{"_id":"60bd073e8ebc3e019127f171","slug":"dm-said-verify-orphans-of-corona-deoria-news-gkp397141457","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिह्नित निराश्रित बच्चों का शीघ्र कराएं सत्यापन : डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिह्नित निराश्रित बच्चों का शीघ्र कराएं सत्यापन : डीएम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिह्नित निराश्रित बच्चों का शीघ्र कराएं सत्यापन : डीएम
डीएम ने गूगल मीट के माध्यम से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक
56 बच्चों की बनी है सूची, योजना से वंचित न हो पात्र बच्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डीएम आशुतोष निरंजन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक गूगल मीट के माध्यम से रविवार को हुई।
उन्होंने संवेदनशीलता के साथ योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए निर्देश दिए। कहा कि योजना में चिह्नित सभी बच्चों का आवेदन तथा सत्यापन शीघ्र कराया जाए। यह मुख्यमंत्री की अति महत्वाकांक्षी योजना है। इसका लाभ ऐसे बच्चों को दिया जाना है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता या अपने किसी एक अभिभावक को खो दिया है। कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि सभी शासकीय तथा निजी चिकित्सालयों के चिकित्साधिकारी के साथ बैठक कर योजना के संबंध में बताएं और कोविड-19 से संबंधित प्रमाणपत्र के निर्गत, सत्यापन की प्रक्रिया को सरल एवं शीघ्र कराना सुनिश्चित करें, जिससे पात्र बच्चों को लाभान्वित किया जा सके। डीएम ने योजना के आवेदन प्रपत्र सत्यापन रिपोर्ट तथा प्रगति के संबंध में आठ जून को जानकारी देने के निर्देश दिए। टॉस्क फोर्स के सचिव जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार ने योजना के बारे में बताया कि कोविड-19 महामारी से प्रभावित ऐसे सभी बच्चों, जिनके माता-पिता अथवा दोनों में से किसी एक की कोविड संक्रमण व प्रभाव से मृत्यु हो गई है। जिन बच्चों के कोई करीबी अभिभावक न हों अथवा होने के बाद भी वह उन्हें अपनाना न चाहें, या अपनाने में सक्षम न हों, के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। प्रभावित बच्चों की श्रेणियों, पात्रता योजना के अंतर्गत देय लाभ की श्रेणियां, योजना का लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया, जांच, लाभार्थियों का सत्यापन, ऑफलाइन आवेदन के लिए आवश्यक अभिलेखों तथा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आवेदन के संबंध में जानकारी दी।
एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज ने बताया कि जिला प्रोवेशन अधिकारी से कुल 56 बच्चों की सूची प्राप्त हुई है। इसका आवेदन प्रपत्र पूर्ण कराने के साथ सत्यापन की कार्रवाई ग्रामीण स्तर से बीडीओ तथा शहरी क्षेत्रों के लिए एसडीएम स्तर से कराया जाना है। एसडीएम को आवेदन प्रपत्र पूर्ण कराते हुए आवश्यकतानुसार आय प्रमाणपत्र निर्गत करने के साथ मॉनीटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार नीरज शर्मा ने बताया कि बच्चों की उम्र से संबंधित प्रमाणपत्र के लिए शैक्षणिक संस्थान द्वारा निर्गत प्रमाणपत्र या परिवार व कुटुंब रजिस्टर की छायाप्रति मान्य है। गूगल मीट में डीडीओ/ प्रभारी सीडीओ, सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय, सभी एसडीएम, बीडीओ, संरक्षण अधिकारी आदि जुड़े रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम ने गूगल मीट के माध्यम से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक
56 बच्चों की बनी है सूची, योजना से वंचित न हो पात्र बच्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डीएम आशुतोष निरंजन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक गूगल मीट के माध्यम से रविवार को हुई।
उन्होंने संवेदनशीलता के साथ योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए निर्देश दिए। कहा कि योजना में चिह्नित सभी बच्चों का आवेदन तथा सत्यापन शीघ्र कराया जाए। यह मुख्यमंत्री की अति महत्वाकांक्षी योजना है। इसका लाभ ऐसे बच्चों को दिया जाना है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता-पिता या अपने किसी एक अभिभावक को खो दिया है। कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि सभी शासकीय तथा निजी चिकित्सालयों के चिकित्साधिकारी के साथ बैठक कर योजना के संबंध में बताएं और कोविड-19 से संबंधित प्रमाणपत्र के निर्गत, सत्यापन की प्रक्रिया को सरल एवं शीघ्र कराना सुनिश्चित करें, जिससे पात्र बच्चों को लाभान्वित किया जा सके। डीएम ने योजना के आवेदन प्रपत्र सत्यापन रिपोर्ट तथा प्रगति के संबंध में आठ जून को जानकारी देने के निर्देश दिए। टॉस्क फोर्स के सचिव जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार ने योजना के बारे में बताया कि कोविड-19 महामारी से प्रभावित ऐसे सभी बच्चों, जिनके माता-पिता अथवा दोनों में से किसी एक की कोविड संक्रमण व प्रभाव से मृत्यु हो गई है। जिन बच्चों के कोई करीबी अभिभावक न हों अथवा होने के बाद भी वह उन्हें अपनाना न चाहें, या अपनाने में सक्षम न हों, के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। प्रभावित बच्चों की श्रेणियों, पात्रता योजना के अंतर्गत देय लाभ की श्रेणियां, योजना का लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया, जांच, लाभार्थियों का सत्यापन, ऑफलाइन आवेदन के लिए आवश्यक अभिलेखों तथा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आवेदन के संबंध में जानकारी दी।
विज्ञापन
एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज ने बताया कि जिला प्रोवेशन अधिकारी से कुल 56 बच्चों की सूची प्राप्त हुई है। इसका आवेदन प्रपत्र पूर्ण कराने के साथ सत्यापन की कार्रवाई ग्रामीण स्तर से बीडीओ तथा शहरी क्षेत्रों के लिए एसडीएम स्तर से कराया जाना है। एसडीएम को आवेदन प्रपत्र पूर्ण कराते हुए आवश्यकतानुसार आय प्रमाणपत्र निर्गत करने के साथ मॉनीटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार नीरज शर्मा ने बताया कि बच्चों की उम्र से संबंधित प्रमाणपत्र के लिए शैक्षणिक संस्थान द्वारा निर्गत प्रमाणपत्र या परिवार व कुटुंब रजिस्टर की छायाप्रति मान्य है। गूगल मीट में डीडीओ/ प्रभारी सीडीओ, सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय, सभी एसडीएम, बीडीओ, संरक्षण अधिकारी आदि जुड़े रहे।
विज्ञापन