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Deoria News: मुआवजे को लेकर किसानों ने भरी हुंकार, 11 जून को जिला मुख्यालय पर बड़ी सभा की तैयारी
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बाईपास को लेकर भूमि बचाओ संघर्ष समिति के लोगो ने गौरा में किया बैठक।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मुआवजे की राशि को लेकर बृहस्पतिवार को भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने गौरा चौराहे पर बैठक की। इसमें किसानों ने कहा कि प्रशासन की चुप्पी के कारण काफी आक्रोश है। किसान भी किसी दशा में पुराने सर्किल रेट पर भूमि देने को राजी नहीं हैं। बाजार मूल्य मिलेगा तभी भूमि देंगे।
बाईपास से प्रभावित किसान नेता अजीत त्रिपाठी ने कहा कि शहर को जाम से बचाने के विकल्प है, लेकिन इसके बाद भी किसानों के खेत के रास्ते बाईपास निकाला जा रहा है। जितना खर्च बाईपास मार्ग पर होगा, इससे कम दाम पर शहर में ओवरब्रिज बन जाएगा। भाकियू नेता विनय कुमार सिंह ने कहा किसानों की सहमति के बिना जमीन ली गई है। उनको जानकारी में लेकर सीमांकन कराना चाहिए था। करीब 125 किसानों के मकान टूट जाएंगे। बेघर लोगों की व्यवस्था पहले की जाएं, इसके बाद मकान को गिराया जाए। कोई भी किसान पुराने सर्किल रेट पर भूमि देने को तैयार नहीं है। सभी गांवों के किसानों से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मांग को लेकर 11 जून को शहर के महाराजा अग्रसेन इंटर कालेज में बड़ी सभा होनी है। इसी तैयारी की जा रही है। इसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में सुरेंद्र शास्त्री, अनिल मणि, राजनाथ यादव, किशन देव यादव, चंदन मिश्र, डा अजय चौरसिया, दूध नाथ मणि, रमानंद और नीरज मिश्र आदि मौजूद रहे।
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किसानों की मांग
किसानों का कहना है कि सर्किल रेट लागू है। इसके हिसाब से एक एयर का भाव 42000 रुपये है। 14 एयर का एक कट्ठा होता है यानि 5,88000 रुपये हुआ, जबकि किसानों का कहना है कि उनके गांव की भूमि 30 से 40 लाख रुपये कट्ठा भूमि का भाव चल रहा है। इन गांवों के किसानों का कहना है कि जिस भूमि का सबसे कम रेट है, वह भी दस लाख रुपये है।
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फैक्ट फाइल-
- 37 गांवों के किसानों की 110 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है
- 19 सौ करोड़ रुपये का बजट भी जारी हो चुका है
- 968 किसानों की भूमि के अधिग्रहित की कार्यवाही शुरू कर दी गई है
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यह गांव जुड़ जाएंगे बाईपास मार्ग से
मुंडेरा, सुकरौली, अहिलवार बुर्जुग और खुर्द, धनौती, कचुआर, देवरिया मीर, चकरवा धूस, घटैलागाजी और चेती, पकड़ी बुजुर्ग, पगरा परसिया, रामपुर खुर्द, कुसम्हा वेलवा, गोबराई, धनौती खास, पोखरभिंडा, भगौतीपुर, गौरा, भीमपुर, परसा बरवां, जैतपुरा, मुंडेरा, बांसगांव बुजुर्ग, धतुरा, बरारी, सझवा, बलुआ, बैतालपुर, गुड़री, इटवा, सिरजम खास से बाईपास गुजरेगा।-- -- -- -- -- -
पांच साल में ही बंध गया एनएचआई कार्यालय का बोरिया-विस्तर
वर्ष 2018 में तत्कालीन सदर सांसद कलराज मिश्र की पहल पर पीडब्ल्यूडी के भवन में खुला था कार्यालय
- एक्सईएन समेत एई, जेई गोरखपुर कार्यालय में हुए तैनात, पांच साल में विभाग के जिम्मे नहीं आई कोई सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पांच साल पूर्व खुला एनएचआई देवरिया के कार्यालय का बोरिया-विस्तर बंध गया। यहां तैनात एक्सईएन समेत एई व जेई को गोरखपुर कार्यालय में तैनाती दे दी गई है। लिपिक समेत अन्य छह कर्मचारियों का समायोजन लोक निर्माण विभाग के दोनों खंडो में किया गया है।
