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Deoria News: ग्राम न्यायालय के लिए सिविल और तहसील बार संघ के वकील आमने-सामने
Fri, 23 Feb 2024 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 23 Feb 2024 11:59 PM IST
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वकीलों ने आयुक्त से की ग्राम न्यायालय की स्थापना की मांग
रुद्रपुर में संचालन नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। ग्राम न्यायालय की स्थापना को लेकर अधिवक्ता संघ दो खेमों में बंट गया है। जिला बार एसोसिएशन व कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के वकील इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं, तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ता ग्राम न्यायालय का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं।
ग्राम न्यायालयों के विरोध में सिविल कोर्ट के वकीलों की हड़ताल पर जाने के बाद तहसील बार संघ के अधिवक्ताओं ने ग्राम न्यायालयों की स्थापना नही होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को तहसील बार संघ के अधिवक्ताओं ने तहसील कार्यालय का निरीक्षण करने आए अपर आयुक्त भरत तिवारी को ज्ञापन देकर रुद्रपुर में ग्राम न्यायालय की स्थापना कराने की मांग की। बार संघ के अध्यक्ष सभामणि मिश्र, महामंत्री आनंद शंकर मणि और पूर्व अध्यक्ष बृजबिहारी पांडेय ने कहा कि जिले की अधिकांश तहसीलों में ग्राम न्यायालय का संचालन शुरू हो गया है। लेकिन, रुद्रपुर में ग्राम न्यायालय की स्थापना नहीं की जा रही है। यदि तीन दिनों में ग्राम न्यायालय की स्थापना नहीं हुई तो सोमवार से तहसील बार संघ के अधिवक्ता न्यायालयों का बहिष्कार करेंगे।
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उधर, ग्राम न्यायालय के विरोध में सिविल व कलक्ट्रेट बार के हड़ताल पर जाने से जिले पर न्यायालयों में काम-काज ठप चल रहा है। जनता को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार ग्राम न्यायालय खोल रही है। इन न्यायालयों में दीवानी और फौजदारी दोनों मामलों को देखा जाएगा। दो साल तक की सजा के फौजदारी और 25 हजार रुपये मालियत तक के सिविल के मुकदमों की सुनवाई होगी।
तहसील बार संंघ के अधिवक्ताओं ने ग्राम न्यायालय को सुलभ न्याय का जरिया बताया। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर सिविल और फौजदारी के मामले की सुनवाई होने से वादकारियों का भला होगा। जिला न्यायालयों में मुकदमों का लोड भी कम हो जाएगा।
अपर आयुक्त को ज्ञापन देने वालों में रामेश्वर मणि त्रिपाठी, शशिभूषण सिंह, अनिल कुमार यादव, अशफाक अहमद, वशिष्ठ नारायण पांडेय, रमेश चंद मणि आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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रुद्रपुर में संचालन नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। ग्राम न्यायालय की स्थापना को लेकर अधिवक्ता संघ दो खेमों में बंट गया है। जिला बार एसोसिएशन व कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के वकील इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं, तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ता ग्राम न्यायालय का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं।
ग्राम न्यायालयों के विरोध में सिविल कोर्ट के वकीलों की हड़ताल पर जाने के बाद तहसील बार संघ के अधिवक्ताओं ने ग्राम न्यायालयों की स्थापना नही होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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शुक्रवार को तहसील बार संघ के अधिवक्ताओं ने तहसील कार्यालय का निरीक्षण करने आए अपर आयुक्त भरत तिवारी को ज्ञापन देकर रुद्रपुर में ग्राम न्यायालय की स्थापना कराने की मांग की। बार संघ के अध्यक्ष सभामणि मिश्र, महामंत्री आनंद शंकर मणि और पूर्व अध्यक्ष बृजबिहारी पांडेय ने कहा कि जिले की अधिकांश तहसीलों में ग्राम न्यायालय का संचालन शुरू हो गया है। लेकिन, रुद्रपुर में ग्राम न्यायालय की स्थापना नहीं की जा रही है। यदि तीन दिनों में ग्राम न्यायालय की स्थापना नहीं हुई तो सोमवार से तहसील बार संघ के अधिवक्ता न्यायालयों का बहिष्कार करेंगे।
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उधर, ग्राम न्यायालय के विरोध में सिविल व कलक्ट्रेट बार के हड़ताल पर जाने से जिले पर न्यायालयों में काम-काज ठप चल रहा है। जनता को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार ग्राम न्यायालय खोल रही है। इन न्यायालयों में दीवानी और फौजदारी दोनों मामलों को देखा जाएगा। दो साल तक की सजा के फौजदारी और 25 हजार रुपये मालियत तक के सिविल के मुकदमों की सुनवाई होगी।
तहसील बार संंघ के अधिवक्ताओं ने ग्राम न्यायालय को सुलभ न्याय का जरिया बताया। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर सिविल और फौजदारी के मामले की सुनवाई होने से वादकारियों का भला होगा। जिला न्यायालयों में मुकदमों का लोड भी कम हो जाएगा।
अपर आयुक्त को ज्ञापन देने वालों में रामेश्वर मणि त्रिपाठी, शशिभूषण सिंह, अनिल कुमार यादव, अशफाक अहमद, वशिष्ठ नारायण पांडेय, रमेश चंद मणि आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।