पहुंची, जहां शिक्षकों से उसकी पहचान कराई गई।
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सीएचसी लार में कोरोना परीक्षण के बाद पुलिस ने न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक नवीन सिंह ने बताया कि फर्जी शिक्षक के खिलाफ अभियोग पंजीकृत था। वह दो वर्ष से फरार चल रहा था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।