वर्ष 2018 में तत्कालीन सांसद कलराज मिश्र की पहल पर लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के प्रथम तल पर राष्ट्रीय मार्ग खंड का कार्यालय खुला था। इसमें एक्सईएन, सहायक अभियंता व अवर अभियंता की तैनाती की गई थी। इसके अलावा कुछ लिपिक भी तैनात किए गए थे। कार्यालय खुलने के लगभग पांच साल तक इस खंड के हिस्से में कुछ दिनों के लिए राम जानकी मार्ग हैंडओवर हुआ था। बीते वर्ष इस सड़क को चौड़ीकरण व फोरलेन बनाने की मंजूरी मिली थी, लेकिन इसी बीच यह सड़क एनएच पीआईयू गोरखपुर को हैंडोवर हो गई। सड़क के हैंडओवर होने के बाद राष्ट्रीय मार्ग खंड के हिस्से में जिले कोई सड़क नहीं थी। वर्तमान में अधिशासी अभियंता नूर मोहम्मद, सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार, अतुल तिवारी व अवर अभियंता दीपक सिंह, शहबाज अनवर की तैनाती थी। इसके अलावा कुल पांच लिपिक कार्यरत थे। जिला पर कार्यालय बंद होने के बाद यहां तैनात एक्सईएन, एई, जेई को गोरखपुर स्टेट डिवीजन में तैनाती मिली है। लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को स्थानीय स्तर पर ही लोक निर्माण विभाग के दोनों खंडों में तैनात किया गया है। बुधवार को कर्मचारियों ने नवीन तैनाती स्थल पर योगदान किया। एक्सईएन नूर मोहम्मद ने बताया कि देवरिया कार्यालय को गोरखपुर स्टेट डिवीजन में समायोजित कर दिया गया है।
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कोट
भूमि लेने से पहले किसानों से सहमति लेना जरूरत था। सीमांकन करने से पहले पूछना चाहिए था। चार पहले का सर्किल रेट दिया जा रहा है। किसानों के साथ अन्याय है। सर्किल रेट और बाजार में जमीन आसमान का अंतर है। इससे काफी नुकसान होगा।
विनय कुमार सिंह, भाकियू के उपध्याक्ष पूर्वी यूपी
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कोट
किसी भी हाल में जमीन नहीं दिया जाएगा। किसानों का आशियाना और जमीन कौड़ियों के भव लेने की साजिश रची गई है। मुआवजा की राशि नाम मात्र है। जमीन के लिए हम कुछ भी करने को तैयार है। विभागीय अधिकारियों ने गलत सर्वे किया है।
राज प्रताप यादव, किसान
वर्जन
बाईपास निर्माण काम शुरू हो गया है। किसानों के मुआवजे की राशि के लिए सहमति पत्र आने वाले समय में भरवाया जाएगा। पेड़ और अन्य कार्य के लिए एनएचएआई एनओसी लेती है।
.......सौरभ सिंह, एसडीएम सदर
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देवरिया। मुआवजे की राशि को लेकर बृहस्पतिवार को भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने गौरा चौराहे पर बैठक की। इसमें किसानों ने कहा कि प्रशासन की चुप्पी के कारण काफी आक्रोश है। किसान भी किसी दशा में पुराने सर्किल रेट पर भूमि देने को राजी नहीं हैं। बाजार मूल्य मिलेगा तभी भूमि देंगे।
बाईपास से प्रभावित किसान नेता अजीत त्रिपाठी ने कहा कि शहर को जाम से बचाने के विकल्प है, लेकिन इसके बाद भी किसानों के खेत के रास्ते बाईपास निकाला जा रहा है। जितना खर्च बाईपास मार्ग पर होगा, इससे कम दाम पर शहर में ओवरब्रिज बन जाएगा। भाकियू नेता विनय कुमार सिंह ने कहा किसानों की सहमति के बिना जमीन ली गई है। उनको जानकारी में लेकर सीमांकन कराना चाहिए था। करीब 125 किसानों के मकान टूट जाएंगे। बेघर लोगों की व्यवस्था पहले की जाएं, इसके बाद मकान को गिराया जाए। कोई भी किसान पुराने सर्किल रेट पर भूमि देने को तैयार नहीं है। सभी गांवों के किसानों से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मांग को लेकर 11 जून को शहर के महाराजा अग्रसेन इंटर कालेज में बड़ी सभा होनी है। इसी तैयारी की जा रही है। इसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में सुरेंद्र शास्त्री, अनिल मणि, राजनाथ यादव, किशन देव यादव, चंदन मिश्र, डा अजय चौरसिया, दूध नाथ मणि, रमानंद और नीरज मिश्र आदि मौजूद रहे।
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किसानों की मांग
