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जेई-एईएस के नियंत्रण की कार्य योजना बनाएं
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जेई-एईएस के नियंत्रण की कार्य योजना बनाएं
डीएम ने वेक्टरजनित संचारी रोगों को लेकर अधिकारियों के साथ की गूगल मीट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जेई, एईएस, वेक्टर जनित संचारी रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए डीएम आशुतोष निरंजन ने गूगल मीट के माध्यम से संबंधित विभागों की बैठक की। उन्होंने बीमारी की रोकथाम के लिए कार्य योजना बनाकर तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए। कहा कि बरसात में वेक्टरजनित बीमारियों का प्रकोप फैलने की आशंका प्रबल होती है। इसलिए अभी से पूरी कार्य योजना बना ली जाए और उस पर कार्य किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जेई-एईएस के प्रभावी नियंत्रण के लिए साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता आदि बिंदुओं पर कार्य योजना बना ली जाए। गंबूजिया मछली के लिए तालाबों का चिह्नांकन कर लिया जाए तथा गांव में साफ-सफाई की भी कार्य योजना जिला पंचायत राज अधिकारी बना कर उसे सुनिश्चित कराया जाए। कहा कि पिछले दो वर्षों में इस बीमारी से प्रभावित गांव की सूची उपलब्ध कराई जाए, जिससे रणनीति तैयार कर कार्ययोजना बनाई जा सके। डीएम ने निगरानी समिति के सदस्य कोविड-19 के साथ वेक्टरजनित बीमारियों के नियंत्रण में भी अपनी भूमिका निभाएंगे और सर्विलांस के कार्यों को प्राथमिकता के साथ करेंगे। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, मत्स्य अधिकारी सहित जुड़े सभी विभागों को इस बीमारी के नियंत्रण में उनके दायित्व से अवगत कराते हुए उसे पूरी तत्परता के साथ निर्वहन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कहा कि जेई-एईएस बीमारी के नियंत्रण में सभी विभागों का अंतर विभागीय समन्वय जरूरी है, ऐसे में वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। गूगल मीट में सीडीओ शिव शरणप्पा जीएन, सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. अंकुर, डीपीआरओ आनंद प्रकाश, जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकांत राय, प्रभारी चिकित्साधिकारी आदि जुड़े रहे।
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डीएम ने वेक्टरजनित संचारी रोगों को लेकर अधिकारियों के साथ की गूगल मीट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जेई, एईएस, वेक्टर जनित संचारी रोगों के प्रभावी नियंत्रण के लिए डीएम आशुतोष निरंजन ने गूगल मीट के माध्यम से संबंधित विभागों की बैठक की। उन्होंने बीमारी की रोकथाम के लिए कार्य योजना बनाकर तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए। कहा कि बरसात में वेक्टरजनित बीमारियों का प्रकोप फैलने की आशंका प्रबल होती है। इसलिए अभी से पूरी कार्य योजना बना ली जाए और उस पर कार्य किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जेई-एईएस के प्रभावी नियंत्रण के लिए साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता आदि बिंदुओं पर कार्य योजना बना ली जाए। गंबूजिया मछली के लिए तालाबों का चिह्नांकन कर लिया जाए तथा गांव में साफ-सफाई की भी कार्य योजना जिला पंचायत राज अधिकारी बना कर उसे सुनिश्चित कराया जाए। कहा कि पिछले दो वर्षों में इस बीमारी से प्रभावित गांव की सूची उपलब्ध कराई जाए, जिससे रणनीति तैयार कर कार्ययोजना बनाई जा सके। डीएम ने निगरानी समिति के सदस्य कोविड-19 के साथ वेक्टरजनित बीमारियों के नियंत्रण में भी अपनी भूमिका निभाएंगे और सर्विलांस के कार्यों को प्राथमिकता के साथ करेंगे। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, मत्स्य अधिकारी सहित जुड़े सभी विभागों को इस बीमारी के नियंत्रण में उनके दायित्व से अवगत कराते हुए उसे पूरी तत्परता के साथ निर्वहन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कहा कि जेई-एईएस बीमारी के नियंत्रण में सभी विभागों का अंतर विभागीय समन्वय जरूरी है, ऐसे में वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। गूगल मीट में सीडीओ शिव शरणप्पा जीएन, सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. अंकुर, डीपीआरओ आनंद प्रकाश, जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकांत राय, प्रभारी चिकित्साधिकारी आदि जुड़े रहे।
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