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Deoria News: स्टेशन नहीं, फिर भी चकरा ढाले पर रोजाना 16 बार रुकती है बरहजिया ट्रेन

Tue, 27 May 2025 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Tue, 27 May 2025 12:26 AM IST
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Even though there is no station, Barhajia train stops at Chakra Dhale 16 times daily
संवाद न्यूज एजेंसी
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सलेमपुर/मईल। दो तहसीलों को जोड़ने वाली बरहजिया ट्रेन रेलवे स्टेशन न होने के बावजूद चकरा ढाले पर रोजाना 16 बार रुकती है। टिकट बुकिंग की व्यवस्था नहीं हाने से यहां से ट्रेन में चढ़ने वाले लोगों को बिना टिकट ही यात्रा करना पड़ता है।
इससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा है। करीब 31 किमी की दूरी तय करने वाली बरहजिया ट्रेन को लोग जवरहिया गाड़ी भी कहते हैं। सलेमपुर तहसील से बरहज तहसील को जोड़ने वाली बरहजिया ट्रेन को सात रेलवे स्टेशन से होकर जाना पड़ता है। जिसमें भटनी व सलेमपुर दो जंक्शन हैं। बाकी देवरहा बाबा रोड, सतरांव, सिसई गुलाब राय हाल्ट व बरहज बाजार हाल्ट स्टेशन है।
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जहां सरकारी कर्मचारी के जगह प्राइवेट ठेकेदार के आदमी टिकट बुकिंग करते हैं। अंग्रेजों ने बरहज बाजार के उद्योग धंधे के महत्व को देखते हुए 1896 में रेल मार्ग से जोड़ा था। तभी से इस रेल मार्ग पर चार बोगी वाले एकमात्र पैसेंजर ट्रेन बरहजिया चलती है। जो प्रतिदिन चार बार अप डाउन भटनी से बरहज चलती है।
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इस रेल मार्ग पर सतरावं -देवरहा बाबा स्टेशन के बीच चकरा ढाला पार करना पड़ता है। इस मानव रहित ढाले को पार करने की अजीब कहानी है, जिसे जानकर दंग रह जाएंगे।
ढाला पर पहुंचने से पहले ट्रेन को चालक रोक देता है। उसके बाद ट्रेन से प्वाइंट मैन उतरकर ढाला के फाटक को बंद करता है फिर हरी झंडी दिखाता है तो ट्रेन ढाला पार कर रुकती है। तब उसमें प्वाइंट मैन सवार होता है तब ट्रेन चलती है।
ऐसे में प्रतिदिन चार बार चक्कर लगाने वाली ट्रेन चकरा ढाले पर 16 बार रूकती है। ट्रेन लगभग 10 मिनट तक खड़ी रहती है।
चकरा ढाला रेलवे स्टेशन नहीं होने के बाद भी क्षेत्र के दर्जनों गांव के सैकड़ों लोग प्रतिदिन ट्रेन पकड़ने के लिए ढाले पर खड़े रहते हैं और बरहज, सलेमपुर व भटनी जंक्शन का सफर ट्रेन से करते हैं।

पहले उद्योग धंधे का बड़ा केंद्र रहा है बरहज : हले से ही उद्योग धंधे का बड़ा केंद्र रहा है।
यहां पहले व्यापारी पानी की जहाज द्वारा मुंबई कोलकाता से माल मंगाते थे व ले जाते थे। बाद में अंग्रेजों ने सुविधा के लिए रेल मार्ग से भी जोड़ दिया। खडसारी, गुड़, दाल की कारोबार के लिए प्रसिद्ध था। लोहा के समान के लिए भी मशहूर है।
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