किसानों का कहना है कि सर्किल रेट लागू है। इसके हिसाब से एक एयर का भाव 42000 रुपये है। 14 एयर का एक कट्ठा होता है यानि 5,88000 रुपये हुआ, जबकि किसानों का कहना है कि उनके गांव की भूमि 30 से 40 लाख रुपये कट्ठा भूमि का भाव चल रहा है। इन गांवों के किसानों का कहना है कि जिस भूमि का सबसे कम रेट है, वह भी दस लाख रुपये है।
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फैक्ट फाइल-
- 37 गांवों के किसानों की 110 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है
- 19 सौ करोड़ रुपये का बजट भी जारी हो चुका है
- 968 किसानों की भूमि के अधिग्रहित की कार्यवाही शुरू कर दी गई है
यह गांव जुड़ जाएंगे बाईपास मार्ग से
मुंडेरा, सुकरौली, अहिलवार बुर्जुग और खुर्द, धनौती, कचुआर, देवरिया मीर, चकरवा धूस, घटैलागाजी और चेती, पकड़ी बुजुर्ग, पगरा परसिया, रामपुर खुर्द, कुसम्हा वेलवा, गोबराई, धनौती खास, पोखरभिंडा, भगौतीपुर, गौरा, भीमपुर, परसा बरवां, जैतपुरा, मुंडेरा, बांसगांव बुजुर्ग, धतुरा, बरारी, सझवा, बलुआ, बैतालपुर, गुड़री, इटवा, सिरजम खास से बाईपास गुजरेगा।
पांच साल में ही बंध गया एनएचआई कार्यालय का बोरिया-विस्तर
वर्ष 2018 में तत्कालीन सदर सांसद कलराज मिश्र की पहल पर पीडब्ल्यूडी के भवन में खुला था कार्यालय
- एक्सईएन समेत एई, जेई गोरखपुर कार्यालय में हुए तैनात, पांच साल में विभाग के जिम्मे नहीं आई कोई सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पांच साल पूर्व खुला एनएचआई देवरिया के कार्यालय का बोरिया-विस्तर बंध गया। यहां तैनात एक्सईएन समेत एई व जेई को गोरखपुर कार्यालय में तैनाती दे दी गई है। लिपिक समेत अन्य छह कर्मचारियों का समायोजन लोक निर्माण विभाग के दोनों खंडो में किया गया है।
वर्ष 2018 में तत्कालीन सांसद कलराज मिश्र की पहल पर लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के प्रथम तल पर राष्ट्रीय मार्ग खंड का कार्यालय खुला था। इसमें एक्सईएन, सहायक अभियंता व अवर अभियंता की तैनाती की गई थी। इसके अलावा कुछ लिपिक भी तैनात किए गए थे। कार्यालय खुलने के लगभग पांच साल तक इस खंड के हिस्से में कुछ दिनों के लिए राम जानकी मार्ग हैंडओवर हुआ था। बीते वर्ष इस सड़क को चौड़ीकरण व फोरलेन बनाने की मंजूरी मिली थी, लेकिन इसी बीच यह सड़क एनएच पीआईयू गोरखपुर को हैंडोवर हो गई। सड़क के हैंडओवर होने के बाद राष्ट्रीय मार्ग खंड के हिस्से में जिले कोई सड़क नहीं थी। वर्तमान में अधिशासी अभियंता नूर मोहम्मद, सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार, अतुल तिवारी व अवर अभियंता दीपक सिंह, शहबाज अनवर की तैनाती थी। इसके अलावा कुल पांच लिपिक कार्यरत थे। जिला पर कार्यालय बंद होने के बाद यहां तैनात एक्सईएन, एई, जेई को गोरखपुर स्टेट डिवीजन में तैनाती मिली है। लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को स्थानीय स्तर पर ही लोक निर्माण विभाग के दोनों खंडों में तैनात किया गया है। बुधवार को कर्मचारियों ने नवीन तैनाती स्थल पर योगदान किया। एक्सईएन नूर मोहम्मद ने बताया कि देवरिया कार्यालय को गोरखपुर स्टेट डिवीजन में समायोजित कर दिया गया है।
कोट
भूमि लेने से पहले किसानों से सहमति लेना जरूरत था। सीमांकन करने से पहले पूछना चाहिए था। चार पहले का सर्किल रेट दिया जा रहा है। किसानों के साथ अन्याय है। सर्किल रेट और बाजार में जमीन आसमान का अंतर है। इससे काफी नुकसान होगा।
विनय कुमार सिंह, भाकियू के उपध्याक्ष पूर्वी यूपी
कोट
किसी भी हाल में जमीन नहीं दिया जाएगा। किसानों का आशियाना और जमीन कौड़ियों के भव लेने की साजिश रची गई है। मुआवजा की राशि नाम मात्र है। जमीन के लिए हम कुछ भी करने को तैयार है। विभागीय अधिकारियों ने गलत सर्वे किया है।
राज प्रताप यादव, किसान
वर्जन
बाईपास निर्माण काम शुरू हो गया है। किसानों के मुआवजे की राशि के लिए सहमति पत्र आने वाले समय में भरवाया जाएगा। पेड़ और अन्य कार्य के लिए एनएचएआई एनओसी लेती है।
.......सौरभ सिंह, एसडीएम सदर